पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

मातृकुंडियां बांध:मातृकुंडियां; ये है राजस्थान का सबसे ज्यादा 52 गेट वाला बांध

चित्ताैड़गढ़एक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

मातृकुंडियां काे मेवाड़ के हरिद्वार के नाम से जाना जाता है। बनास नदी पर बने 28 फीट भराव क्षमता वाले मातृकुंडियां बांध का गेज 17 सितम्बर तक 18 फीट हो गया। इसे साढ़े 22 फीट तक भरा जाता है। इसके 52 गेट, विशाल कैचमेंट और उपयोग इसकी पहचान है। इतने ज्यादा गेट राजस्थान में और किसी बांध के नहीं हैं। पानी की ज्यादा आवक राजसमंद व उदयपुर जिले से है पर इसका निर्माण भीलवाड़ा की प्यास बुझाने के

लिए बनाए गए मेजा बांध को भरने के लिए हुआ था। बांध की भराव क्षमता तो साढ़े 28 फीट है, लेकिन 1992 में यह प्रावधान किया गया कि इसे साढ़े 22 फीट तक ही भरा जाएगा। जेईएन धीरज बेनीवाल का कहना है कि राजसमंद के नंदसमंद और उदयपुर के बाघेरी का नाका का पानी आता है। 50 एमसीएफटी पानी रिजर्व रहता है। जो नदी के डाउन स्टीम में जाता है।

सिंचाई नहीं होती। राजसमंद से इसकी दूरी 70 किमी है।

जिले में अधिकांश बांध सिंचाई के लिए बने हैं। भरने के बाद उनका पानी सिंचाई के लिए नहरों में छोड़ा जाता है। मातृकुंडियां बांध का पानी मेजा फीडर से मेजा बांध तक पहुंचता है। हालांकि बांध के गेट खुलने से मेजा फीडर और नदी से आसपास के गांवाें के तालाब, एनीकट भी भरते हैं। कुल 58 किमी लंबी मेजा फीडर का 25 किमी पार्ट चित्तौड़गढ़ जिले और 35 किमी भीलवाड़ा जिले में है। डायवर्जन स्कीम में बने इस बांध से सिंचाई नहीं होती। राजसमंद से इसकी दूरी 70 किमी है।

पानी की आवक धीमी पड़ी
18 फीट पहुंच गया है मातृकुंडियां बांध का गेज। नंदसमंद में तीन इंच और बाघेरी नाका में पांच इंच चादर चलने से पानी की आवक हो रही है, लेकिन अब आवक धीमी हो गई1972 में निर्माण शुरू हुआ, 1980 में 32 करोड़ से पूरा हुआ...किसी जमाने में यहां एनिकट था। बारिश में जल प्रवाह को देखते हुए बांध की परिकल्पना बनी। सन 1972 में निर्माण शुरू हुआ।2 करोड़ की लागत से 1980 में बांध तैयार हो गया। डूब क्षेत्र में पांच गांव कोलपुरा, कुंडिया, सामलपुरा, गिलूंड व जवासिया हैं। यह बांध कुल 11.66 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में बना है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज समय बेहतरीन रहेगा। दूरदराज रह रहे लोगों से संपर्क बनेंगे। तथा मान प्रतिष्ठा में भी बढ़ोतरी होगी। अप्रत्याशित लाभ की संभावना है, इसलिए हाथ में आए मौके को नजरअंदाज ना करें। नजदीकी रिश्तेदारों...

और पढ़ें