पर्यावरण संरक्षण:कन्नौज पंचायत ने देश की श्रेष्ठ नर्सरियों से 12 हजार पौधे मंगाए, 70 बीघा पर पंचफल उद्यान तैयार हो रहा

चित्तौड़गढ़2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कन्नौज। पंचायत क्षेत्र में माताजी के पहाड़ी क्षेत्र में 70 बीघा जमीन पर तैयार हो रहा पंचफच उद्यान। - Dainik Bhaskar
कन्नौज। पंचायत क्षेत्र में माताजी के पहाड़ी क्षेत्र में 70 बीघा जमीन पर तैयार हो रहा पंचफच उद्यान।
  • वन क्षेत्र के लिए 70 बीघा ऐसी जमीन चुनी जो बंजर और अतिक्रमण की जद में थी

पहली बार जिले की एक ग्राम पंचायत पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में अलग पहचान बनाकर प्रदेश में मॉडल बनने की ओर अग्रसर है। भदेसर क्षेत्र की कन्नौज पंचायत में 12 हजार पौधे लगाकर सघन वन क्षेत्र बनाया जा रहा है। इसमें कई नवाचार है। दक्षिण भारत से विदेशी किस्म के पौधे मंगाए। पंचायत ने वन क्षेत्र के लिए 70 बीघा एेसी जमीन को चुना जो अब तक बंजर, अनुपयोगी और अतिक्रमण की शिकार थी।

कन्नौज के पास धामणीमाता मंदिर की पहाड़ी पर विकसित किए जा रहे इस पंचफल उद्यान में पौधरोपण का सरपंच मंजूदेवी जागेटिया ने शुभारंभ किया। पूर्व पंस सदस्य ओमप्रकाश जाट ने बताया कि पहले ही दिन एकसाथ 1000 पौधे लगाए गए। वैसे ग्राम पंचायत कन्नौज दो-ढाई साल से पर्यावरण संरक्षण पर फोकस कर रही है। अकेले धामनीमाता मंदिर पहाड़ी की 70 बीघा जमीन पर करीब 10000 हजार पौधे लगेंगे। इसमें से आधे यानी 5 हजार पौधे इसी पखवाड़े में लगेंगे। शेष कुछ दिन बाद लगेंगे।

पर्यावरण प्रेम : फलदार, छायादार, औषधि, फूलदार पौधे...कार्यक्रम में गिरधारीलाल जागेटिया, बालकिशन गगरानी, कैलाशचंद्र मूंदडा, गोपाल पराशर, सुरेशचंद्र काबरा, हीरालाल काबरा, देवेंद्रसिंह, गोटूलाल जाट, शुभम टेलर, रवि गगरानी, महेश जागेटिया, जब्बार खान, बालू गाडरी, अनिल काबरा, उदयलाल जाट, राजू जाट, सोहन तेली, गोपीलाल गुर्जर, यूनस खान, रतन मेघवाल, हनीफ खान, मनीष जागेटिया, शांतिबाई मेघवाल आदि ग्रामवासियों ने पौधरोपण में सहयोग दिया।

पौधे आंधप्रदेश राज्य की राजमुंदरी जिले की नर्सरियों से मंगवाए गए हैं। फलदार, छायादार, औषधि, फूलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। जिले के कई बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस नवाचार का निरीक्षण कर चुके हैं। गत दिनों जिला प्रमुख डॉ सुरेश धाकड़ ने भी विजिट कर सराहना की थी। सरपंच मंजू जागेटिया का कहना है कि कोरोनाकाल में आक्सीजन का महत्व समझ में आया तो पीपल, बरगद और नीम के भी हजारों पौधे लगाए जा रहे है।

विकास : श्मशान में भी तैयार हुआ औषधी पंचफल, क्षेत्र के सभी श्मशान और कब्रिस्तान में बनेंगे ऐसे बाग...सरपंच मंजूदेवी जागेटिया का कहना है कि नई आबादी श्मशान में औषधी पंचफल तैयार हो रहा है। अब तक 500 से अधिक औषधी पौधे लगा दिए हैं। 1000 पौधे और लगाए जाएंगे। श्मशान में 8 से 10 बीघा में बाउंड्री बनाई गई है। विदेशी किस्म के पौधे लगाकर गार्डन बना रहे हैं। जिले में मॉर्डन श्मशान के रूप में तैयार किया जा रहा है। जागेटिया ने बताया कि पंचायत क्षेत्र के सभी श्मशान और कब्रिस्तान में पौधरोपण किया जाएगा।

जुनून: भैरूजी मंदिर में 1000 पौधों का पंचफल और पंचायत परिसर में बंजर भूमि पर बनाया गार्डन...गत वर्ष दस बीघा जमीन पर 1000 फलदार, फूलदार व छायादार पौधों का पंचफल सिखवाड़ा रोड़ पर स्थित भैरूजी मंदिर के यहां तैयार किया था जिसमे सभी पौधे अच्छे से चल रहे हैं। सरपंच प्रतिनिधि जेपी जागेटिया गत साल पंचायत परिसर में खाली पड़ी बंजर पथरीली जमीन पर विदेशी किस्मों के पौधे लगाकर गार्डन तैयार कर चुके हैं। जो अब काफी बड़े भी हो गए। जागेटिया के अनुसार जहां भी खाली और बंजर भूमि है, उसको व्यवस्थित कर पोधारोपण किया जाएगा।

लक्ष्य : पिपलांत्री पंचायत को पीछे छोड़कर राजस्थान में नंबर वन बनना...सरपंच प्रतिनिधि जेपी जागेटिया ने कहा कि कन्नौज को राजस्थान की ही पिपलांत्री ग्राम पंचायत से आगे ले जाने का लक्ष्य है। जिसे पौधरोपण के क्षेत्र में राष्ट्रपति आवार्ड मिला। हम उस रिकॉर्ड को तोड़ कर राजस्थान में नंबर एक पर आएंगे।

कहानी: लावारिस पड़ी जमीन की ली सुध, अतिक्रमणमुक्त कराकर शुरू किया अभियान...धामनीमाता मंदिर पहाड़ी और उनके आसपास की जमीन कन्नौज की है या किसी दूसरी पंचायत की। इससे पहले तक इस ओर भी किसी ने ध्यान नही दिया। दूसरी पंचायत के कई लोगों ने तो अतिक्रमण भी कर रखा था। पत्नी के सरपंच बनने के बाद जयप्रकाश जागेटिया रिकार्ड की तह में गए तो पता चला कि जमीन कन्नौज पंचायत की ही है। उन्होंने बिना देरी किए इस पर पंचफल लगाने का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा।

वहां से भी तुरन्त स्वीकृति के बाद जागेटिया ने दृढ़ संकल्प एवं इच्छाशक्ति से जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया। कुछ अतिक्रमियों ने स्वेछा से भी कब्जा छोड़ दिया तो कुछ को प्रशासन से हटवाया। अब इस जमीन पर देश की सर्वश्रेष्ठ राजमुंदरी (आंध्रप्रदेश) और इंदौर की नर्सरियों से हाईटेक ओंर ग्राफटेड बड़े पौधे मंगवा कर लगाए जा रहे। यूं जिले में पंचफल तो बहुत है पर ऐसे विदेशी किस्मों के पौधों के पंचफल राजस्थान में मॉडल बनेगा। सुरक्षा के लिए पूरी 70 बीघा जमीन पर फेंसिंग कर रखी हैं।

खबरें और भी हैं...