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यात्रीगण कृपया ध्यान दें:डेढ़ साल बाद भी पटरी पर नहीं आई डेमू, यात्री परेशान, अनलॉक के बाद चित्तौड़गढ़-रतलाम ट्रैक पर तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें भी नहीं चली

चित्तौड़गढ़17 दिन पहले
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद कई पैसेंजर ट्रेनाें का संचालन शुरू हाे चुका है। ऐसे में यात्रियाें काे चित्तौड़गढ़-रतलाम ट्रैक पर डेढ़ साल से बंद डेमू व करीब तीन जाेड़ा ट्रेनाें के चलने का भी इंतजार है। इनके चलने पर रतलाम, जावरा, मंदसौर, नीमच के हजाराें यात्रियों समेत अपडाउन करने वाले को सुविधा मिलेगी।

रेलवे के मुताबिक कोरोना काल में पश्चिम रेलवे जोन में रतलाम मंडल के चित्तौड़गढ़-रतलाम ट्रैक पर रेलवे को सबसे अधिक आय हुई है। वर्तमान में पांच करोड़ रुपए प्रतिदिन मालगाड़ियों से सीमेंट फैक्ट्रियों में माल लोडिंग-अनलोडिंग से आय हो रही है। प्रतिदिन 10 से 15 मालगाड़ियों का आवागमन हो रहा है।

इसके बावजूद रेलवे बोर्ड ने इस ट्रैक पर सुबह से शाम तक यात्री गाड़ियों का संचालन शुरू नहीं किया है। कोरोना से पहले मार्च 2020 के बाद से कोटा डिवीजन की रतलाम-कोटा-आगरा फोर्ट हल्दीघाटी पैसेंजर ट्रेन भी ट्रैक पर नहीं लौटी है।

चित्ताैड़ से सुबह जल्दी मंदसौर, नीमच तक अपडाउन करने वाले यात्रियों के लिए यह पैसेंजर ट्रेन बेहतर रहती थी। इसी तरह सुबह 10 बजे महू से रतलाम आने वाली डेमू को रतलाम-चित्तौड़गढ़ तक चलाया जा रहा था। इससे मंदसौर, नीमच के यात्रियों को सुविधा थी।

ट्रैक खाली फिर भी पैसेंजर ट्रेनें बंद चित्तौड़गढ़-रतलाम के बीच सुबह से शाम तक ट्रैक खाली है। सिर्फ मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है। ज्यादातर ट्रेने अभी जयपुर व कोटा रूट होकर चल रही है। दिनभर ट्रैक खाली होने के बावजूद पैसेंजर ट्रेनों का संचालन नहीं करके यात्रियों को सुविधा से दूर किया जा रहा है। ट्रेनों के बंद होने के कारण रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा है। स्टेशन से जुड़े स्टॉल, ट्रॉॅली वेंडर, ऑटो रिक्क्षा चालकों का रोजगार भी प्रभावित हो रहा है।

ये ट्रेनें चल रही है

  • इंदौर-जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस नियमित
  • इंदौर-उदयपुर-इंदौर नियमित
  • भोेपाल-जयपुर-भोपाल नियमित
  • उदयपुर-बांद्रा टर्मिनस-उदयपुर (3 दिन)
  • अजमेर-बांद्रा टर्मिनस-अजमेर (3 दिन)
  • इंदौर-दिल्ली सरायरोहिला-इंदौर (1 दिन)
  • हैदराबाद-जयपुर-हैदराबाद (3 दिन)

कोटा व उदयपुर मंडल ने चलाई पैसेंजर रतलाम-चित्तौड़ ट्रैक पर रतलाम मंडल से पहले कोटा व उदयपुर मंडल ने दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें चलाकर यात्रियों को सुविधा दी। यह ट्रेनें मंदसौर तक चल रही है। इनमें कोटा-मंदसौर-कोटा व मंदसौर-उदयपुर-मंदसौर पैसेंजर ट्रेन शामिल है। रतलाम के लिए सुबह के समय ट्रेन का टोटा होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रतलाम-चित्तौड़ ट्रैक पर बंद हुई ट्रेनों को फिर चलाने का प्रस्ताव बोर्ड कोे भेजा है। अनुमति मिलने के बाद संचालन शुरू किया जाएगा।

जेके जयंत, पीआरओ, रतलाम मंडल

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