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  • Separate Isolation Ward For The Treatment Of Dengue Patients, 22 Positives In ELISA Test In 15 Days, Treatment Of Three To Three Babies Together On One Bed In The Infant Ward Of Women And Children Hospital

जिले में डेंगू डंक:डेंगू मरीजों के इलाज के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड, 15 दिनाें में एलाइजा टेस्ट में 22 मिले पाॅजीटिव, महिला एवं बाल अस्पताल के शिशु वार्ड में एक बेड पर दाे से तीन-तीन शिशुओं का एक साथ उपचार

चित्तौड़गढ़15 दिन पहले
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जिले में डेंगू डंक ने चिकित्सा विभाग के पूरे सिस्टम काे हिलाकर रख दिया है। पूरे जिले में राेज औसतन 8 से 10 राेगी डेंगू पाॅजीटिव निकल रहे हैं। सितंबर महीने में अकेले जिला अस्पताल में रेपिड एंटीजन टेस्ट से 220 एवं गत 15 दिनाें में एलाइजा टेस्ट से 22 डेंगू राेगियाें की पुष्टि हाे चुकी है। जिला अस्पताल में डेंगू राेगियाें का अलग से उपचार करने के लिए आइसोलेशन वार्ड में शिफ्टिंग शुरू कर दी है। वहीं शिशु वार्ड में हालात यह है कि एक ही बेड पर दाे से तीन-तीन शिशु मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

डेंगू का डंक पूरे जिले में चिकित्सा विभाग के लिए चुनौती बन गया है। कारण बीते 15 दिनाें में जिले में करीब चार मौतें डेंगू से हाे चुकी है। रेपीट एंटीजन टेस्ट से सितंबर महीने में औसतन पूरे जिले में 500 डेंगू पाॅजीटिव निकल चुके हैं, हालांकि चिकित्सा विभाग इस टेस्ट में पाॅजीटिव काे डेंगू नहीं मान रहा है। करीब 15 दिनाें से जिला अस्पताल में एलाइजा टेस्ट शुरू हुए है। इसमें अब तक 22 राेगियाें में डेंगू की पुष्टि हाे चुकी है। वहीं जिला अस्पताल में ओपीडी में माैसमी बीमारियाें से ग्रसित 2100 से भी अधिक मरीज आने लगे हैं।

जिला अस्पताल के मेल एवं फिमेल वार्ड फुल चल रहे हैं। इसलिए डेंगू राेगियाें का अलग से उपचार के जिला अस्पताल ने आइसोलेशन वार्ड में शिफ्टिंग मंगलवार से शुरू कर दी है। बीते दाे दिनाें में इस वार्ड में डेंगू के संदिग्ध 15 राेगियाें काे भर्ती किया जा चुका है। वहीं शिशु वार्ड में 36 बेड लगे हैं, लेकिन 57 शिशु भर्ती है, इसलिए दाे से तीन-तीन बच्चाें काे एक ही बेड पर उपचार किया जा रहा है।

डाक्टर्स की सलाह: डरे नहीं, उपचार लें, जिला अस्पताल में पूरे स्टाफ की मीटिंग भी ली

पीएमओ डा दिनेश वैष्णव ने बताया कि डेंगू पाॅजीटिव आने पर भी डरे नहीं, अस्पताल में ही उपचार ले। जिला अस्पताल में उपचार की व्यवस्था पूरी है। प्लेटलेट्स भी आसानी से दिया जा रहा है। उन्हाेंने बताया कि डेंगू राेगियाें के अलग से उपचार के लिए आइसोलेशन वार्ड में शिफ्टिंग करना शुरू कर दी। सभी डाक्टर्स, कार्मिकाें की मीटिंग लेकर डेंगू के संदिग्ध राेगियाें का इलाज गंभीरता से करने के लिए पाबंद किया है।

इधर जिला प्रमुख डॉ सुरेश धाकड़ ने मौसमी बीमारियों के संबंध में सीएमएचओ रामकेश गुर्जर से विस्तृत चर्चा की। जिला प्रमुख द्वारा बेगूं क्षेत्र में डेंगू कंट्राेल के लिए सीएमएचओ काे निर्देश दिए। मण्डेसरा में नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कुछ कमियां पाने की जानकारी मिलने पर अधिशाषी अभियन्ता एवं ठेकेदार को कमियाें काे जल्द सुधारने के निर्देश दिए।

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