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तलाश जारी:कांग्रेस के नपा चेयरमैन पितलिया को 23 दिन में एसीबी ढूंढ पाई न पुलिस

चित्तौड़गढ़एक महीने पहले
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आरोपी एसीबी और पुलिस थाना बड़ीसादड़ी को मिल नहीं रहा। - Dainik Bhaskar
आरोपी एसीबी और पुलिस थाना बड़ीसादड़ी को मिल नहीं रहा।
  • ठेकेदार से 2 लाख की रिश्वत लेने के मामले में आरोपी बड़ीसादड़ी नगरपालिका चेयरमैन के घर तलाशी में पिस्टल और जिंदा कारतूस भी मिले थे
  • जयपुर महापौर को निलंबित करने वाली सरकार भी चुप

पुलिस और एसीबी बड़ीसादड़ी नगरपालिका चेयरमैन को 23 दिन बाद भी ढूंढ नहीं पाई है। ठेकेदार से दो लाख रुपए रिश्वत लेने के मामले में एसीबी और फिर घर में पिस्टल व जिंदा कारतूस मिलने पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। आरोपी चेयरमैन 25 मई को एसीबी ट्रैप कार्रवाई के समय से फरार है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं होने की आड़ में सरकार ने भी अब तक न निलंबन किया न किसी को चार्ज सौंपा।

सत्ताधारी और बड़े लोगों के आगे सरकारी एजेंसियों की कमजोरी और नियम कायदों के मखौल का यह मामला बड़ीसादड़ी नगरपालिका चेयरमैन निर्मल पितलिया का है। एक ठेकेदार से चेक के जरिये दो लाख की रिश्वत लेने के बाद रुपए बैंक से निकालते समय उदयपुर एसीबी टीम ने चेयरमैन के साले कुश शर्मा को गिरफ्तार किया था।

टीम चेयरमैन आवास पहुंची, तब तक वह तो फरार हो चुका था। तलाशी में एक पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, सरकारी फाइलें व दस्तावेज जब्त किए थे। हथियार मिलने से एसीबी की सूचना पर पुलिस भी पहुंची। परिजनों ने यह लाइसेंसशुदा बताया लेकिन लाइसेंस दिखा नहीं पाए। 31 मई तक पेश नहीं होने पर पुलिस ने चेयरमैन के मकान के बाहर नोटिस चस्पा किया।

विपक्ष जयपुर ग्रेटर निगम की महापौर के निलंबन पर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन करने वाली भाजपा भी यहां दबाव नहीं बना पा रही

सत्ता बचाने के दबाव के साथ गुटबाजी के कारण भी सरकार नहीं ले पा रही कोई फैसला?

नपा अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार सहित दो प्रकरण दर्ज होने और फरारी के चलते कायदे से तो सरकार को कार्रवाई के साथ अंतरिम चार्ज दिलाने के आदेश भी कर देने थे। नपा उपाध्यक्ष मुस्तफा बोहरा कांग्रेस नगर अध्यक्ष होकर सामान्य वर्ग में भी आते हैं। फिर उन्हीं को चार्ज देने में भी देरी क्यों? इसके पीछे सत्तासीन पार्टी की गुटबाजी भी चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार एक प्रभावशाली खेमा पितलिया को बचाने के साथ उपाध्यक्ष को चार्ज दिलाने के पक्ष में तो अन्य गुट पूर्व नपा चेयरमैन दिलीप चौधरी या किसी अन्य पार्षद को चार्ज दिलाने के पक्ष में है।

विपक्ष बर्खास्तगी के लिए कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद न लगातार दबाव और न प्रभावी मुददा?

