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बच्चाें की रक्षा:झाड़ियों में फेंकी नवजात अब स्वस्थ, पांच दिन जिला अस्पताल में रहेगी, बच्ची को गोद में उठाकर दूध पिला रहे डॉक्टर और नर्सिंगकर्मी

चित्तौड़गढ़23 दिन पहले
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चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल में भर्ती नवजात। - Dainik Bhaskar
चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल में भर्ती नवजात।
  • मेरे पास अब डॉक्टर मां है

मां हमेशा अपने बच्चाें की रक्षा करती है, लेकिन एक मां ऐसी भी है जिसने जन्म देने के सिर्फ तीन घंटे बाद नवजात बेटी का त्याग कर दिया। पालने में छोड़ने के बजाय उसे डोरिया गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र के पीछे झाड़ियों में फेंक दिया। वजह चाहे कुछ भी रही हो, लेकिन बेटी अनाथ हो गई और अस्पताल पहुंच गई। अच्छी बात यह है कि जिला अस्पताल में उसकी सेवा डॉक्टर और नर्सिंगकर्मी अपनी बेटी की तरह कर रहे हैं।

उसे दूध पिलाने, कपड़े पहनाने और गोद में उठाने तक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। नर्सिंगकर्मी नवजात को बेबी कहकर पुकार रहे हैं। स्टाफ का हर सदस्य एक बार नन्हीं परी को देखने जरूर पहुंच रहा है। झाड़ियों में फेंकी इस नवजात के पास अब डॉक्टर के रूप में मां है। ऐसे कई कारण हैं जिससे डॉक्टर को भगवान का रूप बताया गया है। जिला महिला एवं बाल चिकित्सालय के डॉक्टर जयसिंह मीणा ने बताया कि बच्ची एसएनसीयू यूनिट में भर्ती है, जो स्वस्थ है।

जिस शॉल व टी-शर्ट में लिपटी थी बच्ची उसके आधार पर पुलिस कर रही जांच

5 साल में पालने में 15 बच्चों को छोड़ा
जिला मुख्यालय पर पालना की शुरुआत 2016 में हुई। अब तक 15 बच्चों काे पालने में छोड़ा गया। वर्ष 2017 में 2, वर्ष 2018 में 2, वर्ष 2019 में 5, वर्ष 2020 में 4 और वर्ष 2021 में अब तक 2 बच्चों को पालने में छोड़ा गया।

डोरिया गांव में कपड़ों में लिपटी मिली थी नवजात, एएनएम ने संभाला था... डोरिया गांव के अस्पताल के पीछे झाड़ियाें में शनिवार सुबह 6:45 बजे कपड़ों में लिपटी नवजात बालिका मिली थी। राेने की आवाज सुनकर एएनएम करिश्मा कंवर राठौड़ बच्ची काे उठाकर लाई। प्राथमिक उपचार के बाद चित्तौड़गढ़ भेजा। नवजात का वजन ढाई किलो है। निंबाहेड़ा सदर थाना पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है।

बच्ची को फेंकने वाली महिला की जानकारी देने पर अब 22 हजार का ईनाम
निंबाहेड़ा डिप्टी सुभाषचंद्र चौधरी, सदर पुलिस थाने के सीआई फूलचंद टेलर ने बताया कि ढोरिया गांव में मिली नवजात बालिका के मामले में महिला का खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
जांच बिनोता पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई देवेंद्र सिंह पवार को सौंपी है। चौकी प्रभारी पवार ने बताया कि जिस शॉल और टी-शर्ट में लपेटकर नवजात बालिका को फेंका था उसके आधार पर जांच की जा रही है।

क्षेत्र की एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, साथिनी से गर्भवती महिलाओं की सूची मांगी है। चौकी प्रभारी पवार ने बताया कि सरपंच रामेश्वरलाल धाकड़ एवं पूर्व सरपंच शिवनारायण धाकड़ ने नवजात के माता-पिता की पहचान करने वालों को 11-11 हजार रुपए देने की घोषणा की है। महिला के बारे में जानकारी देने वाले को 22 हजार रुपए ईनाम दिया जाएगा।

जिला महिला एवं बाल चिकित्सालय के डॉक्टर जयसिंह मीणा से बात की। उन्होंने बताया कि बच्ची को अभी चार-पांच दिन अस्पताल में ही रखना होगा, क्योंकि उसके शरीर पर मामूली खरोंच के निशान हैं। अब नवजात के स्वास्थ्य में सुधार है।
-रमेशचंद्र दशोरा, बाल कल्याण समिति चित्तौड़गढ़

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