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मुश्किल घड़ी में ऐसा सामंजस्य:गर्मी में आग और कोरोना, दोनों से लड़ रही हैं दमकल, भारी दबाव के बीच संतुलन की कोशिश में लगा नगर परिषद

चित्तौड़गढ़एक महीने पहले
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चित्तौड़ के एक वार्ड में घरों को सेनेटाइज करती दमकल। - Dainik Bhaskar
चित्तौड़ के एक वार्ड में घरों को सेनेटाइज करती दमकल।

कोरोना के बीच सेनेटाइज करने की व्यवस्था और गर्मी में जगह-जगह लगने वाली छोटी-बड़ी आग पर काबू पाने की जद्दोजहद के बीच जिले के दमकल विभाग को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस चुनौती के बीच सामंजस्य बैठाना अधिकारियों के लिए आसान नहीं हो रहा। हालांकि इसके बावजूद विभाग इस काम को करने में अभी तक मजबूती से खड़ा है।

चित्तौड़ में लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में दमकलों को प्रत्येक संक्रमित के घर और आसपास के इलाके को सेनेटाइज करना होता है। इसके अलावा श्मशान में भी आने वाले लोग संक्रमित नहीं हो जाएं, इस पर भी नजर रखनी होती है। ऐसे में दमकल विभाग ने फिलहाल तीन टीमों के साथ इस काम को तेजी से आगे बढ़ाया है। नगर परिषद की ये टीमें न केवल सेनेटाइज करने की जिम्मेदारी पूरी कर रही हैं, बल्कि कहीं भी लगी आग को बुझाने के लिए भी तेजी से कार्रवाई कर रही हैं।

वार्ड वाइज छिड़काव

नगर परिषद के चैयरमेन संदीप शर्मा ने बताया कि गत वर्ष कोरोना काल में केवल वार्ड वाइज सैनिटाइजर का छिड़काव किया जा रहा था। इस दौरान दो दमकल लगाए गए थे, लेकिन अभी शहर का हाल इतना बुरा है कि हमें 3 टीमें बनानी पड़ रही है। वहीं शहर में रोज एवरेज सौ या सौ से अधिक लोग पॉजिटिव आ रहे हैं। उनके घर-घर जाकर छिड़काव करने का कार्य मिनी नैनो जेट द्वारा किया जा रहा है। मिनी नैनो जेट संकरी गलियों में भी जाने में सक्षम हैं, इसलिए शहरी क्षेत्रों में उसको लगाया गया है। चिकित्सा विभाग द्वारा पॉजिटिव की लिस्ट आते ही हम सुबह से यह कार्य शुरू कर देते हैं। टीम द्वारा सुबह 6 बजे से लेकर रात्रि 1 बजे तक पूरे शहरी इलाकों में छिड़काव करना शुरू कर दिया जाता है।

परिजन संक्रमित नहीं हों, इसलिए श्मशान पर भी नजर

चैयरमेन शर्मा ने बताया कि सेंती हो या चंदेरिया या गांधीनगर हर जगह रोजाना सैनिटाइजर का छिड़काव होता है। अभी नगर परिषद के पास सैनिटाइजर का छिड़काव करने के लिए नैनो जेट और दो दमकल है और उनका हेक्टिक शेड्यूल हो चुका है। कोरोना के बढ़ते केस के कारण कार्यभार बहुत अधिक हो चुका। इसके अलावा हर घर में भी तीन-तीन बार सैनिटाइजर किया जा रहा है। श्मशान में भी गाड़ी जाती है और हर शव जलने के बाद पूरे श्मशान को सैनिटाइज किया जाता है। लगभग तीन से चार फेरा वही हो जाता है। कोविड-19 मरीजों के बाद भी और नॉर्मल बॉडी पहुंचने से पहले इन चीजों का ध्यान रखना पड़ता है ताकि जो परिजन पॉजिटिव नहीं है, उन तक संक्रमण ना पहुंच सके। अभी तक हमने चंदेरिया के सभी वार्ड और गांधी नगर के सभी वार्ड कंप्लीट कर लिया है।

चित्तौड़ में एक स्थान पर लगी आग तो तुरंत मौके पर पहुंची दमकल।
चित्तौड़ में एक स्थान पर लगी आग तो तुरंत मौके पर पहुंची दमकल।

2 दिन पहले 12 जगहों पर लगी थी आग

शर्मा के अनुसार बीते दो दिन पहले ही शहर के 12 स्थानों पर आग लग गई। ऐसे में सेनेटाइज करने की व्यवस्था में लगी दमकलों को एक-एक कर आग बुझाने के काम में भेजा। दोनों कार्य में सामंजस्य बैठाना कई बार कठिन होता है, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी दिन रात एक कर इस काम को करने में जुटे हैं। न केवल लोगों के माल की, बल्कि जान की भी रक्षा करनी है। यह हम सबकी ही नहीं, प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

हिंदुस्तान जिंक और बिरला को भी जिम्मेदारी सौंपे प्रशासन

चैयरमेन शर्मा ने कहा कि गत वर्ष जब इतना लोड नहीं था। हिंदुस्थान जिंक और बिरला के दमकल सैनिटाइजर का छिड़काव करते थे। लेकिन इन वर्ष जब अधिक जरूरत है तो उनके द्वारा यह कार्य नहीं हो रहा है। यदि आसपास के समीपवर्ती गांवों में उनके दमकल कार्य करे तो थोड़ी राहत मिलेगी। प्रशासन को इस और थोड़ा ध्यान देना चाहिए। संक्रमण बहुत ज्यादा फैल रहा है। अगर आस-पास के गांव की जिम्मेदारी जिंक और बिरला को दे दी जाए तो सही होगा।

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