MLA बिधूड़ी SHO पर भड़के, ऑडियो में 103 बार गालियां:बोले- मेरा काम करेगा या सरकार का?, SHO ने कहा- आपके कहने से गलत काम नहीं करूंगा

चित्तौड़गढ़4 महीने पहले

चित्तौड़गढ़ के बेगूं विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी ने भैंसरोगढ़ थाना अधिकारी से जमकर गाली-गलौज की। इसका एक ऑडियो भी सामने आया है। 37 मिनट के इस ऑडियो में बिधूड़ी 103 बार गालियां देते हुए सुनाई दे रहे हैं। अतिक्रमण के एक मामले में मनमुताबिक धारा नहीं जोड़ने से भड़के MLA ने SHO को बर्खास्त करने की भी धमकी दी। ऑडियो में एसएचओ संजय गुर्जर गाली न देने की बार-बार गुजारिश कर रहा है। ऑडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है। वहीं, विधायक का कहना है, 'ऑडियो मॉडिफाई किया हुआ है, मैं तो गालियां देता ही नहीं।'

SHO ने MLA पर केस दर्ज कराया
ऑडियो सामने आने के बाद SHO संजय गुर्जर गुरुवार को एसपी प्रीति जैन को एप्लिकेशन दी और कहा कि वह विधायक के दबाव में काम नहीं कर सकते। ऐसे में उन्हें लाइन में भेज दिया जाए। इस पर SP ने उन्हें लाइन में भेज दिया। हालांकि लाइन में जाने से पहले एसएचओ ने भैंसरोगढ़ थाने में विधायक के खिलाफ रोजनामचा रपट दर्ज कराया है।

दरअसल, अतिक्रमण के मामले एसएचओ ने मनमाफिक धारा जुड़वाने को लेकर विधायक की बात मानने से इनकार कर दिया था। इस ऑडियो में हेमराज के और संजय वाधवा केस का भी जिक्र किया हुआ है। इस पर थाना अधिकारी गुर्जर ने कहा कि जब कोई केस बन ही नहीं रहा तो मैं जबरदस्ती कैसे कर सकता हूं। उन्होंने बार-बार कहा कि मुझे फांसी पर चढ़ा दो, लेकिन आप के कहने पर मैं गलत काम नहीं करूंगा। विधायक बिधूड़ी ने संजय गुर्जर को 15 दिन में बर्खास्त करने की धमकी दी और यह भी कहा कि मेरा काम छोड़ने की हिम्मत भी कैसे हुई?

गंदी गालियां सुनने पुलिस में नहीं आया
ऑडियो में एसएचओ संजय गुर्जर ने कहा कि गंदी गालियां सुनने के लिए पुलिस में भर्ती नहीं हुआ। अंत में उन्होंने विधायक को गाली नहीं देने के लिए हिदायत दी, लेकिन विधायक तब भी नहीं रुके। इस पर SHO ने फोन काट दिया।

अब पूरे प्रकरण पर बिधूड़ी ने कहा कि ऑडियो एकदम झूठ है। उसको मोडिफाई किया हुआ है और वह इस तरह से गंदी-गंदी गालियां कभी नहीं देते हैं। यह उन्हें बदनाम करने के लिए वायरल किया हुआ है।

SHO ने एसपी से कहा- दबाव में काम नहीं कर सकते
एसपी प्रीति जैन ने बताया कि ऑडियो पूरा सुना है, लेकिन किसके बारे में बातचीत हो रही है। यह पूरी तरह से नहीं पता। रावतभाटा में कोई मामला दर्ज किया गया था, जिसकी जांच संजय गुर्जर द्वारा की जा रही थी। फाइल मंगवाई है। उसके बाद ही पता चलेगा कि मामला क्या है? उन्होंने बताया कि एसएचओ ने एप्लिकेशन देकर पुलिस लाइन में काम करने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद उन्हें लाइन में भेजा गया है।

पढ़िए, विधायक-SHO के बीच की पूरी बातचीत

MLA: गाली देते हुए.. हक बनता है कि नहीं.. फिर गाली

SHO: सर, मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा। उनका फोन आया तो कहा था फैक्चुअल रिपोर्ट मांग ली। एक मिनट... मैं आप को बता रहा हूं।

MLA: -फिर गाली देते हुए.. वहां कहां चला गया।

SHO: सर, मैं मेवात चला गया, ट्रैक्टर पकड़ने।

MLA: गाली देते हुए मेरा काम पहले या तेरा ट्रैक्टर पहले..

MLA: उस समय मैं भी चला जाता ना, हेमराज केस में तो तू... गाली देते हुए…..तू बच गया ना आस्तिन के सांप?

SHO: अरे सर, आप ऐसे ही नाराज हो रहे हो। मैं कर रहा हूं, मैंने कब कहा, नहीं कर रहा हूं। मैंने उसे कुछ कहा ही नहीं। हेमराज को मैंने थोड़ी कूटा था।

MLA: तो किसने कूटा था.. गाली देते हुए..तू जेल जा रहा था, अब मतलब निकल गया तेरा।

SHO: सर, वे गलत बोल रहे हैं। एसडीएम साहब को मैंने ऐसा कुछ कहा ही नहीं। अगर गलत कहा तो अभी आ जाता हूं आपके सामने।

MLA: राजाराम ने बोला बनता है। राजाराम के खिलाफ बोलता है।

SHO: राजाराम के खिलाफ कब बोला सर मैंने?

