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स्थानीय निकाय:राजनीतिक नियुक्ति में पायलट खेमे से सोशल डिस्टेंसिंग; नगरपरिषद में एक पूर्व पार्षद और गुर्जर समाज के नेता शामिल

चित्तौड़गढ़एक महीने पहले
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  • चित्तौड़ में 3, निंबाहेड़ा में 1 पार्षद नियुक्त

राज्य सरकार ने शुक्रवार शाम प्रदेश के 21 और नगर निकायों में 98 सदस्यों की नियुक्ति की है। इनमें चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में 3 और निंबाहेड़ा नगरपालिका में एक पार्षद शामिल है। दोनों जगह पहले भी क्रमश: 5 और 4 पार्षद मनोनीत हो चुके थे। नई नियुक्तियों में भी जातिगत और क्षेत्रवार संतुलन के साथ सियासी निष्ठा को भी साधा गया।

चित्तौड़गढ़ में पूर्व पार्षद दिनेश जायसवाल स्टेशन-मधुवन, कमल गुर्जर गांधीनगर और राजेंद्र मूंदडा शास्त्रीनगर को पार्षद नियुक्त किया गया। यहां रणजीत लोठ, युसूफ भैयया, अनिल भडकत्या, एडवोकेट आरिफ अली व उमा सुराणा के रूप में 5 सदस्य पहले भी नियुक्त हो गए थे।

अब तीन और नियुक्ति के साथ कुल पार्षदों की संख्या 68 हो गई है। नवंबर 2019 के आम चुनाव में 60 पार्षद चुने गए थे और सभापति संदीप शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस का बोर्ड बना। निम्बाहेड़ा नपा में माणकलाल साहू को और सदस्य बनाने के साथ ही मनोनीत पार्षदों की संख्या 5 और कुल संख्या 50 हो गई।

यहां भी नवंबर 2019 में ही चेयरमैन सुभाष शारदा के नेतृत्व में कांग्रेस का बोर्ड बना था। दोनों निकायों में नवनियुक्त पार्षद विस चुनाव प्रत्याशी क्रमश: पूर्व विधायक सुरेंद्रसिंह जाडावत व मंत्री उदयलाल आंजना की सिफारिश पर ही बने।

ये दोनों नेता सीएम अशोक गहलोत खेमे में है। दोनों जगह पायलट खेमे का खास अस्तित्व नहीं है। कुछ दिन पूर्व कपासन भी पार्षद नियुक्त हुए थे। जहां सचिन पायलट गुट के आनंदीराम खटीक थे, लेकिन वहां भी नियुक्तियों में इस गुट को कोई तरजीह नहीं मिली।

जानिये, इन नियुक्तियों के पीछे का गणित, जाति, क्षेत्र के साथ वरिष्ठता को भी तरजीह मिली

दिनेश जायसवाल: स्टेशन क्षेत्र से 1994 में खुद व अगले बोर्ड में पत्नी पार्षद रही। वर्तमान में मधुवन में निवासरत होने के साथ ही इनका शहर के तीन वार्डों में प्रभाव माना जाता है। ओबीसी में आने वाली इस जाति का भी जिले में शुरू से रुझान कांग्रेस में ही रहा। जाति, क्षेत्र के साथ वरिष्ठता को भी तरजीह मिली।

कमल गुर्जर: डीसीसी के सचिव रह चुके कमल की नियुक्ति से खास तौर पर गुर्जर समाज को साधा गया। वर्तमान बोर्ड में इस जाति से भाजपा के दो पार्षद जीतकर आए पर कांग्रेस का एक भी नहीं है। न किसी को टिकट मिल पाया था। गांधीनगर क्षेत्र निवासी कमल लंबे समय से कांग्रेस में सक्रिय है।

माणकलाल साहू: ट्रांसपोर्ट व्यवसायी माणकलाल साहू ओबीसी में तेली समाज से है। जो निम्बाहेड़ा नगर में एक बड़ी जाति है। हालांकि पहले कभी किसी पद पर नहीं रहे पर शुरू से कांग्रेस और मंत्री उदयलाल आंजना के प्रति निष्ठावान और सक्रिय कार्यकर्ता रहे।

राजेंद्र मूंदड़ा: यह नियुक्ति हाल में गहलोत सरकार के निर्णय अनुरूप दिव्यांग कोटे में की गई। माहेश्वरी जाति के और रुद गांव निवासी राजेंद्र की भाभी मंजूदेवी वर्तमान में शास्त्रीनगर से कांग्रेस पार्षद है। परिवार शुरू से कांग्रेस के प्रति वफादार और निष्ठावान रहा।

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