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बाल संरक्षण:जिला बाल संरक्षण इकाई की बैठक में कलेक्टर ने दिए ऐसे हर बच्चे को राहत देने के निर्देश

चित्तौड़गढ़22 दिन पहले
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अनाथ बच्चों के प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते जिला कलेक्टर। - Dainik Bhaskar
अनाथ बच्चों के प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते जिला कलेक्टर।
  • कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को योजनाओं से जोड़ेंगे

कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण इकाई ताराचंद मीणा ने कोरोनाकाल में अनाथ हुए 18 वर्ष तक के बच्चों को चिन्हित कर उनको विभिन्न तरह से राहत देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। रविवार को जिला बाल संरक्षण इकाई की बैठक कलेक्ट्रेट में हुई।

एनसीपीसी द्वारा लॉन्च बाल स्वराज पोर्टल पर मार्च 2020 के बाद कोविड और अन्य रूप से अनाथ बच्चों के हित संरक्षण के संबंध में सूचनाएं अपडेट करने पर चर्चा हुई। सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग डॉ टीना अरोड़ा ने बताया कि जिले में मार्च 2020 के बाद 9 बच्चे अनाथ हुए। जिनका डाटा पोर्टल अपडेट किया गया है। इनमें कोरोना से 4, माता-पिता के सड़क दुघर्टना से 1 एवं पालनहार श्रेणी के 4 बच्चे शामिल हैं।

जिलास्तर पर जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, राजकीय एवं गैर राजकीय बाल देखरेख संस्थान एवं चाइल्डलाइन के कार्यों का सामान्य विवरण प्रस्तुत किया। संचालन सहायक निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग डॉ ज्योति प्रकाश अरोड़ा ने किया।

बैठक में एसडीएम श्यामसुंदर विश्नोई, सीएमएचओ डॉ रामकेश गुर्जर, आयुक्त नगर परिषद रिंकल गुप्ता, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रमेश चंद्र दशोरा एडवोकेट, सदस्य बाल कल्याण समिति मंजू जैन, सहायक निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग डॉ ज्योति प्रकाश अरोड़ा, सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग डॉ टीना अरोड़ा, ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी निंबाहेड़ा चंद्रप्रकाश जीनगर, अधीक्षक राजकीय बाल संप्रेषण एवं किशोर गृह विकास खटीक, सुपरवाइजर आईसीडीएस रेखा वर्मा, चाइल्डलाइन जिला समन्वयक भूपेंद्र, चाइल्डलाइन निम्बाहेडा नारायण, अधीक्षक ओपन शेल्टर होम गर्ल्स आसरा विकास संस्थान ललिता उपाध्याय, ज्ञानदीप केयर होम प्रभारी धर्मी दत्त, भगवती बाल गृह बस्सी प्रभारी रामगोपाल ओझा उपस्थित रहे।

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