पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

शारदीय नवरात्र-भास्कर लाइव:माता ने बुलाया है; हम मास्क नहीं खोलेंगे, दूरी रखेंगे नियमावली से बंधी आस्था देख पट खोल दर्शन कराए

चित्तौड़गढ़10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • पहले दिन अलसुबह ही अाए दुर्ग पर कालिकामाता मंदिर के दर्शनार्थ

कोविड-19 काल का नवरात्र है। सरकार ने कड़ी गाइडलाइन बना रखी है और मंदिर समिति ने भी साफ कह दिया था कि हम देवी प्रतिमाओं के साक्षात दर्शन कराएं। यह जरूरी नहीं है। इसके बावजूद कदम नहीं रुके। पहले दिन अल सुबह, यहां तक कि दिन उगने से पहले ही कई कदम किले की दुर्गम चढाई पर थे। यहां तक कि महिलाओं के कंधों पर बच्चे भी। लगभग सभी के मुंह पर मास्क और पैरों में थकान के बाद भी भक्ति की थिरकन देखकर आखिर मंदिर प्रबंधन ने पट खोल दिए। कोविड नियमावली से सभी मात्र दर्शन कर बाहर निकलते गए।

शनिवार सुबह 5 से 7 बजे के बीच यह नजारा था दुर्ग स्थित कालिकामाता मंदिर का। शहर में किला रोड से पाडनपोल और अन्य दरवाजों तक छोटे-छोटे समूह में लोग दुर्ग पर जा रहे थे। कोई पैदल और नंगे पैर भी तो कोई दुपहिया-चौपहिया वाहन से भी। कोरोनाकाल में भी महिलाओं व बच्चों तक उत्साह देखते बन रहा था। हां, हाथ में प्रसाद-नारियल की जगह सेनेटराइज, कपड़ा और मुंह पर मास्क थे। मंदिर समिति ने अल सुबह 4 बजे मुख्य गेट बंद रखते हुए मंगला आरती शुरू कर दी थी। अंदर-बाहर मंदिर और पुलिस के 15-15 कर्मचारी, महंत, पुजारी आदि चाकचौबंद थे।

भक्तों की आस्था और नियंत्रित संख्या देखकर मुख्य महंत रामनारायण पुरी और एएसआई भूरसिंह ने सुबह 6 बजे श्रृंगार आरती के समय पटट खोलने का निर्णय लिया। सभी को कोविड गाइडलाइन से अंदर लिया। सुबह 5 बजे से भक्तों की रेलमपेल शुरु हो गई थी। हालांकि महंत के अनुसार भीड़ ज्यादा नहीं होने से आने वाले भक्तों को कोरोना गाइड लाइन से प्रवेश दिया गया। किला चौकी प्रभारी महेंद्रसिंह व पूर्व प्रभारी भूरसिंह राणावत ने बताया कि बिना मास्क किसी को एंट्री नहीं दी। डिस्टेसिंग से दर्शन करते ही आगे बढ़ाया गया। सुबह विधिविधान से घट स्थापना के साथ हवन किया गया।

अष्टमी व नवमीं को नहीं खुलेंगे पटट...कालिकामाता मंदिर में नवरात्र के आम दिनों में स्थिति अनुसार भक्तों का प्रवेश होगा पर प्रशासन के निर्देशानुसार अगले शनिवार, रविवार यानी अष्टमी, नवमी को दर्शन नहीं होंगे। क्योंकि इन दिनों में अत्याधिक भीड़ की संभावना रहेगी। इस वर्ष भी मातेश्वरी सेवा ग्रुप की ओर से शिखर कलश पर तीन ध्वजाएं चढ़ाई गई। जिनका पंडित अरविंद भट्‌ट ने पूजन करवाया। सुबह किले पर दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के फोर व्हीलर वाहन फतह प्रकाश महल के निकट रुकवा कर पार्क करवाएं गए। उसके बाद श्रद्धालु पैदल ही मंदिर गए। मंदिर के बाहर माला प्रसाद की एक भी स्टाल नहीं होने से भीड़ नहीं बनी।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- चल रहा कोई पुराना विवाद आज आपसी सूझबूझ से हल हो जाएगा। जिससे रिश्ते दोबारा मधुर हो जाएंगे। अपनी पिछली गलतियों से सीख लेकर वर्तमान को सुधारने हेतु मनन करें और अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करें।...

और पढ़ें