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  • Up To 2 Feet Of Potholes In Bharatpur Mathura Inter Estate Road, 10 To 15 Accidents Happening Daily, It Takes One And A Half Hours To Reach Mathura Instead Of 23 Minutes

मेगा हाइवे बेहाल:भरतपुर-मथुरा इंटर इस्टेट सड़क में 2 फुट तक के गड्ढे, रोज हो रहे 10 से 15 एक्सीडेंट, मथुरा पहुंचने में भी 23 मिनट के बजाय लगता है डेढ़ घंटा

भरतपुर2 महीने पहले
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बीते एक साल से भरतपुर-मथुरा इंटर इस्टेट रोड खस्ताहाल है। राजस्थान सरकार की संस्था रिडकोर की ओर से मेगा हाइवे में बनाए गए 23 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में जगह-जगह 6 इंच से 2 फीट तक के करीब 1400 गड्ढे हैं। इसमें बीच में पड़ने वाले कंजोली और रारह रेलवे ओवर ब्रिज में तो बड़े-बड़े सरिए बाहर निकल आए हैं। इनसे रोजाना छोटी-बड़ी 10 से 15 दुर्घटनाएं हों रही हैं। जबकि करीब 2 दर्जन वाहन खराब होते हैं। भरतपुर में स्लिप डिस्क के रोगी भी बढ़ रहे हैं। क्योंकि यहां के लोगों का नियमित मथुरा तक आना-जाना रहता है।

हालात ये हैं कि 23 किमी के सफर में 30 मिनट के बजाय 1.30 से 1.45 घंटे तक लग रहे हैं। भास्कर संवाददाता ने बुधवार को आगरा-जयपुर नेशनल हाइवे स्थित सेवर सरसों अनुसंधान केंद्र से रारह यूपी बॉर्डर तक के रोड का जायजा लिया। इस दौरान कई लोग वाहनों को धक्का देकर खींचते या क्रेन से खिंचवाकर दुरुस्त कराने के लिए ले जाते हुए देखे गए हैं। रारह के पास सहनावली के लोगों ने बताया कि गड्ढों के कारण यहां आए दिन ट्रक अथवा बड़े वाहनों के एक्सल टूटना या पहिया पंचर होना आम बात है। गड्ढों से बचने-बचाने के चक्कर में कई बार वाहन आपस में भिड़ जाते हैं और दुपहिया वाहन तो स्लिप तक हो जाते हैं।

आए दिन बड़े वाहनों के एक्सल टूटने से लगता है जाम

सुरभि एसोसिएट वर्कशॉप के सुपर वाइजर डिंगबर सिंह ने बताया कि टूटी सड़कों से जब वाहन गुजरते हैं तो उनका व्हील अलाइनमेंट डिस्टर्ब हो जाता है। जिससे टायर घिसने लगते हैं। सस्पेंशन और शॉकर खराब हो जाते हैं।

एक्सपर्ट व्यू- स्लिप डिस्क के चांस ज्यादा: डॉ. शर्मा
गड्ढों में तेज गति से वाहन निकालने पर शरीर रीढ़ की हड्डी पर दबाव आता है। लगातार झटके लगने से डिस्क स्लिप हो जाती है।- डाॅ. वीएन शर्मा, फिजियाेथेरेपिस्ट

सरकारी काम में देर लगती है: रेलवे
कंजौली और रारह ओवरब्रिज मरम्मत के लिए मंजूरी ले रहे हैं। अब सरकारी काम है, इसमें वक्त तो लगता ही है। ओवर ब्रिज का काम होने में करीब दो महीने लगेंगे। -सुनील प्रजापति, सीनियर डीईएन रेलवे

उपभोक्ता आयोग में केस कर ली सकती है क्षतिपूर्ति राशि
इस रोड पर रिडकोर टोल वसूल रही है। उसकी जिम्मेदारी है वह रोड को सही रखे। गड्ढायुक्त सड़क की वजह से अगर स्लिप डिस्क हो अथवा गाड़ी में नुकसान। इलाज की पर्ची और गाड़ी मरम्मत बिल से जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में रिडकोर और रेलवे के खिलाफ केस कर सकते हैं। -दीपक मुदगल, सदस्य, जिला उपभोक्ता आयोग

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