पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

विश्व धरोहर खतरे में:कीर्तिस्तंभ पर आकाशीय बिजली, 40 किलाे वजनी पत्थर गिरा, अब तक ध्यान नहीं दिया

चित्तौड़गढ़17 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • पुरातत्व विभाग अब लगाएगा स्मारकों पर तड़ित चालक

दुर्ग के प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारकों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार शाम तेज बारिश के दाैरान आकाशीय बिजली गिरने से दुर्ग पर बने कीर्ति स्तंभ से करीब 40 किलो वजनी पत्थर टूट कर गिर गया। स्तंभ पर लगा तड़ित चालक खराब है। उसकी अर्थिंग का किसी काे पता नहीं नहीं है। नया लगाने की मांग दिगंबर जैन समाज अरसे से कर रहा है।

करीब पखवाड़े बाद सक्रिय हुए मानसून के चलते मंगलवार शाम होते काले बादल छाने व ठंडी व तेज हवा चलने के बाद आकाशीय बिजलियां चमकने लगी थी। बिजलियां इस कदर तेज आवाज के चमक रही थी कि लोग भी सिहर उठे। इस बीच शाम साढे सात बजे दुर्ग पर कीर्ति स्तंभ पर जोरदार तेज धमाके के साथ आवाज आई और बिजली चमकी। भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग के गार्ड ने देखा कि कीर्ति स्तंभ के उत्तरी दिशा में बिजली गिरने के बाद कुछ गिरकर नीचे गिरा है।

बाद में पता चला कि कीर्ति स्तंभ पर उत्तरी दिशा में बीच के माले में लगी बडी प्रतिमा के नीचे सहारे के लिए लगा पत्थर टूटकर गिर गया। उसने घटना की जानकारी संरक्षण सहायक आरएल जितरवाल को दी। बुधवार सुबह जितरवाल सहित टीम ने पहुंच कर जानकारी ली। आकाशीय बिजली से टूटे पत्थर इतने वजनी थे कि उन्हें एक गार्ड नहीं उठा सका। वहीं, सात फीट नीचे गार्डन में लगे पीपल के दाे पेड़ भी काले पड़ गए और गढ्ढा हो गया। जितरवाल ने बताया कि नुकसान की सूचना जोधपुर मंडल मुख्यालय काे भेज दी है।

कीर्ति स्तंभ जैसी धराेहर पर आकाशीय बिजली गिरने का यह पहला मौका नहीं है। पहले भी एक दो बार आकाशीय बिजली गिरने की घटना हो चुकी है। लेकिन पुरातत्व विभाग विद्युत तड़ित चालक नहीं लगवा सका। प्रस्ताव बनाकर भेजने की बात कई बार कह चुका है, जिसका सर्वे भी हो चुका है। दो साल पहले ही दुर्ग पर आबादी के बीच स्थित महादेवरा के कंगूरे पर आकाशीय बिजली गिर गई थी। इधर, कीर्ति स्तंभ पर बिजली गिरने से नुकसान पर दिगंबर जैन समाज ने नाराजगी जताई है। समाज पदाधिकारियों का कहना है कि इस बाबत कई बार विभाग व प्रशासन को बताया लेकिन ध्यान नहीं दिया गया है।

कई स्मारकों पर तड़ित चालक लगाने का प्रस्ताव भेजा

भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग ने कीर्त स्तंभ सहित कई ऐतिहासिक और प्राचीन स्मारकों पर विद्युत तडित चालक लगाने का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज रखा है। इसमें रतनसिंह महल, कुंभा महल, पदमिनी महल, महादेवरा, ताेपखाना, भामाशाह हवेली, मीरा मंदिर, विजय स्तंभ, समिद्वेश्वर महादेव मंदिर, फता हवेली, कालिका माता मंदिर, अदभुतथनाथ मंदिर, सूरजपोल गेट आदि स्मारक है जिनके प्रस्ताव गत साल भेजे गए थे।

कलेक्ट्रेट क्षेत्र में भी नुकसान मंगलवार देर शाम बारिश के साथ ही आकाशीय बिजली गिरने से कलेक्ट्रेट क्षेत्र में भी आफिसाें में बिजली के उपकरण जलने के समाचार मिले हैं। बताया गया कि शास्त्रीनगर स्थित टावर पर बिजली गिरने से वहां लगे तीन सेक्टर उडने से डेढ लाख का नुकसान हुआ। इससे वाईफाई एवं ब्राडबैंड सेवाएं ठप हो गई। इसी तरह कलेक्ट्रेट क्षेत्र में भी आफिसों में बिजली के उपकरण जल गए। जिनहें दूसरे दिन बुधवार को बदला गया।

... इधर, खेत पर काम करते तीन महिलाओं पर गिरी बिजली, एक की मौत, दो घायल

चित्तौड़गढ़/कन्नौज| शंभूपुरा थाना क्षेत्र के सावा में बुधवार दोपहर बाद आकाशीय बिजली गिरने से खेत में काम कर रही महिला की मौत हो गई। दो अन्य महिलाएं गंभीर रुप से झुलस गईं। झुलसी महिलाओं को सांवलियाजी चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया।

सावा में मोतीलाल (डोरिया) आमेटा के खेत पर निराई-गुड़ाई करते समय सिजारी महिलाएं सावा की 60 वर्षीय राधा पत्नी लोभचंद तेली, 65 वर्षीय पुष्पा पत्नी बद्रीलाल तेली व 40 वर्षीय सीमा पत्नी प्रकाश तेली बिजली गिरने से झुलस गईं।

आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग इन्हें पहले सावा के चिकित्सालय ले गए जहां से चित्ताैड़गढ़ रेफर किया। चित्ताैड़गढ़ में राधा तेली को मृत घोषित कर दिया। सावा चौकी प्रभारी जगवीरसिंह, नंदलाल ने चिकित्सालय पहुंच घटना की जानकारी ली।

इधर, शाम काे संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट, कलेक्टर ताराचंद मीणा, एसपी राजेंद्रप्रसादं गोयल आदि भी अस्पताल पहुंचे। पूर्व विधायक सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने बताया कि रामचंद्र गाडरी से घटना की सूचना मिली। सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास करेंगे।

आंखों देखी- बबूल का पेड़ ही फट गया

घायल पुष्पा ने बताया कि वे तीनों खेत में काम करने के बाद खाना खाने के लिए जा रही थीं। एक बबूल के पेड़ के पास गुजर रहे थे कि अचानक बिजली गिरी। बिजली के चपेट में आ जाने से तीनों झुलस कर गंभीर घायल हो गई।

खेतों में काम कर रहे लोग दौड़ पड़े। बबूल का पेड़ भी फट गया। कुछ दूरी पर ही तीन बच्चे खेल रहे थे। बिजली गिरने की आवाज से वे डर कर भाग गए और सुरक्षित रह गए। इधर, विधायक चंद्रभानसिंह आक्या भी अस्पताल पहुंचे। उन्हाेंने प्रशासन से पीड़ित परिवाराें काे मुआवजा दिलाने की मांग की।

खबरें और भी हैं...