बच्चे को स्कूल में लगा करंट, 2 उंगलियां झुलसीं:बाथरूम गंदा होने की वजह से खुले में गया था टॉयलेट करने, दीवार से जा रहा तार आया बच्चे के हाथ में

भरतपुर21 दिन पहले
12वीं कक्षा में पढ़ने वाला स्टूडेंट देवेश इनसेट में देवेश की जली हुई उंगलियां।

भरतपुर जिले के रूपवास तहसील में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को एक स्टूडेंट को करंट लग गया जिससे उसकी हाथ की दो उंगलियां झुलस गई। बच्चे को रूपवास अस्पताल से आरबीएम अस्पताल रेफर किया गया है जहां उसका इलाज जारी है। बच्चा टॉयलेट करने के लिए बाथरूम में गया था। वहां गंदगी होने के कारण वह बाथरूम के पीछे के हिस्से में चला गया जहां दीवार में करंट आ रहा था। जिससे यह हादसा हो गया।

कैसे हुआ हादसा

12वीं कक्षा में पढ़ने वाले स्टूडेंट देवेश मुर्रीका गांव का रहने वाला है। उसका पूरा परिवार रूपवास में रहता है। देवेश ने बताया की उसका एक हाथ दीवार से टच हो गया। दीवार से एक बिजली का तार जा रहा था जिसके कारण दीवार में अर्थ आ रहा था। हाथ टच होते ही देवेश को करंट का झटका लगा। करंट का झटका लगते देवेश का पैर फिसल गया। गिरते हुए देवेश ने अपने आप को संभालने के लिए दीवार का सहारा लेना चाह लेकिन उसके हाथ में तार आ गया जिसमें करंट आ रहा था। करंट लगने के बाद देवेश वहीं बेहोश पड़ा रहा।

बाथरूम के पीछे का हिस्सा जहां से बिजली का तार जा रहा है इसी तार से लगा देवेश को करंट।
बाथरूम के पीछे का हिस्सा जहां से बिजली का तार जा रहा है इसी तार से लगा देवेश को करंट।

स्टूडेंट ने देखा देवेश को बेहोशी की हालत में

काफी समय तक मौके पर बेहोश पड़ा रहा। जब दूसरे स्टूडेंट वहां टॉयलेट करने के लिए गए तो उन्होंने देवेश को बेहोश पड़े देखा जिसके बाद उन्होंने स्कूल टीचर को बताया तब जाकर देवेश को रूपवास के अस्पताल पहुंचाया गया जहां से उसे भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया।

टीचर बोले बच्चे को क्या जरुरत थी वहां टॉयलेट जाने की

घटना की सूचना मिलने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र शर्मा और जटमासी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल नवीन लवानियां मौके पर पहुंचे। नवीन लवानियां आरबीएम अस्पताल पहुंचे जब नवीन लवानियां से बात की तो उन्होंने कहा कि आज कल के बच्चे खुद शैतान हैं। बच्चे को पीछे टॉयलेट करने जाने की क्या जरूरत थी। साथ ही नवीन लवानियां ने यह भी कहा कि - लिख देना बच्चे को करंट टीचर ने लगाया है।

राजकीय उच्चा माध्यमिक विद्यालय रूपवास के बाथरूम जिनकी नालियां बंद पड़ी हुई हैं।
राजकीय उच्चा माध्यमिक विद्यालय रूपवास के बाथरूम जिनकी नालियां बंद पड़ी हुई हैं।

टॉयलेट पड़े हैं कई दिनों से गंदे

स्कूल के बाथरूम कई दिनों से गंदे हैं जिसके कारण स्कूल के बच्चे बाथरूम के पीछे टॉयलेट करने के लिए जाते हैं। लेकिन स्कूल प्रशासन बाथरूम साफ करवाने पर कोई ध्यान नहीं देता। अगर बाथरूम साफ़ होते तो बच्चे खुले में टॉयलेट करने को मजबूर नहीं होते। स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण देवेश की जान आज खतरे में आ गई।