एसीबी कार्रवाई के बाद प्रतिपक्ष भाजपा की ओर से सांसद सीपी जोशी, विधायक ललित ओस्तवाल व जिलाध्यक्ष गौतम दक आदि ने पार्टी के 11 पार्षदों के साथ कलेक्टर के पास जाकर ज्ञापन दिया था। जिसमें चेयरमैन पितलिया को सीधे बर्खास्त और जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। इसके बाद वो भी कुछ खास दबाव नहीं बना पा रही। जबकि जिलाध्यक्ष, विधायक से लेकर विस में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया तक का इस विस क्षेत्र से करीबी नाता है। जयपुर ग्रेटर नगर निगम में अपने महापौर को हटाने के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन कर चुकी भाजपा यहां इस मामले में ज्यादा आगे नहीं बढ़ी। हालांकि इसकी एक रणनीतिक वजह कांग्रेस की गुटबाजी को हवा देना भी माना जा रहा।

निर्मल पितलिया

उम्र: 42 वर्ष निवासी: ब्रह्मपुरी मोहल्ला बड़ीसादड़ी जिला चित्तौड़ पद-कार्यालय: चेयरमैन नगरपालिका बड़ीसादड़ी

नपा चेयरमैन निर्मल पितलिया के घर पर एसीबी की तलाशी में पिस्टल व दो जिंदा कारतूस जब्त हुए थे। तय समयावधि में भी लाइसेंस की प्रति पेश नहीं होने पर अवैध हथियार मानते हुए आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया। आरोपी का फोन बंद आ रहा। लोकेशन मिल नहीं पाई। दो टीमें गठित कर रखी है। उम्मीद है कि जल्द गिरफ्तारी होगी।

रामरूप मीणा, एसएचओ

गिरफ्तार चेयरमैन पितलिया का साला कुश शर्मा जेल में है। रिश्वत मामले में निर्मल पितलिया भी आरोपी है पर वो अब तक नहीं मिल पाया। हमने स्थानीय पुलिस व नपा प्रशासन आदि को भी सूचित कर दिया कि वो वांटेड है। आर्म्स एक्ट का प्रकरण दर्ज होने से थाना पुलिस भी उसे ढूंढ रही है। जिले के एसपी और एएसपी से बात कर भी आग्रह किया है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अब और विशेष टीम बनाएं।

उमेश ओझा, एएसपी एसीबी उदयपुर

मूलभूत समस्या और प्रकरणों में पार्षद बेबस

सरकार की ओर से 23 दिन बाद भी चेयरमैन का चार्ज किसी को नहीं देने से नगर की मूलभूत समस्याओं और अन्य कार्य की पत्रावलियां लंबित पड़ी है। पार्षदों की भी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है।

50% कमीशन मांगा, खाली चेक लेकर अधिक राशि निकलवा ली

नगरपालिका में नाली व सड़क निर्माण ठेकेदार फर्म का काम के एवज में 3.92 लाख रुपए बकाया चल रहे थे। परिवादी विष्णु शर्मा के अनुसार इसे पास कराने के एवज में चेयरमैन पितलिया ने 50 प्रतिशत कमीशन मांगा। वो भी सेल्फ के ब्लैंक चेक से देने को कहा।

परिवादी ने एसीबी उदयपुर में शिकायत दर्ज कराते हुए चेक दे दिया। सूत्रों के अनुसार इसमें खुद आरोपी ने ही 2 लाख रुपए की राशि भर दी। चूंकि मामला सत्ताधारी पार्टी के नपा चेयरमैन का था। शायद इसीलिए एसीबी ने इसका तीन बार क्रमश: 19,20 व 21 मई को सत्यापन किया।

बैंक खाते में 24 मई को रुपए जमा हो गए। अगले दिन 25 मई को चेयरमैन के साले कुश शर्मा ने एसबीआई ब्रांच से यह राशि निकलवाई, तभी एसीबी टीम ने उसे रुपए सहित गिरफ्तार कर लिया।

चुनाव के बाद पितलिया की 7 फरवरी को ताजपोशी हुई

पुलिस ने 2 जून को पितलिया के खिलाफ आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया। एसीबी व पुलिस अब तक पितलिया को गिरफ्तार नहीं कर सकी। राज्य सरकार ने भी अब तक कोई एक्शन नहीं लिया। चुनाव के बाद अध्यक्ष पद पर पितलिया की ताजपोशी 7 फरवरी को हुई थी।

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