पति की मौत के बाद डिप्रेशन में गई,अब जीता गोल्ड:तनाव से निकालने में बच्चे बने सहारे, घर में पावर लिफ्टिंग की शुरू करवाई प्रैक्टिस

चित्तौड़गढ़एक महीने पहले
रावतभाटा की टीचर शोभा माथुर ने जीता गोल्ड मेडल।

राजस्थान पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में 48 साल की महिला टीचर शोभा माथुर ने गोल्ड जीता है। 76 किलो वर्ग में 220 किलो वजन उठाकर पदक अपने नाम किया। मेडल जीतने के बाद कहा कि पति की मौत के बाद बच्चों के सहारे यह संभव हो पाया है।

रावतभाटा की टीचर शोभा माथुर ने बताया कि तीन साल पहले पति की मौत हो गई। सदमे में डिप्रेशन में चली गई। कोटा मेडिकल कॉलेज में इलाज चला। डॉक्टर ने बच्चों से बात की। बेटी आकांक्षा और बेटा आकाश ने कहा कि मां को पावर लिफ्टिंग करना पसंद है। तब डॉक्टर ने तनाव से बाहर निकलने के लिए शौक को जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही। दोनों बच्चों ने घर पर ही जिम में प्रैक्टिस शुरू करवाई। माथुर ने कहा कि कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास से पावर लिफ्टिंग में राजस्थान में गोल्ड मेडल हासिल किया। जज्बा हो तो हर काम पूरा होता है। उसमें उम्र बाधा नहीं बनती है। अब 15 से 20 फरवरी 2022 को कासरगोड, केरल में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में राजस्थान टीम में प्रतिनिधित्व करेंगी।

रावतभाटा की टीचर शोभा माथुर की बेटी आकांक्षा और बेटा आकाश।
रावतभाटा की टीचर शोभा माथुर की बेटी आकांक्षा और बेटा आकाश।

एक कॉम्पीटीशन को छोड़कर बाकी सब में जीता गोल्ड
शोभा माथुर ने बताया कि पति के सामने भी कई बार सोचा था कि पावर लिफ्टिंग शुरू करें, मगर रावतभाटा में कोई सुविधा नहीं थी। ऐसे में घर में ही जिम बनाना पड़ा। अपना कॅरियर शुरू कर पाती। उससे पहले ही पति की मौत हो गई। कोटा में दिसंबर 2018 में शिफ्ट होने के बाद डॉक्टर के कहने पर पावर लिफ्टिंग शुरू की तो सबसे पहले जिम जॉइन किया। पहली बार 2021 के जनवरी में डिस्ट्रिक्ट लेवल के कॉम्पीटीशन में 63 वेट कैटगरी में भाग लिया। कोच अजय धामेचा और कमलजीत कौर से मिली। उन्होंने बताया कि कॉम्पीटीशन में गोल्ड जीता। इसके बाद 4 सितंबर 2021 को दुबारा डिस्ट्रिक्ट लेवल पर 68 वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता। 11 और 12 सितंबर को स्टेट लेवल पर 76 वेट कैटेगरी में सिल्वर जीता। 4 और 5 नवंबर को स्टेट लेवल पर 76 वेट कैटेगरी में खेलते हुए एक बार फिर गोल्ड जीता। अब केरल में अगले साल फरवरी में होने वाले नेशनल में खेलने की तैयारी हो रही है।

घर में खेल का माहौल
मीराबाई चानू, कर्नम मल्लेश्वरी से प्रेरित शोभा के पिता, बहन, मामा, भांजी सभी स्पोर्ट्स से जुड़े हुए थे। इस कारण घर में ही खेल का माहौल रहा। स्कूल में खो-खो खेला। उन्होंने बताया कि 12वीं कक्षा करने के बाद STC की और सरकारी नौकरी लग गई। नौकरी के बाद 1996 में MA करने के दौरान ही शादी हो गई। उसके बाद डबल MA किया। बच्चे हो जाने के बाद कुछ समय का ब्रेक लिया। उसके बाद 2010 में B.ED किया।

राष्ट्रीय स्तर पर रावतभाटा की टीचर शोभा माथुर ने जीता गोल्ड।
राष्ट्रीय स्तर पर रावतभाटा की टीचर शोभा माथुर ने जीता गोल्ड।

कोच भी उम्र में 20 साल छोटे
शोभा माथुर ने बताया कि उनका बेटा आकाश B.Tec करने के बाद जॉब कर रहा है। बेटी आकांक्षा वेटरिनरी डॉक्टरी कर रही है। दोनों ने प्रोत्साहित किया। इसी तरह, कोच अजय धामेचा और कमलजीत कौर दोनों 20 साल छोटे हैं, लेकिन गुरु बनकर मेरी ट्रेनिंग मजबूत करते हैं।

कंटेंट और फोटो दिलीप वाधवा, रावतभाटा