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पर्यावरण दिवस पर विशेष:प्रकृति से इतना प्रेम की घर के बाहर जगह नहीं मिली तो छत पर बना लिया मॉर्डन गार्डन, 700 से भी है ज्यादा पौधे

चित्तौड़गढ़4 महीने पहलेलेखक: ऋतुपर्णा मुखर्जी
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छत पर बनाया मॉडर्न गार्डन - Dainik Bhaskar
छत पर बनाया मॉडर्न गार्डन

पिछले कुछ सालों में लोगों में टेरेस गार्डनिंग के प्रति जागरूकता और रूचि बढ़ी है। इन दिनों अधिकांश लोग अपने घर की छत, बालकनी या फिर किसी भी खाली जगह में गार्डनिंग कर रहे हैं। जिला मुख्यालय के हेयर ड्रेसर ने अपने सैलून की छत को एक सुंदर से मॉर्डन गार्डन में बदल दिया है। साथ ही, वह अन्य लोगों के भी गार्डनिंग में हेल्प करता है। कुंभानगर निवासी बनवारी पुत्र बालूराम तंवर पेशे से एक हेयर ड्रेसर है। साथ ही एक प्रकृति प्रेमी भी। गत चार सालों से टेरेस गार्डनिंग कर रहे हैं।

टेरेस गार्डन में है लगभग 700 से ज्यादा पौधे
टेरेस गार्डन में है लगभग 700 से ज्यादा पौधे

बनवारी ने भास्कर डिजिटल को बताया, “ज्यादातर घरों में छत को ‘डंपयार्ड’ की तरह इस्तेमाल में लिया जाता है। हमारे घर का जो भी कबाड़ होता है, उसे हम छत पर रख देते हैं। घर पर भी ढेर सारी पुरानी और बेकार चीजें रखी हुई थीं। लेकिन जब मैंने गार्डनिंग शुरू की, तो धीरे-धीरे प्लांटर की तरह इस्तेमाल में ले लिया था।”

वॉटर पॉन्ड बनाया जहां ऑरेंज कलर की है कोई फिश
वॉटर पॉन्ड बनाया जहां ऑरेंज कलर की है कोई फिश

लगाए 700 से ज्यादा पेड़-पौधे

बनवारी बताते हैं कि शुरुआत में उन्होंने कुछ गमलों में पौधे लगाएं, तो कुछ पुरानी-बेकार चीजों से प्लांटर बनाए। धीरे-धीरे उनका गार्डनिंग की तरफ रुझान बढ़ने लगा, तो उन्होंने और अलग-अलग प्रजातियों के पेड़-पौधे लगाना शुरू किया। उनके गार्डन में औषधीय पौधे जैसे पत्थरचट्टा, अजवाइन, मीठा नीम, लेमन ग्रास भी लगाए। इसके अलावा पानी वाले प्लांट्स जैसे लोटस, वाटर लिली, वाटर अंब्रेला, जलपरी भी लगाए। दो रूफ में यह गार्डन बनाया गया। 1000 और 700 स्क्वायर फ़ीट की जगह में फैला उनका गार्डन ‘बेस्ट आउट ऑफ़ वेस्ट’ का भी अच्छा उदाहरण है। उन्होंने बताया कि पौधे लगाने के लिए उन्होंने पुराना बाल्टी, तेल के पीपे, बाइक की डिक्की, टायर, बोतलें तक का इस्तेमाल किया है। इसे कबाड़ में बेचने की बजाय, मैंने प्लांटर बनाने का सोचा। अभी बनवारी के गार्डन में 700 से भी ज्यादा प्लांट्स है।

मॉडर्न गार्डन को दिया वर्टिकल शेप
मॉडर्न गार्डन को दिया वर्टिकल शेप

वर्टिकल शेप, वॉटरफॉल, आर्टिफिशियल ग्रास, पोंड से मॉडर्न गार्डन का लुक

एक्सपेरिमेंट करने के शौक़ीन बनवारी केवल गार्डन से खुश नहीं थे। इसलिए उन्होंने इसको मॉडर्न गार्डन बनाने की सोची। जहां उन्होंने वर्टिकल शेप, वाटरफॉल, पोंड, सीटिंग एरिया, परगोला, टी टेबल, बच्चों के लिए झूला, स्लाइडर, हैंगिंग प्लांट्स, लकड़ी के गमले में प्लांट लगाना इन सब से उसको सुंदरता दी। पोंड में उन्होंने छोटी-छोटी 'कोई फिश' भी रखी। गार्डन में आर्टिफिशियल ग्रास और डिम लाइट भी लगवाई। बनवारी का कहना है कि प्रकृति से उन्हें बहुत प्यार है। काम के दौरान खाली टाइम पर यहां रहना पसंद करते है। नीचे उनका सैलून चलता है और उन्होंने इसे रेंट पर ले रखा है। उनके सैलून में आने वाले क्लाइंट में भी उनसे सलाह लेकर गार्डन बनवाया।

लगाए कई वाटर प्लांट।
लगाए कई वाटर प्लांट।

लॉकडाउन में हुई थी चिंता इसलिए घर छोड़कर पत्नी संग हुए यहां शिफ्ट

बनवारी कुंभा नगर में रहते हैं। उनका एक सैलून महाराणा प्रताप सेतु मार्ग पर भी है। जब गत वर्ष लॉकडाउन लगा तो उन्हें इस बात की चिंता हुई थी की पेड़ पौधों को कौन संभालेगा? इसलिए उन्होंने अपना घर छोड़कर अपनी पत्नी के साथ यही एक कमरे में शिफ्ट हो गए। उनकी पत्नी भी उनके सैलून में मेकअप आर्टिस्ट के रूप में काम करती है। जब बनवारी सुबह सैलून में बिजी होते हैं तो उस दौरान पत्नी पेड़ पौधों का ध्यान रखती है। रोज उनको पानी देना, उनकी कटाई-छटाई सब कुछ चीजों का ध्यान रखा जाता है। इन्होंने कई सजावटी पौधे भी लगा रखे हैं और हॉर्टिकल्चर से कीड़े ना लगे, इसके बारे में लगातार जानकारी लेते हैं। ताकि पेड़ पौधों की रक्षा कर सकें।

नाइट विजन के लिए लगाई डिम लाइट।
नाइट विजन के लिए लगाई डिम लाइट।