किसानों परेशान:खेतों में खड़ी रबी फसल को नष्ट कर रहे हैं आवारा पशु व वन्यजीव

रुदावलएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गांव में खेत में खड़ी फसल को नष्ट करती नीलगाय। - Dainik Bhaskar
गांव में खेत में खड़ी फसल को नष्ट करती नीलगाय।

जिले को सरसों उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है, लेकिन आज बदलते हालातों ने इस क्षेत्र के किसानों को खेती करना मुश्किल कर दिया है। इसका मुख्य कारण घटता भूमिगत जलस्तर एवं सिंचाई की व्यवस्था नहीं होना है। इसी बीच किसानों के लिए सबसे बडी समस्या आवारा गोवंश, सूअर, रोजडे एवं नीलगाय बनी हुई है। किसान दिन-रात मेहनत एवं पानी की जुगाड़ करके खेतों की सिंचाई कर फसल तैयार कर रहे है, लेकिन आवारा पशु व वन्यजीव खेतों में घुसकर फसल को नष्ट कर रहे है।

जिससे किसानों को दिन-रात खेतों पर रहकर रखवाली करनी पड़ रही है। आवारा पशुओं व वन्यजीवों के चलते कस्बे से सटे खेतों की स्थिति अधिक खराब हो रही है। इन खेतों के मालिक खड़ी फसल में पशुओं के चरने व खराब करने के कारण होने वाले नुकसान के कारण रखवाली से तंग आकर इन खेतों को बंजर रखना ही मुनासिब समझ रहे है। किसानों ने जानवरों से फसल को बचाने के लिए खेत की तारबंदी भी कर दी है, लेकिन जानवर तारबंदी को भी तोडकर खेतों में घुस रहे है।

इस बार क्षेत्र में सबसे ज्यादा सरसों की फसल बोई हुई है। किसान मोहनसिंह, लेखराज, नीरज कटारा, नवीन, राजेश, फतेहसिंह ने बताया कि दोनों फसलों के लिए इस क्षेत्र की जमीन काफी उपजाऊ मानी जाती है। इस क्षेत्र में करीब दो दशक पूर्व तक मटर, सौंफ, ईंख की पैदावार भी खूब होती थी, लेकिन क्षेत्र में कम बारिश एवं पांचना बांध बनने के बाद गम्भीर व कुकंद नदी में पानी की आवक बंद होने के बाद गिरते जलस्तर के साथ क्षेत्र में बढ़ते आवारा पशुओं की भरमार ने पैदावार करना मुश्किल भरा कर दिया है।

खेत बुवाई से लेकर कटाई तक में मानव श्रम की बढ़ती मंहगाई के कारण किसान को लागत की भी वसूली नहीं हो पाती है और पूरी साल गर्मी व सर्दी में मेहनत करनी पड़ती है सो अलग है। किसानों का कहना है कि एक बीघा जमीन में मेहनत व लागत के बाद एक सीजन में मुश्किल से पांच से सात हजार रुपए ही मिल पाते है।

इससे अच्छा तो खेत को किराएं पर देना अच्छा है। फसल अच्छी हो या खराब खेत मालिक को अपना तय किराया तो मिल ही जाता है। इस बार सरसों के भाव अच्छे होने के कारण किसानों ने राहत की उम्मीद ली और सबसे ज्यादा सरसों की फसल बोई है, लेकिन आवारा जानवरों ने किसानों का जीना हराम कर दिया है।

खबरें और भी हैं...