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  • For The First Time In 39 Years, The Train Has Stopped For 2 Sessions, Canceled The Tour Of September, RTDC Has Sent A Proposal Of Rs 7.64 Crore For The Renovation Of The Car Which Has Been Parked For One And A Half Years.

दूसरे साल भी चित्तौड़ नहीं पहुंची पैलेस ऑन व्हील:39 सालों में पहली बार 2 सत्रों के लिए रुकी है गाड़ी, सितंबर का ट्यूर कैंसिल, RTDC ने रेनोवेशन के लिए 7.64 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा

चित्तौड़गढ़एक महीने पहले
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चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर खड़ी पैलेस ऑन व्हील्स। - Dainik Bhaskar
चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर खड़ी पैलेस ऑन व्हील्स।

'पहियों पर राजमहल' का अहसास कराने वाली पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन इस साल भी शुरू नहीं हुई। ट्रेन सितंबर माह के पहले बुधवार से शुरू होती है लेकिन इस बार विदेशी पर्यटकों का आवागमन बन्द होने से बोर्ड ने सभी ट्यूर रद्द कर दिए हैं। 39 सालों में पहली बार ऐसा हुआ कि कोविड-19 की वजह से पैलेस ऑन व्हील्स पूरे दो सत्र के लिए नहीं चल पाई। करीब 1.5 साल से खड़ी गाड़ी का अब जल्द ही रेनोवेशन किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार को 7.64 करोड़ रुपए का प्रोपोजल भेजा गया है। सेंशन होते ही गाड़ी को नया रूप दिया जाएगा।

RTDC के जनरल मैनेजर शिवराम जाटोलिया ने बताया कि ट्रेन के सितंबर के शेड्यूल को आगे बढ़ा दिया गया है। अब दिसंबर में चलाने को लेकर योजना है। फिलहाल इस बारे में कोई घोषणा नहीं हुई है। फ्लाइट्स शुरू होने और पर्यटकों को वीजा मिलने के बाद ही कुछ होगा।

लॉकडाउन से पहले था 65 प्रतिशत यात्री भार
जीएम जाटोलिया ने कहा कि कोविड से पहले 40 प्रतिशत बुकिंग एडवांस मिल चुके थे। बोर्ड ने फैसला इसे एक्सटेंड कर दिया गया है। पर्यटक जब भी आना चाहे वो आ सकते है। उन्होंने बताया कि कोविड से पहले 65 प्रतिशत यात्री भार हुआ करता था। ट्रेन में 45 केबिन है और एक बार में लगभग 42 लोग आ रहे थे। एक बार फ्लाइट्स शुरू हो तो पैकेज तय किया जाएगा।

सितम्बर से शुरू हो जाते थे फेरे
RTDC के अधिशाषी अभियंता जितेंद्र जोशी ने बताया कि पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन पहले दिल्ली से शुरु होकर जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, चित्तौड़, सवाईमाधोपुर, भरतपुर, आगरा होते हुए वापस दिल्ली पहुंचती थी। हर सितंबर के पहले बुधवार से शुरू होकर अप्रैल के लास्ट बुधवार तक इसके फेरे होते थे। 39 सालों में पहली बार ऐसा हुआ कि कोविड-19 की वजह से पैलेस ऑन व्हील्स पूरे दो सत्र के लिए नहीं चल पाई।

7.64 करोड़ का रेनोवेशन के लिए भेजा है प्रस्ताव
अधिशाषी अभियंता जितेंद्र जोशी ने बताया कि करीब 1.5 साल से खड़ी गाड़ी का अब जल्द ही रेनोवेशन किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार को 7.64 करोड़ रुपए का प्रोपोजल भेजा गया है। सेंशन होते ही गाड़ी को नया रूप दिया जाएगा। केन्द्र से मिलने वाले बजट से ट्रेन का सम्पूर्ण इंटीरियर बदला जाएगा। नए रंग रोगन के साथ ही और भी ज्यादा आरामदायक सीटें लगाई जाएंगी और ट्रेन को राजस्थानी अंदाज में सजाया जाएगा।

सबसे पहले 1982 में चली थी पैलेस ऑन व्हील्स
पहियों पर राजमहल को पहली बार 1982 में चलाया गया था। उस समय पहले मीटर गेज पर यह ट्रेन चलती थी फिर 1995 में ब्रॉड गेज चलाया गया। 2009 में राजस्थान रॉयल ऑन व्हील्स के नाम से एक और ट्रेन शुरू की गई। लगभग 3-4 साल तक पैलेस ऑन व्हील्स और राजस्थान रॉयल ऑन व्हील्स दोनों चले थे। लेकिन 2016 में 21 साल बाद ब्रॉडगेज वाले पैलेस ऑन व्हील को को अनफिट घोषित कर दिया गया, जिसके बाद राजस्थान रॉयल ऑन व्हील्स को।ही पैलेस ऑन व्हील्स के नाम से शुरू किए चलाया जा रहा है। लगभग 10 से 12 साल हो गए ट्रेन का अभी भी रेनोवेशन नहीं किया गया।

दूसरे साल भी चित्तौड़ नहीं पहुँची पैलेस ऑन व्हील
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