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लड़खड़ाई व्यवस्था:होम क्वारेंटाइन मरीजों को समय पर नहीं मिल रही दवा, बाजार में ऑक्सो पल्स मीटर की कमी

चित्ताैड़गढ़11 दिन पहले
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कोविड सेंटर पर चिकित्सा लाभ लेते लाेग। - Dainik Bhaskar
कोविड सेंटर पर चिकित्सा लाभ लेते लाेग।
  • 600 से 1000 रुपए तक मिलने वाला ऑक्सो पल्स मीटर 2 हजार रुपए में भी नहीं मिल रहा
  • 2-4 घंटे में पहुंचने वाला सरकारी दवा किट और ऑनलाइन देखभाल में भी समय लग रहा

जिस गति से कोरोना संक्रमित बढ़ रहे हैं। पूरे सिस्टम पर लोड बढ़ता जा रहा है। असर केवल गंभीर बीमारों या अस्पतालों तक सीमित नहीं रहा। होम आइसोलेटेड मरीजों व परिवार तक भी पड़ने लगा है। ऑक्सोपल्स मीटर की कीमत दाेगुनी हो गई। फिर भी आसानी से नहीं मिल रहा। सरकारी ऑर्डर पर भी पूरी सप्लाई नहीं हो रही है।

संक्रमितों के घर मेडिकल किट वितरण में भी देरी होने लगी। न उनको वाॅट्सएप ग्रुप से जोड़ पा रहे। जबकि जुलाई-अगस्त से मार्च तक शहर में सिस्टम बेहतर था। जिले में 4 हजार मरीज होम ऑइसाेलेटेट हैं। शहर में करीब 1000 से अधिक बीमार होम क्वारेंटाइन हैं। उनको दिन में दो-तीन बार ऑक्सो-पल्स लेवल व तापमान लेना होता है। इसी से तय होता है कि वे घर में रहने लायक है। जो ऑक्सो पल्स मीटर पहले बाजार में 600 से 1 हजार रु. में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़ गई है।

1 सेंती निवासी शिवनाथ याेगी ने बताया कि 7 दिन पहले भतीजा पाॅजिटिव आया। न तो मेडिकल टीम आई न दवा। मेडिकल से ही दवा खरीदी। तीन दिन पहले भाभी भी पाॅजिटिव आई। दोनों को सरकारी दवा किट अब तक नहीं मिला। एडवाइजरी के लिए वाॅट्सएप ग्रुप से भी नहीं जाेड़ा गया।

2 बीमानगर निवासी अशाेक कुमावत ने बताया कि सोमवार को मेरी पॉजिटिव रिपोर्ट आई। मैंने 30 अप्रैल को जांच के साथ जिला अस्पताल से जो दवा ली, उसी से काम चलाता रहा। शाम 4 बजे तक भी दवा किट नहीं आया तो हेल्पलाइन 181 पर काॅल किया। तब एक घंटे बाद दवा पहुंची। एडवाइजरी के लिए किसी वाॅट्सएप ग्रुप से नहीं जुड़ पाया।

इधर, काेविड अस्पताल में रोगियों को नहीं मिल रहा गर्म पानी... काेविड अस्पताल में भर्ती रोगियों को गर्म पानी के लिए परेशान हाेना पड़ रहा है। अटेंडर एवं सैंपल देने आने वाले संदिग्ध राेगियाें के बाहर खड़ा रहने के लिए पर्याप्त छाया व्यवस्था नहीं है। हालांकि एडीएम अंबालाल मीणा ने इस पर नगरपरिषद को निर्देश दिए।

मरीजों के मुकाबले टीम कम
मेडिकल व्यापारियों के अनुसार डिमांड के मुकाबले 10 से 20 प्रतिशत सप्लाई ही मिल रही है। प्रतिदिन नए मिलने वाले मरीजों की संख्या इतनी अधिक हो गई कि अब चिकित्सा विभाग का घर-घर दवा वितरण और ऑनलाइन देखभाल का सिस्टम भी गडबड़ा गया है। एक मरीज के अनुसार उसके पास अस्पताल से चार दिन बाद तक भी दवा का किट नहीं आया। बाजार से दवा खरीदनी पड़ी। दो दिन तक काेविड ग्रुप से भी नहीं जोड़ते। इसका बड़ा कारण यह है कि होम क्वारेंटाइन मरीजों के मुकाबले टीमें नहीं हैं। शहर में करीब चार वाॅटसएप ग्रुप संचालित करने पड़ रहे हैं।

कंपनियों ने दरें बढ़ा दी, उत्पादन नहीं बढ़ा रही
केमिस्ट एसाेसिएशन जिलाध्यक्ष रमेश मेहता एवं सचिव सुशील अग्रवाल ने बताया कि पहले पल्स ऑक्साे मीटर 600 से 1500 रुपए तक मिल जाते थे, लेकिन अब आगे से ही रेट 1700 से 2300 प्रिंट आ रही है। कुछ नामी कंपनियाें की एमआरपी तो 3 हजार रुपए तक पहुंच गई है। प्रतिदिन डिमांड हाेल सेलर के माध्यम से भेजी जा रही है, लेकिन सप्लाई नहीं हाे रही है।
सरकारी डिमांड भी पूरी नहीं हो रही

जिला अस्पताल के पीएमओ डाॅ दिनेश वैष्णव ने बताया कि 50 पल्स ऑक्साे मीटर के लिए टेंडर किए, लेकिन मार्केट में नहीं है। श्रीसांवलियाजी मंदिर मंडल की ओर से उपलब्ध होने थे, लेकिन मार्केट में उपलब्ध नहीं है।
हम लगातार मेडिकल होलसेलर व रिटेलर सहित केमिस्ट एसाेसिएशन के संपर्क में हैं। प्रयास यही है कि वाजिब मूल्य पर आमजनाें काे यह यंत्र उपलब्ध हाे। लगातार निरीक्षण भी कर रहे हैं।
रामकृष्णसिंह, जिला औषधि नियंत्रक

आज 47 सेंटर्स पर हाेगा वैक्सीनेशन

बुधवार काे 47 सेंटर्स पर वैक्सीनेशन हाेगा। इस बार प्रत्येक सेंटर्स काे 100-100 का लक्ष्य दिया गया है। आरसीएचओ डा हरीश उपाध्याय ने बताया कि मंगलवार काे 48 सेंटर्स पर लक्ष्य 9600 के मुकाबले 1416 जनाें काे वैक्सीन लगाई गई।

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