MLA: डिप्टी कह रहा है कि उसकी जमानत कराई, सारा काम गड़बड़ इसने किया।

SHO: उस रावतभाटा एसएचओ को घुसा दो मंदिर में या मुझे घुसा दो मंदिर में। मैंने उसकी जमानत करवाई हो। आज तक उसका पानी भी पीया हो।

MLA: गुस्से में.. ,तेरी औकात है मेरे सामने बोलने की। मैंने तूझे वैसे ही छोड़ दिया था। अब तेरा इलाज मैं करता हूं। जब वो वीरेंद्र बर्खास्त हुआ था, तो तू भी होगा। अब तेरी.. ।

SHO: अब सर इसमें आप खामखां नाराज हो रहे हैं, इसमें मैं क्या करुं?

MLA: तुझे यहीं से बर्खास्त कराके भेजूंगा। चोरी कर गया, बड़ी डकैती डाल गया इलाके में, अब लोग मुझे बोल रहे ना। मैं तेरे को 15 दिन में बर्खास्त कराऊंगा। वो चारण मेरा दुश्मन थोड़े ही था। तुम दुश्मन हो, चोर झूठ बोलता है उस बिचारे बिधूड़ी को भी फंसवाया तूने, फाइल... तू वहीं पड़ी है।

SHO: मैने कहां फंसवाया?

MLA: तेरे पीछे मैं पडूंगा। महिपाल तो फिर भी वफादार है। तेरा दिमाग खराब हो गया। जितनी बार मैं आया तू ट्रेक्टर पकड़ने जा रहा था।

SHO: अब सर एसपी मैडम का फोन आ रहा तो बताओ मैं नहीं जाऊं क्या, मैं क्या करूं।

MLA: तेरे को मैंने बोला अभिषेक के यहां बैठे थे। थानेदार ने कहा- बनती है।

SHO: अरे सर, वो तो बेलेबल है। अपन उसे गिरफ्तार भी नहीं कर सकते। 420 बी लगेगी तो भी बेलेबल है। बयान दे रहा है।

MLA: साले, आस्तिन का सांप, उस डिप्टी की राजेंद्र जैन की बात सुनी नहीं, उसने क्लियर कट रिपोर्ट दी। संजय गुर्जर आपके नाम पर दादागिरी कर रहा है।

SHO: सर मैं कहां कर रहा हूं आपके नाम पर दादागिरी?

MLA: किसी जमानत की बात करते हुए.. दलाल, हरिमोहन के पीछे पड़ा है तू। उसे कोर्ट में जाने का मौका दे रहा है।

SHO: नहीं दे रहा हूं सर।

MLA: फिर गाली देते हुए...।

SHO: सर, प्लीज गाली नहीं दो, आपको जो करना है कर लो, गाली नहीं दोगे...

SHO: अब गुस्से से बोलते हुए सर, प्लीज गाली नही दोगे मुझे। आपको जो करना है वो कर लो, आपकी गाली सुनने के लिए पुलिस मे भर्ती नहीं हुआ मैं।

MLA: चुप, अब मैं आ रहा हूं।

SHO:आ जाओ, अभी आ जाओ, आपको जेल भेजना है जो भी करना है करिए। आपकी गाली सुनने के लिए भर्ती नहीं हुआ हुं मैं, गाली नहीं सुनूंगा एक भी दिन।

MLA: ..गाली देते हुए।

SHO: गाली कैसे दे रहे हो, मैं सारी चीजें रिकार्ड कर रहा हूं। मैं आपके कहने से कोई गलत काम नहीं करूंगा।

MLA: क्या गलत काम है।

SHO: यह गलत काम ही है। मैं बीमार हूं, आप मां-बहन की गाली दे रहे हो।

MLA: गाली देते हुए तू बीमार है और ऑडियो कट जाता है।

यह है मामला
रावतभाटा निवासी एक व्यक्ति की लोठियाना गांव में कृषि भूमि है। इसमें बरसों से खेती के साथ उसके खिलाफ अतिक्रमण को लेकर धारा 91 की कार्रवाई भी चल रही है। हाल में एसडीएम की ओर से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का मामला भैसरोड़गढ़ थाने में दर्ज कराया गया। इसे यह कहते हुए 420 बी का मामला बनाने का दबाव बनाया जा रहा है कि सरकारी खेती की भूमि को ठेके पर दे दिया, जबकि ऐसे मामलों में ठेके पर भूमि राजस्थान ही नहीं पूरे देश में दी जाती है। आमतौर पर खेती के अतिक्रमण को नोटिस देकर हटाया जाता है। इस मामले में कब्जाधारी संजय वाधवा ने हाईकोर्ट में रिट लगाकर जमानत ले ली। इससे विधायक नाराज हो गए। वाधवा के परिवार के साथ रावतभाटा में भी अतिक्रमण की कार्रवाई हुई तो उसमें भी स्टे मिल गया। संभवत: इसी बात से विधायक खफा होकर थानेदार को फोन लगाकर धमकाने लगे। इसमें एसएचओ स्पष्ट तौर पर यह कहते भी सुने गए कि जब धारा 420 बनती ही नहीं तो कैसे लगाता?

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