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एसडीएम को ज्ञापन दिया:किसानों को फसल खराबे का मुआवजा दिलाने की मांग

चित्तौड़गढ़24 दिन पहले
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भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने उपखंड अधिकारी मुकेश कुमार मीणा को ज्ञापन दिया। किसानों को फसल खराबे का मुआवजा दिलाने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2019-20 खरीफ फसल में मक्का, मूंगफली का किसानों ने बीमा करवाया था। लगभग 80 से 90 प्रतिशत फसलें अनावृष्टि से खराब हो गई थी। बीमा कंपनी व राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से फसल खराबा केवल एक ग्राम पंचायत में ही माना गया। जबकि साड़ास, रघुनाथपुरा, कुवालिया, मंडपिया सहित अन्य पंचायतों में अधिक खराबा था। खराबा कम बताकर किसानों के साथ अन्याय किया। बीमा कंपनी की गलत पॉलिसी के कारण किसानों से प्रीमियम कटने के बावजूद फायदा नहीं हुआ। किसानों के साथ न्याय नहीं हुआ तो फसल बीमा रबी का विरोध किया जाएगा। तहसील अध्यक्ष नारयण सिंह चुंडावत, कमल सिंह, रतन तड़बा, माधव लाल तेली, सुरेश पुरोहित, कमलेश धाकड़ मौजूद रहे।
किसानाें ने वर्ष 1998 से कटे पट्टे बहाल करने की मांग उठाई

चित्तौड़गढ़ भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष लेहरूलाल जाट, उपाध्यक्ष हरिसिंह राजपूत के नेतृत्व में कलेक्टर काे ज्ञापन दिया। इसमें केंद्र सरकार के नए 2020 के 3 कृषि कानून रद्द करवाने, एमएसपी पर नया कानून बनाने, अफीम नीति सही करने, मार्फिन 3.5 कम करने, वर्ष 1998 से कटे पट्टे बहाल करने और सीपीएस मेथर्ड से नए पट्टे जारी करने की मांग की। मुख्य अतिथि रामनारायण झांझडिया, तहसील अध्यक्ष प्रकाश मेवदा, किशनलाल अनोपपुरा, भैरूलाल भीमगढ़, मोहनलाल लसड़ावन, नारूलाल रोलाहेड़ा, मांगीलाल सतीखेड़ा, रामलाल चौंगावड़ी, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष लेहरूलाल जाट, उपाध्यक्ष हरिसिंह राजपूत मौजूद थे।

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