प्रहलाद की ऐसी भक्ति:चित्तौड़ किले स्थित कंकाली माता काे भेंट करने बैलगाड़ी लेकर आए दंपती, राेका ताे आठ दिन से वहीं पर पड़ाव

चित्तौड़गढ़2 महीने पहले
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एमपी से बैलगाड़ी लाया किसान दंपत्ति किले पर पूजा अर्चना करते हुए। - Dainik Bhaskar
एमपी से बैलगाड़ी लाया किसान दंपत्ति किले पर पूजा अर्चना करते हुए।
  • 70 किलाेमीटर दूर से आया, 5 साल पहले भी सपना आया था ताे 7 गायें भेंट की थीं

नवरात्र में भक्त दंपती नीमच जिले के चल्दू गांव से बैलगाड़ी पर चित्तौड़गढ़ आए। दंपती ने दाेनाें बैल हाल ही खरीदे। ये बैल और लकड़ी की गाड़ी वे दुर्ग पर स्थित कंकाली माता काे भेंट करना चाहते हैं। हालांकि पुरातत्व विभाग के गार्ड ने इन्हें गाड़ी किले पर चढ़ाने की अनुमति नहीं दी। अब बैलगाड़ी पाडनपोल के पास खड़ी है और वे पैदल ही दुर्ग पर बैल लेकर चले गए।

पति-पत्नी आठ दिन से वहीं आराधना कर रहे हैं और गाड़ी भेंट कर ही जाने की कह रहे हैं। भक्त प्रहलादसिंह नवरात्र स्थापना के दिन बैलगाड़ी से चित्ताैड़ आए। पत्नी, एक बछड़ा, एक छोटा श्वान व कुछ खाने-ठहरने का सामान साथ है। दूसरे दरवाजे पर गार्ड ने बैलगाड़ी राेक ली। भक्त ने बताया कि दोनों बैल और गाड़ी किले पर फत्ताजी व कंकाली माता मंदिर में भेंट करने हैं।

गार्ड ने नियमों का हवाला देते हुए गाड़ी ऊपर ले जाने से मना कर दिया। तब दंपती पैदल ही दोनों बैल, बछड़े, श्वान व सामान लेकर किले पर चले गए। वहां फत्ताजी हवेली के आसपास रहकर नवरात्र आराधना कर रहे हैं। बैल और बछड़े हवेली के आसपास खुले छोड़ दिए और गाड़ी पाडनपोल के पास रखी है। प्रहलादसिंह किसान हैं।

बताया कि एक बैलगाड़ी चित्तौड़ किले पर खातन बावड़ी के पास भेंट में रखने का सपना आया। इसलिए 11 हजार रुपए में दो बैल खरीदे। करीब साढ़े तीन हजार रुपए में गाड़ी बनवाई और नवरात्र स्थापना से दो दिन पहले 70 किलाेमीटर दूर चल्दू से निकला था। वह रोज नीचे जाकर गाड़ी संभाल आता है। इससे पहले वह 2016 में 7 गायें यहां भेंट कर चुका है। कंकालीमाताजी का स्थान इसी हवेली में है।

बड़ी-बड़ी गाड़ियां चढ़ रहीं ताे बैलगाड़ी क्याें नहीं जा सकती

भक्त प्रहलाद की बैलगाड़ी को किले पर नहीं ले जाने देने पर दंपती व अन्य श्रद्धालु सवाल उठा रहे। पर्यटकों के छोटे-बड़े मोटर वाहन, निर्माण सामग्री से भरे भारी वाहन किले पर बेरोक आते-जाते हैं तो बैलगाड़ी को क्यों राेका जा रहा? जबकि इससे ताे किसी तरह का प्रदूषण भी नहीं हाेता। गाड़ी में कुछ दिन के राशन के अलावा कुछ नहीं है।

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