पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

दुश्मनी भुलाकर दोस्त फिर मिले गले:लोक अदालत में दोस्तों के बीच 6 साल से चल रहा विवाद खत्म,30 साल बाद दुकान के पट्‌टे मिले,लोगों के आंसू निकले,बोले पहले किसी ने नहीं समझाया

चित्तौड़गढ़10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
राष्ट्रीय लोक अदालत में कई मामलों का निपटारा। - Dainik Bhaskar
राष्ट्रीय लोक अदालत में कई मामलों का निपटारा।

अदालत का फैसला कभी एक पक्ष में होता है तो दूसरा पक्ष नाराज हो जाता है, लेकिन लोक अदालत की भावना से दोनों पक्षों को राजी कर फैसले हो तो दुश्मनी भी दोस्ती में बदल जाती है। परिवार के मनमुटाव दूर हो जाते है और हक अधिकार मिलता है तो न्याय की गुहार लगाने वालों लोगों के चेहरे खिल जाते है। सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार ने रावतभाटा में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में चित्तौडगढ़ जिले में सबसे ज्यादा मामलों का निस्तारण कर एक रिकार्ड बनाया गया है। जिले में अब तक 25.26 प्रतिशत का निस्तारण हुआ है, उसमें भी रावतभाटा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 61.88 प्रतिशत केस का निस्तारण हुआ है। रावतभाटा वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीणकुमार ने रिकार्ड तौर मामलों का निस्तारण किया है। यहीं नहीं 25 लाख 39 हजार 394 रुपए की राशि बैंकों और अन्य देनदारों का अवार्ड पारित कर दिलवाई है।

6 साल से चल रहा था मित्रों के बीच विवाद, राजीनामा कराया
भैंसरोडगढ़ के फारूक मौहम्मद और जाकिर हुसैन के बीच दरवाजा निकालने को लेकर मामूली विवाद हो गया था। 6 साल से रावतभाटा न्यायालय में विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों को न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने समझाया। गले मिलवाकर मतभेद दूर किए। दोनों हंसते हुए अदालत से निकले। इस दौरान डीएसपी झाबरमल यादव, एडवोकेट अजीज हुसैन, बाबूराम देराश्री, मदनपाल, पेशकार बृजेश पाराशर, निशा मंडोवरा, शिवदयाल सिंह का सहयोग रहा।

30 साल बाद दुकान का हक दिलाया
दुकान का पट्टा मांग रहे सिनेमा चौराहा के 4 दुकानदारों को जल संसाधन विभाग से 30 साल बाद पट्टा दिलाया गया। 1987 में जलसंसाधन विभाग ने गुमटी दुकानदारों को पक्की दुकानों में बसाने की योजना बनाई गई थी, जिसमें सतीष गोस्वामी, अब्दुल हामिद, मधुसुदन, मुश्ताक अली को पट्टे की राशि जमा कराने के बाद भी जलसंसाधन विभाग ने पट्टा नहीं दिया था। अब न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीणकुमार के निर्देश पर जलसंसाधन विभाग ने पट्टे भी दिए और रजिस्ट्री कराकर दस्तावेज सौंपे। एडवोकेट अजीज हुसैन ने पैरवी की।

जिले में सबसे अधिक मामलों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में रावतभाटा में जिले में 25.26 प्रतिशत मामले निपटाए गए,जो कि सबसे अधिक है। चित्तौड़ शहर में 22.74, निंबाहेड़ा में 37.86, बेगूं में 22.63, बड़ीसादड़ी में 21.48, कपासन में 18.45, रावतभाटा में 61.88, डूंगला में 39.64, राशमी में 22.80, गंगरार में 31.43, मंडफिया में 6.41 और भदेसर में 5.71 प्रतिशत मामले निपटाए गए।

खुशी से रोने लगे लोग
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीणकुमार ने बताया कि लोगों के कई छोटे- छोटे मामले कोर्ट में आते हैं। इसमें कई मामले हैं,जो बाहर भी निपटाए जा सकते हैं। हमारी कोशिश रहती है कि हम जो भी मामले निपटाए उसे सिर्फ फॉर्मेलिटी इसके लिए नहीं रखें, बल्कि पूरी जिंदगी भर के लिए उन तकलीफों को दूर कर दें। कोरोना काल में कई जनों ने अपनों को खोया है। आर्थिक स्थिति भी खराब हुई है। ऐसे में लोगों को किश्त चुकाना भी मुश्किल हो रहा है इसलिए हमने बैंकर्स को अपने साथ रखा ताकि वह भी अपने अधिकार क्षेत्र में रहकर मामलों का निस्तारण कर सकें और जो चेंज हमारे हाथ में है वह चीज भी हम कर सकें। कई लोग इस बात पर फूट-फूटकर रो पड़े है कि उन्हें पहले इस तरह समझाने वाला कोई नहीं था। यह देखकर अच्छा लगा कि उनके ये आंसू खुशी से छलक रहे हैं।

कंटेंट और फ़ोटो दिलीप वाधवा

खबरें और भी हैं...