बच्चों को शराबी पिता के चंगुल छुड़ाया:पुलिस ने पांचों बच्चों को बाल कल्याण समिति को सौंपा,बेटियों के पढ़ाई करने की इच्छा जताने पर आसरा बालिका शेल्टर होम भेजा

चित्तौड़गढ़12 दिन पहले
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राजकीय सम्प्रेक्षण और किशोर गृह। - Dainik Bhaskar
राजकीय सम्प्रेक्षण और किशोर गृह।

जिले के कपासन क्षेत्र के एक गांव से पुलिस ने पांच बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति को सौंप दिया। काउंसलिंग के बाद बड़ी दोनों बच्चियों को आसरा बालिका शेल्टर भेज दिया गया। तीन छोटे बच्चों को उसके पिता को सौंप दिया गया। पिता अपने बच्चों पर अत्याचार करता था। जिसकी सूचना पुलिस ने पड़ोसियों को दी थी। पिता और काका दोनों को ही पाबंद किया गया है।

कपासन क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले 5 बच्चों की मां अपने प्रेमी के साथ 2 साल पहले नाते में चली गई थी। जिसके बाद पिता ही पांचों बच्चों की परवरिश कर रहा था। पिता शराब का आदी है। सुबह मजदूरी करने के बाद शाम को शराब पीकर घर आता है और बच्चों के साथ मारपीट करता है। 13 साल की बड़ी बेटी घर का सारा काम संभालती है। शराब के नशे में पिता बच्चों के साथ मारपीट करता है। गुरुवार सुबह बच्चों की चीख पुकार सुनकर पड़ोसियों ने थाना अधिकारी हिमांशु सिंह राजावत को सूचना दी। पुलिस जाब्ता ने पहुंचकर पांचों बच्चों को रेस्क्यू कर थाने लेकर आई। इसके बाद एएसआई नंदलाल सैनी, हेड कांस्टेबल तेजमल, कांस्टेबल लक्ष्मण लाल महिला कांस्टेबल चिकी ने बच्चों को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया। जहां पहले चाइल्ड लाइन और बाद में बाल कल्याण समिति में काउंसलिंग की गई।

दो बेटियों ने कहा, नहीं रहना पिता के साथ
पूर्व अध्यक्ष रमेश दशोरा ने बताया कि बच्चों से काउंसलिंग की गई। इस दौरान 13 साल बड़ी लड़की और 9 साल की दूसरी लड़की ने अपने पिता के साथ रहने से मना कर दिया। दोनों आगे पढ़ाई करना चाहती है। दोनों को आसरा बालिका शेल्टर होम भेज दिया गया। इसके अलावा 7,5 और 4 साल के तीन बच्चे है। तीनों ने पिता के साथ रहने की इच्छा जताई। इस पर पिता और काका को बुलाया गया। दोनों को पाबंद कर बच्चों को सौंपा गया।

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