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शहर के लिए अच्छी खबर:बनस्टी माइंस से घाेसुंडा बांध पानी लाने का प्रयोग सफल, चार दिन में 231 लाख लीटर पानी पहुंचा

चित्ताैड़गढ़एक महीने पहले
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  • बनस्टी से साढ़े आठ किमी दूर घाेसुंडा बांध में पानी पहुंचने लगा

बनस्टी माइंस से साढे़ आठ किलोमीटर दूर घोसुंडा डेम तक पानी पहुंचाने का प्रयोग सफल हुआ। बीते चार दिनाें में अब तक 231 लाख लीटर पानी बनस्टी से घोसुंडा माइंस तक पहुंचाया जा चुका है। लगातार पानी लेना का ग्राफ बढ़ाया जाएगा। जैसे ही 100 लाख लीटर प्रतिदिन पानी बनस्टी से घाेसुंडा डेम में आने का नियमित क्रम शुरू हाे जाएगा। उसके बाद जलदाय विभाग द्वारा चित्ताैड़ शहर काे नियमित जलापूर्ति का प्लान है।

हालांकि यह ताे विभाग के अधिकारियाें ने स्पष्ट कर दिया कि यदि समय रहते मानसून नहीं आया ताे भी पांतरे जलापूर्ति का सिस्टम जुलाई के प्रथम सप्ताह तक आसानी से चलता रहेगा। एक प्रकार से चित्ताैड़ शहर काे पानी की किल्लत से परेशान नहीं हाेना पडे़गा। मार्च महीने के प्रथम सप्ताह में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग काे पांतरे जलापूर्ति का सिस्टम शुरू कर दिया था। कारण मुख्य पेयजल स्त्राेत घाेसुंडा डेम काे वाटर लेवल नीचे गिरने लगा था। इसके अलावा वर्तमान में वागलिया डेम में पानी नहीं है। इसके बाद जिला प्रशासन एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने बनस्टी माइंस से पानी लेने की याेजना बनाई और काेर्ट से मंजूरी लेते हुए बनस्टी माइंस से घाेसुंडा डेम तक साढे़ आठ किमी की पाइपलाइन बिछाई।

हाल ही में इस पाइपलाइन का काम पूरा हाेने के बाद बीते चार दिनाें से बनस्टी माइंस से जलदाय विभाग ने पाइपलाइनाें के जरिए पानी लेना शुरू कर दिया है। बीते चार दिनाें में ही बनस्टी माइंस से घाेसुंडा डेम में 231 लाख से अधिक पानी लिया जा चुका है। इस पानी की आवक काे निरंतर बढ़ाने के प्रयास में जलदाय विभाग लगा हुआ है। विभाग की याेजना है कि बनस्टी माइंस से प्रतिदिन 100 लाख लीटर पानी लिया जा सके।

जलदाय विभाग के एसई श्याेजीराम का मानना है कि बनस्टी माइंस से प्रतिदिन 100 लाख लीटर पानी लेने की क्षमता हाेते ही चित्ताैड़ शहर काे नियमित जलापूर्ति का प्लान है। साथ ही यदि बनस्टी से किन्हीं कारणाें से 100 लाख लीटर से कुछ मात्रा मेें कम पानी भी घाेसुंडा डेम में आता रहेगा ताे, भी चित्ताैड़ शहर मेें जुलाई के प्रथम सप्ताह तक भी पांतरे जलापूर्ति सिस्टम किसी भी हालात में गड़बड़ाएगा नहीं।

जानिए बनस्टी माइंस में अभी कितना पानी, अभी शहर काे राेज 170 लाख लीटर पानी सप्लाई हो रहा, 48 घंटे के अंतराल में हो रही जलापूर्ति
अभी बनस्टी माइंस में करीब 50 एमसीएफटी (मिलीयन क्यूबिक फिट) पानी है। इस माइंस से प्रतिदिन 100 लीटर पानी भी घाेसुंडा डेम में तीन से चार महीने तक आसानी से लिया जा सकेगा। वहीं वर्तमान में चित्ताैड़ शहर की करीब डेढ़ लाख की आबादी काे दाे भागाें में बांटकर 48 घंटे के अंतराल में प्रतिदिन 170 लाख लीटर पानी सप्लाई किया जा रहा है।

यह व्यवस्था मार्च महीने के प्रथम सप्ताह से चली आ रही है। जलदाय विभाग के सहायक अभियंता सीवी सिंह ने बताया कि अभी प्रतिदिन 60 लाख लीटर घोसुंडा डेम से, 100 लाख लीटर भेरडा माइंस से तथा 10 लाख लीटर नलकूपों से प्रतिदिन पानी लेकर शहर काे सप्लाई किया जा रहा है।

खपत के मुकाबले प्राेड्क्शन कम, इसलिए 100 लाख लीटर रोज बनस्टी माइंस से लेने का प्लान बनाया, ताकि रोज सप्लाई हो सके
फरवरी महीने तक प्रतिदिन 200 लाख लीटर पानी सप्लाई किया जाता था। उस समय घाेसुंडा डेम, भैरड़ा माइंस, नलकूपाें व वागलिया डेम से मिलाकर प्रतिदिन 250 लीटर पानी का प्राेड्क्शन हाे रहा था। इसलिए जबकि खपत 200 लाख लीटर ही प्रतिदिन थीं। अब यह प्राेड्क्शन अब प्रतिदिन 170 लाख लीटर ही रह गया है। इस कारण पांतरे जलापूर्ति की जा रही है। शहर की पेयजल व्यवस्था बनी रहे तथा नियमित पानी भी दिया जा सके। इसी उद्देश्य से बनस्टी माइंस का पानी घाेसुंडा तक लाने का प्लान तैयार किया था।

बनस्टी माइंस से घाेसुंडा डेम की पाइपालाइन बिछ चुकी है। पिछले चार दिनाें में 231 लाख से अधिक पानी बनस्टी माइंस से घाेसुंडा डेम में लेने का सफल परीक्षण हाे चुका है। बनस्टी माइंस से प्रतिदिन औसतन 100 लाख लीटर पानी लेने की याेजना है, इसलिए धीरे-धीरे पानी की आवक काे बढ़ाया जा रहा है।

जैसे ही नियमित रूप से 100 लाख लीटर पानी बनस्टी माइंस से मिलने का सही क्रम शुरू हाे जाएग ताे, शहर काे नियमित जलापूर्ति का प्लान भी है। लेेकिन बनस्टी से पानी मिलने से यह फायदा हुअा है कि मानसून यदि जुलाई के प्रथम सप्ताह तक भी नहीं आया ताे, भी शहर में पांतरे जलापूर्ति का सिस्टम गड़बड़ाएगा नहीं।
-श्याेजीराम, एसई, पीएचईडी

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