फोर्ट फेस्टिवल:13 प्रस्तुतियों ने 3 घंटे तक बांधे रखा दर्शकों को केजी कदम मंच पर ही पलों में उकेरते रहे चित्र

चित्तौड़गढ़8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • अंतिम दिन सांस्कृतिक केंद्रों के लोक कलाकारों व स्थानीय प्रतिभाओं ने प्रस्तुतियां दी

पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के तत्वावधान में तीसरा चित्तौड़गढ़ फोर्ट फेस्टिवल शनिवार रात सांस्कृतिक संध्या के साथ संपन्न हो गया। शहर के गोराबादल स्टेडियम में एक के बाद एक 13 प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधे रखा। जिसमें सांस्कृतिक केंद्रों से आए लोक कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं व कलाकार भी शामिल थे।

सहायक पर्यटन अधिकारी शरद व्यास ने बताया कि बतौर अतिथि सांसद सीपी जोशी, उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की निदेशक दीपिका पोखरना, सेवानिवृत आईपीएस आनंदवर्धन शुक्ला, कलेक्टर केके शर्मा व एसपी दीपक भार्गव आदि ने भी कलाकारों का मनोबल बढाया। बड़ी संख्या में मौजूद दर्शक हर प्रस्तुति पर तालियां बजाकर हौसलाअफजाई करते रहे। सैयद अली की सरस्वती वंदना के बाद स्थानीय गायक विजय मलकानी और पिंकी ने युगल गीत पेश किया।

इसके बाद क्रमवार हरियाणवी नृत्य, सैलानी ग्रुप द्वारा सूफी गायन व रश्मि कला केंद्र चित्तौड़गढ़ की तन्वी सक्सेना ने एकल नृत्य प्रस्तुत किए। इसी बीच भीलवाड़ा के नामचीन चित्रकार केजी कदम भी मंच पर आए। जिन्होंने कीरतवारी नामक प्रस्तुति से कैनवास पर चित्र उकेरे। किसी को अंदाजा नहीं था कि वे एक चित्र खिंचने के बाद फर्राटे से उसी में नए चित्र उकेरते रहेंगे। मथुरा के लोक कलाकारों ने ओडिसी नृत्य, मेवाड़ यूनिवर्सिटी द्वारा नाइजिरियन नृत्य, इसी यूनिर्वसिटी की राजऋषि ने मनमोहक व अलग अंदाज में बांसुरी वादन से रिझाया,रश्मि कला केंद्र द्वारा घूमर नृत्य, अधिश्री सिंह द्वारा तेरहताली, स्थानीय लोक कलाकार लक्ष्मीलाल द्वारा भवाई नृत्य की प्रस्तुती की गई।

रुद्राक्ष ग्रुप की बैंड प्रस्तुती के साथ प्रस्तुतियां समाप्त हुई। इसके बाद समापन घोषणा हुई। अंत में कलेक्टर शर्मा ने कहा कि दो दिन तक कई जगह कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर फेस्टिवल को ऊंचाइयां दी। सहायक पर्यटन अधिकारी शरद व्यास ने आभार जताया। इससे पूर्व दुर्ग के राणा रतनसिंह महल में आयोजित दीपदान कार्यक्रम में भी इस बार भारी संख्या में शहर और दुर्गवासी शामिल हुए। खास तौर पर महिलाएं सजधज कर दीपदान करने आई। युवतियों ने घूमर गीत पर नृत्य किया। सतरंगी रोशनी से महल के नीचे तालाब के घाट उत्सवी नजारा लिए थे।

लाइटिंग और सेल्फी पाॅइंट बना, रात तक पहुंचते रहे लोग

फोर्ट फेस्टिवल में पहली बार दुर्ग की प्राचीर सहित उसके महल, मंदिर, स्मारक व छतरियों पर की गई लाइटिंग आकर्षण रही। विजयस्तंभ, व्यू पाइंट, रतनसिंह व फतहप्रकाश महल जैसे कई स्थान रात के भी सेल्फी पाॅइंट बन गए। शहरवासियों ने कहा कि यदि फेस्टिवल को इसी तरह आयोजित किया जाएं तो धीरे धीरे इससे जनजुड़ाव बढ़ता जाएगा।

खबरें और भी हैं...