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जल्दी बरसो बदरा:खाली हुआ बंध बारैठा, 38 गांवों की 10 हजार एकड़ जमीन में खेती पर संकट

रुदावल20 दिन पहलेलेखक: विशेष गर्ग
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लगातार पांच वर्षो से खाली रह रहे इस बांध में भराव क्षमता 1860 के मुकाबले अब सिर्फ 264.60 मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी ही बचा है। - Dainik Bhaskar
लगातार पांच वर्षो से खाली रह रहे इस बांध में भराव क्षमता 1860 के मुकाबले अब सिर्फ 264.60 मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी ही बचा है।
  • जिले के 197 में से 196 बांध रीते, सबसे बड़े बांध में 1860 के मुकाबले सिर्फ 264.60 एमसीएफटी पानी

लगातार लेट हो रहे मानसून ने किसानों के साथ-साथ प्रशासन और अन्य लोगों की भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। भीषण गर्मी और कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने से जिले के 197 में से बांध बारैठा को छोडकर सभी 196 बांध रीत गए हैं। इनमें पानी बिलकुल नहीं है। सबसे बडे बांध बारैठा की हालत बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है। क्योंकि लगातार पांच वर्षो से खाली रह रहे इस बांध में भराव क्षमता 1860 के मुकाबले अब सिर्फ 264.60 मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी ही बचा है।

इसे भी डैड स्टॉक मान सकते हैं। यह बांध आखिरी बार वर्ष 2016 में फुल हुआ था। इसका कैचमेंट एरिया करीब 181 वर्ग किलोमीटर में फैला है। अगर इस बार भी अच्छी बारिश नहीं हुई तो रूपवास और बयाना तहसीलों के 38 गांव के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा। करीब 5 साल पहले 7 जुलाई 2017 को इसका गेज 578.80 एमसीएफटी था। जबकि अब 264.60 एमसीएफटी है।

जलसंसाधन विभाग के एक्सईएन आरडी शर्मा ने बताया कि जिले में 197 बांध है। इनमें 156 पंचायतीराज और 41 बांध सिंचाई विभाग के अधीन हैं। अभी बांध बारैठा को छोडकर सभी 196 बांध सूखे पडे हैं। इससे भूमिगत जलस्तर भी गिरता जा रहा है। बांध में भी पिछले पांच साल से पानी की अच्छी आवक नहीं हो रही है। इसलिए इसका ज्यादातर एरिया सूखा दिख रहा है।

बांध से रूपवास और बयाना तहसील के 38 गांवों की 10 हजार एकड भूमि सिंचित होती है। इस बांध से 503 एमसीएफटी भरतपुर को पेयजल के लिए दिया जाता है। जबकि 70 एमसीएफटी पानी डेड स्टोरेज और 60 एमसीएफटी पानी सीपेज लाॅस में चला है। सिंचाई के लिए 500 एमसीएफटी पानी की जरूरत होती है।

इस बांध से कैनाल संख्या-1 महमदपुरा होते हुए खटका से निकलकर पुराबाई खेडा तक 6550 मीटर लंबी है। कैनाल संख्या-2 बांध बारैठा से रुदावल-नाथपुरा तक 7925 मीटर और कैनाल संख्या-3 बांध बारैठा से सूपा होकर नगला कुलवारिया नारौली तक 9450 मीटर लंबी है।

प्रमुख बांधों में पानी की स्थिति

बारिश हो तो लौटे बांधों की रौनक

पिछले कुछ सालों से अच्छी बारिश नहीं होने के कारण जिले के 197 बांध में से बांध बारैठा को छोडकर सभी 196 बांध लगभग सूख चुके है। बारैठा जिले का स्टोरेज बांध है। इसका गेज भी लगातार गिर रहा है। इस मानसून में अच्छी बारिश हो तो ही बांधों की रौनक लौट सकती है।
- राकेश गुप्ता, एसई, जलसंसाधन विभाग

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