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धरने की चेतावनी:अफीम नीति में देरी ने बढ़ाई चिंता, किसान विकास समिति ने धरने की चेतावनी दी

चित्तौड़गढ़4 दिन पहले
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  • अफीम नीति में देरी ने बढ़ाई चिंता, किसान विकास समिति ने धरने की चेतावनी दी

संसदीय क्षेत्र के अफीम उत्पादक किसान चिंतित हैं। कारण केंद्र सरकार द्वारा अब तक अफीम नीति जारी नहीं करना है। जिले में औसतन 15 हजार किसान सीधे तौर पर अफीम की खेती करते हैं। संसदीय क्षेत्र की अफीम खेती के लिए भी अलग पहचान है। हर साल केंद्र सरकार सितंबर के अंत या अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक अफीम नीति जारी करती है। इस बार अक्टूबर आधा बीतने पर भी पाॅलिसी जारी नहीं हुई तो किसान चिंतित हैं। किसानों को आशंका है कि कही इस बार वित्त मंत्रालय पाॅलिसी कोरोनाकाल को देखते हुए ड्राप न कर दे। गत साल दो अक्टूबर को पाॅलिसी जारी हो गई थी।

दो साल पहले भी 28 अक्टूबर को पॉलिसी आई थी। लेकिन इस बार पॉलिसी नहीं आने से किसान रियायत को लेकर ज्यादा उत्सुक दिख रहे हैं। किसान सांसद सीपी जोशी, विधायक चंद्रभानसिंह आक्या, अर्जुनलाल जीनगर, ललित ओस्तवाल, डेयरी चेयरमैन बद्रीलाल जाट से पाॅलिसी के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। किसान नीति में रियायत खासकर मार्फिन के प्रतिशत में कमी करने की मांग उठा रहे हैं। इस बारे में चित्तौड़गढ़

सांसद सीपी जोशी ने कहा किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। पाॅलिसी तैयार है। अगले सप्ताह तक नीति घोषित हो जाएगी। दो साल पहले तक नीति अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ही घोषित होती रही है। हमने पूरा प्रेशर कर रखा है कि नीति जल्द जारी हो। वह गत दिनों दिल्ली जाकर वित्त मंत्रालय में अधिकारियों से मिल चुके हैं।

इस बार खेती नहीं हो तो भी अफीम में कमी नहीं

वित्त मंत्रालय का कहना है कि अगर इस बार खेती नहीं हो तो भी अफीम उत्पादन में कमी नहीं होगी, क्योंकि दस साल तक की अफीम गोदामों में पड़ी है। हालांकि सांसद सीपी जोशी, मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता, झालावाड़ सांसद दुष्यंतसिंह, भीलवाड़ा सांसद सुभाष बहेड़िया भी वित्त मंत्रालय के अधिकारियों, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, अनुराग ठाकुर से मिलकर यह बात रख चुके हैं कि नीति जल्द जारी हो। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अभी नीति जारी होने पर सोशल डिस्टेंसिंग की चिंता नहीं रहेगी क्योंकि मुखिया ही गांवाें में जाकर पट्टा वितरण कर देंगे। किसान खेतों में बुआई करेंगे तो ठेठ फरवरी में नपती कार्य होगा। ऐसे में अभी बहुत समय है।

अफीम नीति नहीं आई तो 23 को धरना देंगे, आने पर सांसद का अभिनंदन...भारतीय अफीम किसान विकास समिति के अध्यक्ष रामनारायण जाट ने कहा कि अफीम नीति में देरी से किसान परेशान हैं। क्योंकि देर से नीति आने से किसान को नुकसान होगा। सांसद सीपी जोशी से बात की तो उन्होंने पांच दिन में नीति आने की बात कही है। अभी किसान असमंजस में हैं। यदि 20 अक्टूबर तक नीति नहीं आई तो किसान विकास समिति 23 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट पर धरना देगी। अगर इससे पहले नीति आई तो 23 अक्टूबर को संसद का आभार जताकर स्वागत करेंगे।

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