तबाही के निशान छोड़ गई पार्वती:नदी से सटे गांवों की खेती को भारी नुकसान,सदमे में किसान, फसल की बर्बादी से पशुओं के लिए चारे का संकट

सैंपऊ3 महीने पहले
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सैंपऊ. बाढ़ के पानी में डूबने से बर्बाद हुई बाजरे की फसल। - Dainik Bhaskar
सैंपऊ. बाढ़ के पानी में डूबने से बर्बाद हुई बाजरे की फसल।
  • आर्थिक तंगी के कारण सदमे में किसान

पार्वती नदी में आई बाढ़ से इलाके में हुई तबाही के निशान पानी उतरने के बाद साफ दिखाई देने लगे हैं। पार्वती नदी से सटे उपखंड क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में सैंकड़ों बीघा खेतों में खड़ी खरीफ की फसल पानी में डूब जाने से बर्बाद हो गई है।

फसल के बर्बाद होने से जहां पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है तो दूसरी ओर किसानों को जीवन यापन करने के लिए आगामी समय में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खेतों में जलभराव से फसल के गलने से किसान सदमे में है। खेती को हुए नुकसान को लेकर किसान अब सरकार और प्रशासन का मुंह ताक रहे हैं।

इलाके में पार्वती नदी में आई बाढ़ से सैंपऊ सहित महादेव, मढा, कांकौली, गढ़ी लज्जा, खपरैला, हंसपुरा, हाजीपुर, देवदह का पुरा, बरुअर का पुरा, आरी, तसीमों, चौरखेडा, कोलुआ, गढ़ी चटोला आदि अनेक गांवों की फसल जलभराव से गलकर नष्ट हो गई है। ऐसे में किसान के द्वारा कर्जा लेकर बोई गई खरीफ की फसल के बर्बाद होने से किसान वर्ग आर्थिक नुकसान से सदमे की हालत में है।

किसानों का रोना है कि पिछले 2 वर्ष से कोरोना की वजह से हर वर्ग आर्थिक तंगी झेल रहा है, किसानों पर भी इसकी मार पड़ी है। कमाई का कोई दूसरा जरिया नहीं होने की वजह से फसल पर आश्रित किसान को इलाके में आई बाढ़ से तगड़ा झटका लगा है। बारिश की गफलत से खेतों में इस बार दो से तीन बार की गई बोबनी सहित बीज खाद सब कुछ बेकार चला गया।

किसानों को अब सरकार से ही आस, विधायक को ज्ञापन देकर मुआवजे की मांग

चिंता की बात यह है कि आगामी समय में किसान के पास परिवार के भरण-पोषण से लेकर पशुओं को खिलाने के लिए हरा चारा भी खेतों में नहीं बचा है। ऐसी स्थिति में किसानों को केवल सरकार और प्रशासन का आसरा बचा है। फसलों में हुए नुकसान को लेकर शुक्रवार को ही क्षेत्र के किसानों के द्वारा बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को ज्ञापन देकर राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन से बर्बाद हुई खरीफ की फसल का मुआवजा दिलाई जाने की मांग की है। मलिंगा द्वारा जिला कलेक्टर और सरकार से किसानों को हर संभव मदद दिलाई जाने का भरोसा दिया गया है।

तेज धार में बह गया महादेव से देवदह का पुरा को जोड़ने वाला मार्ग

महादेव मंदिर से देवदह का पुरा को जोड़ने वाला मार्ग बाढ़ के पानी में पूरी तरह बर्बाद हो गया है। ग्रामीणों को आवागमन के लिए खेतों से निकलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा 3 वर्ष पहले खरंजा निर्माण कराया था। नदी में आई बाढ़ के पानी के तेज बहाव ने खरंजा को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

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