मौसम का मिजाज बदला:जिले में मावठ से कई जगह बिछ गई सरसों की फसल, नुकसान की आशंका से सहमे किसान

सैंपऊ10 दिन पहले
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  • बारिश से फसलों में तना और गलन रोग की आशंका, गेहूं की फसल को होगा फायदा

गत 3 दिन से जिले में चल रहे खराब मौसम ने बुधवार की दरमियानी रात अपना रूप दिखा दिया। बूंदाबांदी के साथ हुई बारिश ने सर्दी में भारी इजाफा कर दिया है। वही पूर्वी दिशा से चल रही हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी है। कड़ाके की सर्दी में आमजन का जनजीवन बेहाल कर दिया है। सर्दी के सितम का असर पशु पक्षियों के साथ वन्यजीवों पर भी देखा जा रहा है। फसलों के लिए बेमौसम बारिश नुकसानदायक मानी जा रही है।

हालांकि कुछ फसलों में फायदा भी देखा जा रहा है। आलू और सरसों की फसल में नुकसान तो गेहूं और चने की फसल के लिए बारिश वरदान किसान सुनील कुमार ने बताया पिछले 3 दिन के साथ तो कभी आसमान में बादल छा रहे थे। बुधवार शाम को मौसम यकायक करवट बदल गया। बूंदाबांदी के साथ बीती रात और गुरुवार दिन भर चले बारिश के दौर ने किसानों को झकझोर दिया है।

किसानों के मुताबिक यदि मौसम ऐसे ही बिगड़ता रहा तो रवी फसलों में सरसों और आलू फसल में नुकसान की संभावना बढ़ जाएगी। दोनों फसलों में बारिश से तना गलन, फंगीसाइड एवं अन्य रोग भी दस्तक दे सकते हैं। वही गेहूं और चना फसल में बारिश लाभकारी भी मानी जा रही है।

लेकिन जिले में इस बार सरसों का रकबा कृषि विभाग द्वारा रखे गए लक्ष्य से ज्यादा है और नुकसान भी सबसे ज्यादा सरसों की फसल में देखने को आ रहा है। ऐसे में सरसों की फसल में शराबी को लेकर किसान बेहद चिंतित दिखाई दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश के कारण मोटी लागत लगाने के साथ दिन-रात की मेहनत करके तैयार की गई फसल को हर बार मौसम दगा दे रहा है।

किसान पप्पू बघेल ओम प्रकाश जाटव गोपाल कुशवाह सोनू तिवारी आदि ने बताया कि कड़ी मेहनत और दिन-रात रखवाली करने के बाद खेतों में जो फसल तैयार हुई थी वह यह मौसम बारिश की भेंट चढ़ती हुई दिखाई दे रही है। सरसों की फसल को रिमझिम और लगातार जारी बारिश के दौर से भारी खतरा है। उधर मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी राजस्थान मे मौसम के और भी खराब होने की संभावना बनी हुई है। बारिश के साथ ओलावृष्टि के भी संकेत दिखाई दे रहे है जो जिले के किसानों के लिए सबसे बड़ा चिंता का विषय है।

सर्दी से लोग घरों में कैद
गुरुवार सुबह से ही सर्द हवा शुरू हो गई। हाड़ कपाती सर्दी ने लोगों को घरों में कैद करने के लिए मजबूर कर दिया। सर्दी से निजात पाने के लिए लोग आग जलाकर अलावों का सहारा लेते हुए दिखाई दिए। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग और स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई। आमजन के साथ पशु पक्षी एवं वन्यजीवों पर भी कड़ाके की सर्दी का असर देखा गया। मौजूदा वक्त में भी आसमान में बादल मंडरा रहे हैं।

फिसलन से बढ़ी मुसीबत
बीती रात से जारी बेमौसम बारिश ने ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। लोग आवागमन करते समय फिसलन का शिकार हो रहे है, स्थानीय उपखंड मुख्यालय के अधिकांश सड़क मार्ग और बाजारों में और जलभराव देखा गया जिसके चलते लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ी। आम रास्तों पर कीचड़ की समस्या भी बनी।

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