हत्या के शक में पुलिस की हो गई परेड:शनि महाराज मंदिर के सामने एक झोपड़ी में मिला शव,  कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत

चित्तौड़गढ़21 दिन पहले

जिले के शंभूपुरा क्षेत्र एक बुजुर्ग के हत्या के शक में हड़कंप मच गया। मौके पर शंभूपुरा पुलिस, भदेसर डिप्टी और उदयपुर से एफएसएल की टीम बुलाई गई। टीम ने जब आसपास जांच की तो पता चला यह हत्या नहीं बल्कि कार्डियक अरेस्ट और फूड पॉइजनिंग के चलते मौत हुई है।

जिले के शंभूपुरा क्षेत्र के सावा रोड पर शनि महाराज मंदिर के सामने एक झोपड़ी में शव पड़ा हुआ मिला। शव की हालत देखकर प्रारंभिक रूप से हत्या का माना गया। जब सरपंच अजय चौधरी ने फोन पर पुलिस को इसकी जानकारी दी तो मौके पर पुलिस पहुंची। उन्होंने शव को देखकर DYSP शिप्रा राजावत को सूचना दी। मौके पर भदेसर डीवाईएसपी पहुंची। उदयपुर से FSL की टीम और डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया। आसपास जब जांच की तो पता चला कि यह हत्या का मामला नहीं है।

मुंह से और आसपास खून देखकर हत्या का शक

सरपंच अजय चौधरी ने बताया कि केसरपुरा निवासी मांगीलाल (65) शनि महाराज मंदिर के सामने एक झोपड़ी में अकेले रहते थे। रात को वह यही रहते थे और सुबह 7 बजे के करीब अपने बेटे के पास केसरपुरा चले जाते थे। सुबह जब वे नहीं गए तो बेटा करीब 9 बजे देखने आया। झोपड़ी में घुसकर जब देखा तो उसके पिता उल्टे जमीन पर पड़े हुए थे और उनके मुंह से खून निकला हुआ था। आसपास भी खून देखकर बेटे राजू भील को लगा कि यह हत्या है। उसने सरपंच को सूचना दी। सरपंच ने पुलिस को मौके पर बुलाया। मौके पर पुलिस पहुंची और अपने उच्च अधिकारी को सूचना दी।

15-20 सालों से फल-दूध पीकर करते थे गुजारा

DYSP शिप्रा राजावत मौके पर पहुंची और तुरंत उदयपुर से एफएसएल की टीम बुलवाया। डॉग स्क्वायड को भी बुलवाया गया। आसपास जांच करने पर पता चला कि बुजुर्ग 15-20 सालों से खाना नहीं खा खाते थे। वह सिर्फ फल या दूध पीकर गुजारा कर रहे थे। इस कारण कमजोरी और फूड पॉइजनिंग के कारण उन्हें खून की उल्टियां हुई। जिसके बाद कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को दे दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर सभी मामला सामने आएगा लेकिन ग्रामीण और परिवार FSL की जांच से संतुष्ट हैं।

कंटेंट, फोटो, वीडियो - ओम जैन शंभूपुरा