दुर्ग के चारभुजा मंदिर से हुई पहल:12 जिलाें में गाय के गाेबर के दीयाें से दिवाली रोशन

चित्ताैड़गढ़एक महीने पहले
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चित्ताैड़गढ़ दुर्ग से इस दिवाली गायों व पर्यावरण के संरक्षण के लिए पहल हुई। चित्तौड़ समेत प्रदेश के 12 जिलाें के 1008 गांवाें के चारभुजा मंदिराें में पहली बार गाय के गाेबर से बने दीपकाें से ही दीपावली राेशन हुई। प्रमुख कार्यक्रम दुर्ग स्थित चारभुजा मंदिर में हुआ। गाेनंदी संरक्षण समिति जयपुर व नीलिया महादेव गाेशाला समिति की ओर से कामधेनू दीपावली महाेत्सव के तहत श्रीचारभुजा नाथ मंदिर दुर्ग पर प्रधान दीपक कल्लाजी महाराज की छतरी पर जलाया।

श्रीनीलिया महादेव गाेशाला सेवा समिति के सचिव कमलेश पुरोहित के अनुसार जले हुए दीयाें के भीतर बीज रखकर ऊपर हरिद्रा से लेपन किया गया। गाेपाष्टमी बाद ये सीडबाॅल वन, खेत की पाल आदि जगह विसर्जित किया जाएगा, जाे अंकुरित बनकर पाैधे बनेंगे।

कार्यक्रम के प्रेरणा स्राेत कृषि उपज मंडियों में कई स्थानों पर सचिव रहे पंडित विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि यह गाय के गाेबर काे उपयाेगी बनाते हुए गाेवंश बचाने की पहल है। इस बार चित्तौड़ जिले के साथ ही उदयपुर, भीलवाड़ा और प्रतापगढ़ जिले के गांव भी शामिल रहे। प्रतीकात्मक रूप में भरतपुर जिले में नदबई, सीकर जिले में श्रीमाधोपुर ,जयपुर जिले में जोबनेर, अजमेर जिले में सावर में भी गोमेद के बने 5-5 हजार दीये प्रज्ज्वलित किए गए।

11 कराेड़ राम नाम से अभिमंत्रित
1008 गांवों में भ्रमण करके चारभुजानाथ के चित्र एकत्र किए गए। इनसे चारभुजानाथ सहस्त्र दर्शन का निर्माण किया। जिसे गाेभक्तों ने 11 करोड़ से अधिक राम नाम से अभिमंत्रित किया। विजयादशमी पर 8 रथ सजाकर गांव-गांव युवा पहुंचे। सब जगह चारभुजानाथ सहस्त्र दर्शन और गोबर के दीये बांटे। गांवाें में यात्रा का स्वागत हुआ।

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