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पर्यावरण प्रेम की मिसाल:रनिंग ट्रैक पर पौधे बचाने बुजुर्ग आगे, क्योंकि युवाओं को कोरोना से बचाना है

चित्तौड़गढ़23 दिन पहले
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रनिंग ट्रैक के पास पौधों की देखभाल और अनावश्यक खरपतवार जलाते ग्रामीण एवं स्कूल स्टाफ। - Dainik Bhaskar
रनिंग ट्रैक के पास पौधों की देखभाल और अनावश्यक खरपतवार जलाते ग्रामीण एवं स्कूल स्टाफ।
  • खेल और पर्यावरण प्रेम की मिसाल बना सेगवा, पहला गांव जहां रनिंग ट्रैक के साथ सैकड़ाें औषधी व छायादार पौधे

दूसरे लॉकडाउन में भी सेगवा गांव के रनिंग ट्रैक पर लगे 1500 पौधों को बचाने व बढ़ाने की जुगत में गांववासी और स्कूल स्टाफ जुटा है। फर्क इतना है कि गत साल इस कार्य में युवा अग्रणी थे तो इस बार वरिष्ठजन आगे हैं। खुद को वैक्सीनेशन से सुरक्षित मानते हुए युवाओं को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए इस बार वे आगे आए हैं।

नौतपा की तेज गर्मी में पौधों की देखभाल तथा पानी पिलाने का काम शारीरिक शिक्षक सूर्यप्रकाश गर्ग के साथ मिलकर गांववासी कर रहे। लॉकडाउन 2020 में युवाओं ने गर्ग के मार्गदर्शन में पौधों को सिंचित किया था। इस बार वरिष्ठ नागरिक प्रतिदिन चार से पांच घंटे श्रमदान कर रहे। सेवानिवृत्त प्राचार्य गोपाल चतुर्वेदी, रेलवे कर्मी बगदीराम, शंभूदयाल शर्मा, सरपंच किशन शर्मा, नरहरी आदि शामिल हैं।

खेल काॅम्प्लेक्स में कल्प वृक्ष, बिल्व पत्र, अर्जुन, पारिजात, गुगल, बरगद, पारस पीपल, देव पीपल, कनेर, केशों माधव, कचनार, करंज, गुड़हल, शिरीष, नीम, शीशम बॉटल फ्लॉवर, अमलतास, कूटक, खेजड़, बहेड़ा, बबूल जबकि फलदार पौधों में गुलर, अंजीर, आंवला, बैर, अमरूद, अनार, जामुन, सीताफल, नींबू, इमली, शहतूत, नीम गिलोय व फूलदार पौधे भी हैं।

जड़ी-बूटी में शंख पुष्पी भृंगराज, आक, कुटक, धातरी, जैसी अनेक वनस्पति है। शहर के पास सेगवा बरसों से खेल गांव की पहचान रखता है। सांसद जोशी के प्रयास व हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से यहां रनिंग ट्रैक बनाया गया। ओपन जिम के उपकरण लगाए। हाई मास्ट लाइट लगाने की घोषणा की।

पंचायत की ग्रीन ट्रैक के साथ मनरेगा में खेल काॅप्लैक्स बनाने की तैयारी

सरपंच किशन शर्मा ने कहा कि पीटीआई सूर्यप्रकाश गर्ग काे पूरा गांव सहयोग करता है। रनिंग ट्रैक को ग्रीन बनाने के लिए ग्राम पंचायत ने आंतरिक भाग में खुदाई कर मिट्टी से समतल कर दिया। यहां फुटबाल, क्रिकेट, हॉकी, हैंडबॉल, वाॅलीबॉल के ग्रासिक मैदान निर्मित करने का प्रस्ताव मनरेगा में तहत भेज रखा है। आगामी सत्र में विद्यालय यहां चलाने के लिए सांसद सीपी जोशी एवं विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की अनुशंसा से डीएमएफटी मद से कक्षा-कक्ष के प्रस्ताव भेजे हैं।

खेल मैदान और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक है। प्रत्येक खिलाड़ी को खेल मैदानों पर पौधरोपण को अभियान के रूप में लेना चाहिए ताकि हम सभी प्रकार के प्रदूषण से मुक्त हो सके। वन विभाग को सरकार की ओर से स्कूलों में नर्सरी स्थापित करने की योजना में सेगवा स्कूल का चयन करना चाहिए। क्योंकि यहां पर उसके अनुरूप सभी सुविधाएं उपलब्ध है।
सूर्यप्रकाश गर्ग, शारीरिक शिक्षक सेगवा

ऐसा नहीं है कि इस बार के लॉकडाउन में युवाओं की कोई भागीदारी नहीं है पर इस बार विशेष सहयोग व भागीदारी वरिष्ठों की ही है। क्योंकि इनमें से अधिकांश को पहली या कइयों को कोविड की दोनों वैक्सीन लग चुकी है। जिसको जब समय मिलता है। अपना योगदान देते हैं। प्रतिदिन सुबह 7 से 11 बजे एवं शाम को 5.30 से 7.30 तक इस काम के लिए समर्पित रहते है।
गोपाल चतुर्वेदी, प्राचार्य

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