रबी की बुवाई:डीएपी की डिमांड के बाद कृषि विभाग जुटा किसानों को सिंगल सुपर फास्फेट के फायदे बताने

चित्तौड़गढ़2 महीने पहले
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इन दिनों हो रहे प्रशासन गांवों के संग शिविर में किसानों को एनपीए खरीदने के लिए प्रेरित करते कृषि अधिकारी। - Dainik Bhaskar
इन दिनों हो रहे प्रशासन गांवों के संग शिविर में किसानों को एनपीए खरीदने के लिए प्रेरित करते कृषि अधिकारी।
  • जिले के प्रभारी अधिकारी गजानंद यादव ने शिविरों में पहुंच कर किसानों को बताया एसएसपी से होने वाले लाभ

कृषि विभाग अब डीएपी की डिमांड को देखते हुए सिंगल सुपर फास्फेट के ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने के लिए किसानों से संपर्क साधते हुए उन्हें इसे कृषि के लिए भी वरदान बता रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में किसानों ने रबी में सरसों एवं चना की बुवाई शुरू कर दी है। राज्य सरकार भी जिले को रबी की बुवाई के लिए डीएपी की उपलब्धता कराने का निरन्तर प्रयास कर रही है।

जिला प्रभारी अधिकारी गजानंद यादव ने प्रशासन गावों के संग अभियान के तहत कपासन के तुर्किया खुर्द में किसानों से आहवान किया कि डीएपी की जगह एसएसपी (सिंगल सुपर फास्फेट) राकोडिया खाद को विकल्प के तौर पर प्रयोग करे। यादव ने बताया की ने बताया कि एसएसपी उर्वरक डीएपी की तुलना में सस्ता एवं बाजार में आसानी से उपलब्ध है।

डीएपी से केवल 23 किलो फास्फोरस एवं नौ किलो नत्रजन उर्वरक ही उपलब्ध होता है। उसके लिए लगभग 1200 रुपए व्यय करना पड़ता है, अगर एसएसपी उर्वरक को विकल्प के तौर पर उपयोग लिया जाता है तो तीन बैग एसएसपी एवं एक बैग यूरिया की लागत 1166 रुपए के आती है जिसमें 24 किलो फास्फोरस, 20 किलो नत्रजन एवं 12 किलो सल्फर मिल जाता है।

एसएसपी (राखोडिया खाद) का उपयोग करने से इसमें सल्फर तत्व के कारण डीएपी की तुलना में यह सभी फसलों में लाभदायक है। शिविर में उपस्थित कृषकों को एसएसपी का अधिक प्रयोग करने के लिए जागरूकता पैदा करने के लिए पंपलेट का भी वितरण किया। उप निदेशक कृषि (विस्तार) डाॅ. शंकरलाल जाट, कृषि अनुसंधान अधिकारी (शष्य) रमेश आमेटा थे।

उर्वरक के नमूने भी टीम ने लिए ... गुण नियंत्रण अभियान के तहत यादव के निर्देशानुसार जिले में स्थित आदान विक्रेताओं का निरीक्षण भी किया गया। जिसमें कृषि अधिकारी ज्योति प्रकाश सिरोया, अंशु चौधरी एवं हीरालाल सालवी ने गुण नियंत्रण के लिए उर्वरक के 16, बीज के चार एवं कीटनाशी रसायन के छह नमूने आहरित कर गुणवत्ता जांच के लिए राज्य में स्थित अधिसूचित प्रयोगशालाओं में भिजवाने के लिए लिए गए।

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