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कोर्ट की 25 वर्षीय लिपिक युवती ने आत्महत्या की:3 पेज के सुसाइड नोट में लिखा डिप्रेशन में हूं, कोई जिम्मेदार नहीं, 2 दिन से मां का काॅल रिसीव नहीं करने पर पता चला

चित्तौड़गढ़15 दिन पहले
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  • ढाई साल से रावतभाटा की कॉलोनी में किराए पर रहती थी

रावतभाटा क्षेत्र में युवती ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की। उसने तीन पन्नों का सुसाइड नोट लिखा। जिसमें परिवार, दोस्तो और स्टाफ को परेशान नहीं करने की बात लिखी है। वह डिप्रेशन में है और सुसाइड करना चाहती थी। मकान मालिक की सूचना पर पुलिस पहुंची। दरवाजा तोड़कर शव उतारा। युवती के परिवार को जयपुर सूचना दी। क्षत्रिय प्रताप कॉलोनी में किराए रहने वाली जयपुर निवासी मनीषा पुत्री कैलाश चंद बागड़ी (25) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मनीषा रावतभाटा कोर्ट में लिपिक थी। करीब ढाई साल से इसी कॉलोनी में किराए पर रहती थी। मंगलवार सुबह मनीषा की मां ने मकान मालिक की पत्नी को फोन किया और बताया कि वो 2 दिन से फोन नहीं उठा रही है।

सुसाइड नोट: अब बर्दाश्त नहीं कर सकती, लेकिन इसका कसूरवार कोई नहीं
पुलिस को मनीषा के रूम से 3 पन्नों का सुसाइड नोट मिला। उसने लिखा था कि “वह काफी दिन से डिप्रेशन में है और सुसाइड करना चाहती थी लेकिन मम्मी-पापा को अकेले छोड़कर जाने का डर उसे सता रहा था। उसे अपने परिवार की चिंता हो रही थी। इसलिए वह सुसाइड नहीं कर पा रही थी। उसमें यह भी लिखा है कि अब बर्दाश्त नहीं हो रहा। वह डिप्रेशन को झेल नहीं पा रही है।

अपने माता-पिता और परिवार के लिए प्यार जताया। उसमें यह भी लिखा है कि यह जो भी कर रही है, अपनी मर्जी से कर रही है। इसके बाद उसके परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और स्टॉफ मेंबर को आत्महत्या के लिए परेशान ना करें।

खिड़की से देखने पर पता चला कि मनीषा ने आत्महत्या कर ली...मकान मालकिन ने मनीषा के कमरे का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा नहीं खोला। आशंका पर पति हिम्मत सिंह पुत्र शिव सिंह राठौड़ को खबर दी। हिम्मत सिंह ने भी दरवाजा खटखटाया। बाहर रखा कूलर हटाकर खिड़की के पर्दे को डंडे के सहारे से हटाया तो मनीषा पंखे पर लटकी दिखी। बदबू आ रही थी। हिम्मत सिंह की सूचना पर थाना अधिकारी राजाराम गुर्जर मय जाब्ता पहुंचे।

दो दिन पहले ही कर ली थी आत्महत्या, आ रही थी बदबू...मकान मालिक हिम्मत सिंह का कहना है कि शनिवार को मनीषा सुबह पानी भरने के लिए निकली थी। उसके बाद किसी ने उसको नहीं देखा था। ज्यादा किसी से बात नहीं करती थी। ज्यादातर कमरे या ऑफिस में ही होती थी। इसलिए किसी को शक भी नहीं हुआ। बदबू आने से लग रहा है कि आत्महत्या दो दिन पहले ही कर ली होगी। डेढ़ साल पहले तक उसकी दादी साथ रहती थी लेकिन कोरोना के समय घर चली गई।

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