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ऑनलाइन संगोष्ठी:वरिष्ठ नागरिकाें ने ऑनलाइन संगोष्ठी कर बताया हिंदी भाषा का महत्व

चित्ताैड़गढ़7 दिन पहले
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  • आयोजन में वरिष्ठ नागरिक मंच ने 28 अभियंताओं का सम्मान किया

वरिष्ठ नागरिक मंच की आॅनलाइन संगोष्ठी का आयाेजन हुआ। मुख्य अतिथि पीजी काॅलेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ. आरएस जोशी थे। अध्यक्षता मंच के कार्यकारी अध्यक्ष डाॅ. आरएस मंत्री ने की। वरिष्ठ प्रवक्ता देवेंद्र शर्मा ने बताया कि हिंदी व अभियंता दिवस की पूर्व संध्या पर वक्ताओं ने विचार रखे। 28 अभियंताओं का सम्मान किया। मुख्य अतिथि डाॅ. आरएस जोशी ने कहा कि हिंदी देश में बोली जाने वाली प्रमुख भाषा है। राष्ट्रपिता

महात्मा गांधी ने 1918 के हिंदी साहित्य के इंदौर अधिवेशन में इसे राष्ट्र भाषा बनाने का समर्थन किया था। मोहनलाल श्योपुरा व इंदरलाल कुमाव ने कहा कि अंग्रेजी केवल एक भाषा है, लेकिन हिंदी में जज्बात, अहसास, अभिवादन, अपनत्व की झलक मिलती है। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य नारायणसिंह राव ने कहा कि हिंदी हमारी मां है। डाॅ. भगवतसिंह तंवर, प्रो ओपी राठी, जीएल पलोड़, देवेंद्र शर्मा, महेंद्र जैन, अशोक उपाध्याय

ने हिंदी भाषा की कई विशेषताएं गिनाई। इधर, अभियंता दिवस पर वरिष्ठ नागरिक मंच के सरंक्षक जस्टिस सीएम तोतला, डाॅ. एएल जैन, जिलाध्यक्ष नवरतन पटवारी तथा महासचिव आरसी डाड ने मंच के 28 अभियंताओं का अभिनंदन किया। संचालन बद्रीलाल भट्ट ने किया। आभार ओमप्रकाश आमेरिया ने जताया।

हिंदी दुनिया की चाैथी सर्वाधिक बाेली जाने वाली भाषा: डाड

महासचिव आरसी डाड व वरिष्ठ प्रवक्ता देवेंद्र शर्मा ने कहा कि हिंदी विश्व की चौथी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है, फिरभी इसे सयुंक्त राष्ट्र संघ की मान्यता नहीं मिलना दुखद प्रसंग है। डीएस जोशी ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। हिंदी के बोलने वाले व पक्षधर 80 प्रतिशत से भी अधिक आबादी है। श्याम कौशिक ने कहा कि केवल हिंदी दिवस पर ही हम अपनी मातृभाषा के बारे में बात करेंगे। मनवीर सिंह अत्री ने कहा कि 1918 में भी महात्मा गांधी ने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाने की आवाज उठाई थी।

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