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मौसम:दस साल बाद जल्दी आई गर्मी, फरवरी के आखिरी और फाल्गुन के पहले दिन तापमान 36.3 डिग्री पहुंच गया

चित्तौड़गढ़5 महीने पहले
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  • फरवरी में औसत से 4 या 5 डिग्री अधिक रहा तापमान, दो सप्ताह पहले आ गई गर्मी, कुछ दिन रहेंगे गर्म

अभी वंसत ऋतु चल रही है, लेकिन दिन इतने गर्म हो गए कि दस साल का रिकाॅर्ड तो टूट ही गया। रविवार फरवरी का आखिरी और हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास का पहला दिन था, लेकिन अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री जा पहुंचा। सोमवार को हालांकि यह वापस दो डिग्री कम हुआ पर इस बार सामान्य से 4 से 5 डिग्री अधिक तापमान है।

2011 में 27 फरवरी को अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री था। इस बार 22 फरवरी के बाद ऐसा कोई दिन नहीं रहा, जब तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा हो। सोमवार को तापमान अधिकतम 34. 4 और न्यूनतम 14 डिग्री दर्ज हुआ।

रविवार को यह 36.3 और 15 डिग्री था। चित्तौड़गढ़ प्रदेश के उन 17 जिलों में है, जहां अधिकतम तापमान मार्च पहले ही 30 डिग्री पार रहा। दिन व रात के तापमान में 15-16 डिग्री का अंतर है। हालांकि 27 फरवरी को तो न्यूनतम तापमान भी 18.9 डिग्री तक था।
पर्यटकों में कमी: गर्मी के कारण दुर्ग पर पर्यटकों की आवक में भी कमी आई है। दोपहर में पर्यटकों की संख्या कम दिखती है।
आगे क्या: मौसम वैज्ञानिक नरेंद्रसिंह के अनुसार कुछ दिन अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री का अनुमान है। हवा पांच किमी प्रतिघंटा दक्षिण पश्चिमी चलेगी।
फरवरी में पश्चिम विक्षोभ आते हैं, इस बार नहीं...माैसम वैज्ञानिकाें के अनुसार आमतौर पर फरवरी में चार से पांच पश्चिमी विक्षोभ आते हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्राें में बर्फबारी तो उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्राें में बारिश होती है। बीते दिनों में किसी भी मैदानी इलाके में बारिश नहीं हुई। बादल हिमालय की पहाड़ियों से टकराने से पहले ही कश्मीर के रास्ते मध्य एशिया की तरफ चले गए। इससे मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने लगा है।

ग्लोबल वार्मिंग: एंटी साइक्लोनिक सिस्टम बना, पश्चिम विक्षोभ नहीं हो, इसलिए गर्मी
फरवरी में तापमान औसत से पांच डिग्री ज्यादा रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार एंटी साइक्लोनिक सिस्टम बनने से पूर्वी हवा में बार-बार बदलाव हो रहा है। पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय नहीं होने से तापमान चढ़ा और गर्मी भी दो हफ्ते पहले आ गई। पश्चिमी विक्षोभ मैदानी क्षेत्रों में नहीं जाकर पहाड़ों की तरफ जा रहे हैं। इससे हवा में बार-बार बदलाव हो रहा है। इस सिस्टम के प्रभाव से ही तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज हो रहा है।

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