पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Bhilwara
  • Chittorgarh
  • Plants Will Be Distributed To More Than One Lakh 63 Thousand Families, The Forest Department Has Done Innovation, Will Distribute Eight Plants Together In Cloth Kits Instead Of Plastic, The Date Postponed Due To Delay In Rain

इम्युनिटी बढ़ाएंगे औषधीय पौधे:जिले के 1 लाख 63 हजार परिवारों को बांटे जाएंगे तुलसी, गिलोय, कालमेघ एवं अश्वगंधा के 8 पौधे, इस बार कपड़े के किट में देंगे

चित्तौड़गढ़13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
जिला मुख्यालय की नर्सरी में तैयारी औषधीय पौधे। - Dainik Bhaskar
जिला मुख्यालय की नर्सरी में तैयारी औषधीय पौधे।

लोगों में इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा घर-घर औषधीय योजना शुरू होने वाला है। इसके लिए वन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे पौधे अब लगभग तैयार हो चुके है। वह विभाग ने इसमें नवाचार करते हुए यह पौधे प्लास्टिक की बजाय कपड़े के एक किट में देने का फैसला किया है। ताकि हर परिवार एक साथ आसानी से आठ पौधे ले जा सके। वन विभाग की 21 नर्सरी में तुलसी, गिलोय, कालमेघ एवं अश्वगंधा के पौधे तैयार कर जिले के सभी परिवारों को निशुल्क वितरण किए जाएंगे।

डीएफओ सुगनाराम जाट ने बताया कि जिले के 21 नर्सरी में 14 लाख 41 हजार से भी ज्यादा औषधीय पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इनमें गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ व तुलसी शामिल है।वन विभाग द्वारा जिले में घर-घर औषधी अभियान के तहत यह पौधे तैयार कर चुके है, जिन्हें जुलाई अंत से बांटे जाएंगे। पौधे जिले की 21 नर्सरी में तैयार किये जा रहे हैं।

पहले साल में जिले के 50 प्रतिशत परिवार को बांटे जाएंगे पौधे

डीएफओ सुगनाराम जाट ने बताया कि योजना में जिले के 50 प्रतिशत परिवार औषधीय गुणों से लाभान्वित होंगे। पहले साल जुलाई अंतिम से तीन लाख 27 हजार 502 परिवारों को पौधे दिए जाएंगे। पौधे वितरण के समय लाभार्थी के जन आधार कार्ड की डिटेल ली जाएगी और जन आधार कार्ड नहीं हो तो मुखिया के आधार कार्ड के हिसाब से डिटेल दर्ज होगी। इसके हिसाब से अगले साल जिन परिवारों को लाभ दिया जाना है, उनका चिह्नीकरण आसान होगा।

गिलोय के पौधे।
गिलोय के पौधे।

जिले में तैयार किए गए 14 लाख 41 हजार 9 पौधे

डीएफओ सुगनाराम जाट ने बताया कि घर-घर औषधी योजना अर्न्तगत पहले साल (2021-22) में जिले के 50 प्रतिशत परिवारों या जिले के 50 प्रतिशत ग्रामों को औषधीय पौधे उपलब्ध कराये जाएंगे। इसके लिए चित्तौड़गढ़ जिले को 1,63,751 परिवारों ( 50 प्रतिशत, जनगणना वर्ष 2011) के लिए 13 लाख 10 हजार 008 पौधे उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य दिया गया है। डीएफओ का कहना है कि इससे 10 प्रतिशत ज्यादा 14 लाख 41 हजार 9 पौधे तैयार किये जा रहे है। अगर कुछ पौधे खराब भी होते है तो हमारे पास बैक अप रहेगा। 5 सालों में तीन बार जिले के सभी परिवार को 8-8 औषधीय पौधे, यानी कुल 24 पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

किट में बांटे जाएंगे पौधे

डीएफओ सुगनाराम ने बताया कि एक परिवार को 8 पौधे दिए जाएंगे। 8 पौधों को एक साथ ले जाना मुश्किल है। सबके पास फ़ॉर वीलर की सुविधा नहीं है। ऐसे में इस योजना को लेकर एक नवाचार किया गया है। प्लास्टिक की जगह कपड़े का एक किट बनाकर आठों पौधों को एक साथ दिया जाएगा। विभिन्न औद्योगिक संस्थानों को भी पौध परिवहन एवं वितरण किट के लिए ब्लॉक (पंचायत समिति) आवंटित किए किए हैं।

बारिश के कारण टली तारीख

पहले राज्य सरकार के आदेश पर 15 जुलाई के बाद से ही पौधों का वितरण होना था लेकिन इस पर बारिश की देरी होने के कारण राज्य सरकार की ओर से फाइनल तारीख अभी तक नहीं बताई गई। डीएफओ जाट का कहना है कि कुछ पौधों का साइज भी छोटे है जो जुलाई अंत तक बड़े हो जाएंगे। राज्य सरकार की और से भी कोई डेट फाइनल नहीं की गई। इसी महीने के अंत तक होने की सूचना है। इसका एक कारण बारिश की देरी भी मान सकते है।

खबरें और भी हैं...