कोविड-19 केयर सेंटर का निरीक्षण:डाइट में हाेगा 48 बेड का मॉडल कोविड केयर सेंटर; मरीजों को प्रतिदिन योगाभ्यास कराएंगे

चित्तौड़गढ़6 महीने पहले
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डाइट भवन में बन रहे मॉडल कोविड-19 केयर सेंटर का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ताराचंद मीणा। - Dainik Bhaskar
डाइट भवन में बन रहे मॉडल कोविड-19 केयर सेंटर का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ताराचंद मीणा।
  • आयुर्वेद चिकित्सा के साथ इंडोर गेम्स और प्रेरक उद्बाेधन दिए जाएंगे, आत्मबोध के सदस्य 24 घंटे मरीजों की सेवा में रहेंगे

संक्रमण की विकट स्थिति के बीच कोरोना मरीजों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन नवाचार भी कर रहा हैं। कलक्टर ताराचंद मीणा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) कार्यालय में 48 बेड का मोडल कोविड केयर सेंटर शुरू करा रहे है।

यहां मरीजों को ऑक्सीजन, भोजन, टीवी सहित कई सुविधाएं मिलेंगी। दो-तीन दिन में सभी यह केयर सेंटर बन कर तैयार हो जाएगा। इस कोविड केयर सेंटर में आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ लवकुश पराशर की टीम प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों को योग-प्राणायाम कराएगी।

प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से मरीजों का इम्यून सिस्टम बेहतर होगा। वे ठीक होकर जाएंगे तो योगाभ्यास को जीवन का हिस्सा बनाकर निरोग रहने के गुर भी सिख पाएंगे। आत्मबोध योग संस्था के 50 सदस्य चौबीस घंटे रोटेशन के आधार पर तैनात रह कर मरीजों की सेवा करेंगे।

सेंटर में मरीज केरम, चेस सहित अन्य इंडोर गेम्स खेलेंगे। संभव हुआ तो प्रतिदिन काव्य पाठ और भजन संध्या सहित अन्य गतिविधियाँ भी शामिल होंगी। पढने के लिए कई पुस्तकें भी रखवाई जाएंगी। यह सब कोरोना गाइडलाइंस एवं एसोपी का पालन करते हुए मेडिकल टीम की निगरानी में ही किया जाएगा।

हर निकाय और पंचायत पर बनाया जाएगा कोविड केयर सेंटर

कलेक्टर ताराचंद मीणा ने क्षेत्र में भी लगातार कोरोना केस बढ़ते देख हर नगर व पंचायत में कोविड केयर सेंटर खाेलने का आदेश दिया। ताकि कोरोना के सामान्य रोगियों को अस्पतालों के लिए दूर तक नहीं भटकना पड़े। इसके लिए आपदा प्रबंधन कोष से 1.35 करोड़ रुपए मंजूर भी कर दिए। कलेक्टर ने बताया कि हर नगर निकाय और पंचायत कोविड केयर सेंटर में सभी सुविधाओं के साथ मरीजों को इलाज मिल सकेगा।

ऑक्सीजन, पेयजल, अल्पाहार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं रहेंगी। मीणा ने बताया कि ज्यादातर कोरोना संक्रमित घरों में आइसोलेट रहते हैं। कई घरों में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती। परिजनों के भी संक्रमित होने और फिर उनसे और फैलने का खतरा रहता है। हर ग्राम पंचायत में कोविड केयर सेंटर खुल जाने से काफी राहत मिलेगी।

मरीजों और उनके परिजनों को बेवजह बड़े अस्पतालों या शहर के लिए नहीं भागना पड़ेगा। इसी के तहत जिले में अधिक से अधिक क्विड केयर सेंटर खोलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इन कोविड केयर सेंटर्स स्थापन एवं संचालन के लिए एसडीआरएफ मद से वित्तीय स्वीकृति भी जारी कर दी है।

इसके तहत प्रत्येक नगरपालिका को ₹500000 और पंचायत समितियों को कुल 1,10,00,000 (एक करोड़ दस लाख) रूपए की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इसमें प्रत्येक पंचायत समिति को अधीनस्थ ग्राम पंचायतों हेतु 10,00,000 की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इस प्रकार कुल 1,35,00,000 की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।

विकास अधिकारी या ईओ हाेंगे प्रभारी

पंचायत स्तर पर कोविड केयर सेंटर कार्यकारी एजेंसी विकास अधिकारी होंगे एवं नगर पालिका क्षेत्र अधिशाषी अधिकारी होंगे। संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र के उपखंड अधिकारियों (इंसिडेंट कमांडर) से समन्वय कर उनके निर्देशानुसार कोविड केयर सेंटर स्थापन एवं संचालन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे। इसी के साथ जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि समस्त ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी संबंधित कार्यकारी अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगे।

मोटिवेशनल बातों से बढ़ाएंगे मनोबल

आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. लवकुश पराशर बताते हैं कि अक्सर मरीज संक्रमण की जानकारी मिलते ही घबरा जाते हैं। तरह-तरह के डर पाले हुए रहते है। अक्सर हॉस्पिटल नहीं आते। उनकी टीम माॅडल कोविड केयर सेंटर में मरीजों से मोटिवेशनल बातें करके मनोबल बढ़ाएगी। उन्होंने एक साल में मानसिक उपचार का सकारात्मक प्रभाव कोरोना मरीजों पर देखा है, उसी को देखते हुए यहां भी यह प्रयोग किया जाएगा।

अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण

बुधवार को कलेक्टर ताराचंद मीणा, एडीएम (भूमि अवाप्ति) अंबालाल मीणा आदि ने डाइट में बन रहे कोविड केयर सेंटर में बेड, ऑक्सीजन, भोजन-पानी, बिजली आदि की व्यवस्थाएं देखीं। नगरपरिषद के सतीश चौहान ने बताया कि इंदिरा रसोई से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सेंटर प्रभारी डॉ लवकुश पराशर, डाइट स्टाफ सहित अन्य विभागों के अधिकारी साथ रहे।

ऑक्सीजन सिचुरेशन 95-90 तक आने वालाें काे माॅडल सेंटर लाएंगे

मॉडल कोविड केयर सेंटर की असल थीम कोविड मरीजों को एकदम हॉस्पिटलाइज होने से रोकना है। ताकि वहां का भार कम हो जाएं। यहां किन मरीजों को रखेंगे? जिन होम क्वारेंटाइन मरीजों के नियमित वाइटल में उतार चढ़ाव दिखेगा। खासकर आक्सीजन सिचुरेशन 95 से 88 या 90 के बीच अस्थिर दिखेगा, उनको यहां शिफ्ट करेंगे। यहां स्थिति क्रिटकल हुई तो अस्पताल में शिफ्ट कराएंगे।

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