जिला परिषद में उठा मुद्दा:भीलवाड़ा जिले में अब चंबल से पर्याप्त पानी आ रहा है तो हमारे बांध अब हमारे लिए ही रहें

चित्ताैड़गढ़2 महीने पहले
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  • साधारण सभा - कई मुद्दों पर अफसरों के गोलमाल जवाब पर जनप्रतिनिधियों ने टाइमलाइन मांगी, बिजली लाइनों को लेकर भी हंगामा

मातृकुंडिया और ओराई बांध हमारे जिले में है लेकिन इनका अधिकांश पानी दूसरे जिलों को मिलता है। मातृकुंडिया से दरीबा राजसमंद की औधाेगिक इकाई काे भी पानी जा रहा है पर उसकी कोई निगरानी नहीं है। अब भीलवाड़ा जिले को चंबल से भरपूर पानी मिलने लगा है। इसलिए हमारे बांधों से जल वितरण के पुराने नियम बदलने चाहिए। डेंगू का कहर है, लेकिन चिकित्सा विभाग आंकड़े छुपा रहा है। हाइटेंशन बिजली लाइनों से हादसे के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही।

कुछ ऐसे ही सवाल और मुद्दे बुधवार काे डीआरडीए हाॅल में जिला परिषद साधारण सभा में उठे। अधिकारी गोलमाल जवाब देते दिखे ताे जनप्रतिनिधि उन्हें फटकारते हुए हर काम की डेडलाइन तय करने की नसीहत देते रहे। जिला प्रमुख सुरेश धाकड़ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कलेक्टर ताराचंद मीणा, सीईओ दाताराम, तीनाें भाजपा विधायक चित्तौडग़ढ़ के चंद्रभान सिंह आ क्या, कपासन के अर्जुनलाल जीनगर और बड़ीसादड़ी के ललित ओस्तवाल सहित कई जिलास्तरीय अधिकारी, प्रधान व जिप सदस्य मौजूद थे। विधायक जीनगर ने डिस्कॉम एसई से पूछा कि गत दिनाें करंट से एक जने की माैत के मामले में लापरवाही पर क्या किया। एसई ने कहा कि संबंधित से जवाब मांगा।

विधायक जीनगर ने पलटकर कहा कि केवल नाेटिस देना कार्रवाई नहीं है, दाेषी पर मुकदमा दर्ज हाेना चाहिए। अधिकारी फील्ड में नहीं जाते हैं। लाइनाें के तार ढीले हैं। यहां तक कि राशमी उपखंड कार्यालय परिसर के ऊपर से ही हैवी लाइन गुजर रही है।

जहां सैकडों लोग काम से आते हैं। कभी भी बड़ा हादसा संभव है मातृकुंडिया बांध के पानी का मुद्दा भी छाया। जिला परिषद सदस्य बद्री सिंहपुर ने कहा कि डेम हमारे जिले में है। हालांकि 45 साल पहले भीलवाड़ा जिले काे पानी देने का निर्णय हुआ लेकिन अब वहां चंबल से पानी पहुंच रहा है। इसलिए इस पर पुनर्विचार की जरूरत है। हमारे जिले पूरा पानी मिलना चाहिए।

भूपालसागर, कपासन, डिंडाेली, सिंहपुर एवं बनाकियाकला, तुंबडिय़ा क्षेत्र के किसानों काे सिंचाई की बेहद जरूरत है। विधायक जीनगर ने कहा कि गत साल राशमी काे 50 एमसीएफटी पानी देना रिकार्ड में दर्शाया था, जबकि गत साल 90 प्रतिशत जलाशय भरे हुए थे। आखिर पानी कहां गया। राजसमंद जिले के दरीबा में औद्योगिक उपक्रम को भी पानी दिया रहा है, लेकिन उसकी मॉनिटरिंग नहीं है।

बेगूं के ओराई डेम से भी जिले को पूरा पानी नहीं मिल रहा है। पानी के मसले काे गंभीरता से लेना हाेगा। सर्वे कर रिपोर्ट पेश करनी हाेगी। कलेक्टर ताराचंद मीणा ने कहा कि संबंधित जिलाें के अधिकारियों से बात करके समाधान कराया जाएगा।

मेरे विस में डेंगू से 7मौतें हो गई, मैं सबके घर बैठने गया, आप जिले में ही 3 गिन रहे हो

विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने डेंगू प्रकोप के बारे में सीएमएचओ से जानकारी ली। उन्होंने तीन संदिग्ध मतों की बात कही ताे विधायक आक्या ने कहा कि अंखडे कमायें छुपा रहे हाे। अकेले चित्ताड़ा विस क्षेत्र में करीब 7 मौतें हा़े चुकी है। मैं उनके यहां बैठकर भी आया हूं। डेंगू की रोकथाम को बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत है। गांवों में पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था भी नहीं है। आक्या ने नहरें की मरम्मत की भी जरूरत बताई।

निर्णय: 403 स्कूलों में चारदीवारी बनेंगी, अतिक्रमण का सर्वे कर रिपोर्ट मांगी

जिले के करीब 403 स्कूलों में चारदीवारी नहीं है। कलेक्टर ताराचंद मीणा ने कहा कि जल्द ही महानरेगा में इन सब जगह चारदीवारी निर्माण हाेगा। सरकारी स्कूलों की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायतों पर जिला प्रमुख सुरेश धाकड़ एवं कलेक्टर मीणा ने अधिकारियों काे सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। भूपालसागर माडल स्कूल में अनियमितताएं पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।​​​​​​​

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