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  • Navratri For 8 Days From Today, The Doors Of All The Major Shaktipeeths Of The District Will Not Be Opened For The Devotees This Time Too, The Administration Has Decided On October 5, The Doors Will Remain Closed.

नवरात्र पर्व:आज से 8 दिन नवरात्र, जिले के सभी प्रमुख शक्तिपीठों के पट श्रद्धालुओं के लिए इस बार भी नहीं खाेले जाएंगे, इसे लेकर प्रशासन ने 5 अक्टूबर काे निर्णय लिया है, पट बंद रहेंगे

चित्तौड़गढ़15 दिन पहले
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चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर - Dainik Bhaskar
चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर
  • कालिका माता मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त में होगी घट स्थापना

शारदीय नवरात्र गु़रुवार से शुरू हो रहे हैं। जिले के शक्तिपीठों सहित देवी भक्त शुभ मुहूर्त में घट स्थापना कर उपासना शुरू करेंगे। हालांकि इस बार तिथि क्षय होने से नवरात्र आठ दिन के हैं। प्रमुख शक्तिपीठों में आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद रहेंगे।

दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर के मुख्य महंत रामनारायण पुरी ने बताया कि गुरुवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में घट स्थापना की जाएगी। एक दिन पूर्व कलेक्ट्रेट स्थित ट्रेजरी से माताजी के स्वर्णाभूषण कड़ी सुरक्षा में लाए गए। नवरात्र में ही माताजी का इन आभूषणों से शृंगार होता है। इधर, कपासन मार्ग पर झांतलामाताजी में परंपरा अनुसार घट स्थापना अमावस्या पर बुधवार को ही हो गई।

8वीं शताब्दी का सूर्य मंदिर था कालिका माता मंदिर

किले के गाइड हरीश साहू के अनुसार कालिकामाता मंदिर 8वीं शताब्दी का होकर पहले सूर्य मंदिर था। बप्पा रावल ने मंदिर का निर्माण करवाया। बाद में इसमें देवी प्रतिमाएं स्थापित हुईं। पूर्व मुखी मंदिर के गर्भगृह द्वार के ऊपर भी सात घोड़ों पर सवार सूर्य की मूर्ति उत्कीर्ण है। मुख्य सड़क से मंदिर पर चढ़ने के लिए सात-सात सीढिय़ों के पड़ाव में ही बैठने की कुर्सी है। वीरता एवं शक्ति प्रतीक मां कालिका को चित्तौडग़ढ़ की रक्षक माना जाता है। कई नक्काशीदार चित्र व मूर्तियों से यह मंदिर स्थापत्य कला का नमूना भी है।

घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त

आनंद ज्योतिष कार्यालय के पं. कमलेश भट्ट के अनुसार नवरात्रि प्रारंभ गुरुवार से है। घट स्थापना के लिए सुबह 6:27 से 7:55 तक शुभ वेला, 11:56 से 12:23 तक अभिजीत, दोपहर 12:19 से 1:47 तक लाभ वेला है। पंडित अरविंद भट्ट के अनुसार इस बार तीज एवं चौथ तिथि शनिवार को एक साथ होने से नवरात्रि का एक दिन कम हुआ है। स्थापना चित्रा नक्षत्र में हो रही है। जो आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष शुभ है। साधना, साहस व संतोष की विशेष प्राप्ति होगी।

अष्टमी 13 और नवमी का पूजन 14 को होगा

पंडित कमलेश भट्ट ने बताया कि दुर्गाष्टमी महाष्टमी पूजन 13 अक्टूबर सुबह 6:30 बजे से 9:24 लाभ-अमृत व 10:58 से 12:18 तक शुभ वेला में श्रेष्ठ रहेगा। महानवमी पूजन 14 अक्टूबर सुबह 6:30 बजे से 7:57 शुभ व 10:51 से दोपहर 3:11 तक चल, लाभ, अमृत वेला में रहेगा।

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