माइंस में डूबे युवक का नहीं चला पता:दूसरे दिन भी चला सर्च ऑपरेशन,मौसा-मौसी के पास आया हुआ था

चित्तौड़गढ़8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
नहाने गया युवक माइंस में डूबा। - Dainik Bhaskar
नहाने गया युवक माइंस में डूबा।

निम्बाहेड़ा सदर थाना क्षेत्र में पानी से भरे माइंस में डूबे युवक का 24 घंटे बाद भी पता नहीं चला। बुधवार सुबह एक बार फिर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। मौके पूर्व यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी, पूर्व विधायक अशोक नवलखा, जिला परिषद सदस्य गब्बर सिंह अहीर, पूर्व सरपंच शंभू लाल जाट, पुलिस उप अधीक्षक सुभाष चंद्र खोजा, तहसीलदार गोपाल बंजारा, सदर थाना अधिकारी फूलचंद टेलर सहित कई लोग मौके पर मौजूद रहे।

सदर थाना अधिकारी निंबाहेड़ा फूलचंद टेलर ने बताया कि मंगलवार को 22 साल का घाटसा निवासी लोकेश पुत्र बाबूराम भील निंबाहेड़ा में अपने मौसा-मौसी के पास आया हुआ था। लोकेश 3-4 महीनों से अपने मौसी के पास रहकर खेती का काम कर रहा था। मंगलवार शाम अपने दो दोस्त नारायण भील (20) और रतन भील (12) के साथ कहीं खाना खाने गया था। वापस लौटते समय माइंस में पानी देखकर लोकेश नहाने उतरा। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर नारायण और रतन ने गांव वालों को बुलाया। पुलिस कंट्रोल रूम और तहसीलदार गोपाल बंजारा को जानकारी दी गई। मौके पर पुलिस जाब्ता और गोताखोर पहुंचे। दूसर दिन बुधवार को भी युवक का पता नहीं चला।

दूसरे दिन खबर सुनकर पूर्व यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी और पूर्व विधायक अशोक नवलखा भी मौके पर पहुंचे।
दूसरे दिन खबर सुनकर पूर्व यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी और पूर्व विधायक अशोक नवलखा भी मौके पर पहुंचे।

मंगलवार रात 10 बजे तक चला था रेस्क्यू ऑपरेशन
निंबाहेड़ा के गोताखोरों ने काफी देर तक कोशिश की। उसके बाद चित्तौड़गढ़ से गोताखोरों को बुलाया गया। रात के 10 बजे तक लाइट लगाकर भी युवक को कोई ढूंढ नहीं पाया। रात में अंधेरे के कारण और ठंड बढ़ जाने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन वहीं रोक दिया गया। उसके बाद सुबह 9 बजे से फिर से एक बार रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया लेकिन शाम पूरे 24 घंटे बीत जाने के बाद भी युवक को ढूंढ कर नहीं निकाला जा सका। युवक के कपड़े भी बाहर ही पड़े हुए थे। वही पुलिस ने बताया कि लोकेश के पिता चित्तौड़ के आजोलिया का खेड़ा के रहने वाले हैं लेकिन माता-पिता के अलग हो जाने के बाद मां अपने पीहर के पास घाटसा गांव में ही रहने लगी। पिछले चार-पांच महीनों से वह अपने मौसा जी के साथ खेती-बाड़ी में हाथ बंटाने के निंबाहेड़ा हो गया।