नेशनल हाईवे-27 पर कार पलटी, 2 मरे:तेज रफ्तार ट्रेलर ने मारी टक्कर, खाई में गिरी कार में 3 लोग थे सवार; महिला गंभीर, उदयपुर रेफर

चित्तौड़गढ़एक महीने पहले
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खाई में गिरी हुई कार। - Dainik Bhaskar
खाई में गिरी हुई कार।

चित्तौड़गढ़ के पारसोली थाना क्षेत्र में सोमवार को तेज रफ्तार ट्रेलर ने कार को टक्कर मार दी। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर पलट गई। इसके बाद खाई में जा गिरी। कार सवार एक युवक और महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला को गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया है। ये तीनों गुजरात से अयोध्या जा रहे थे। अयोध्या के पास एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना था।

कार को क्रेन की मदद से हटाया गया।
कार को क्रेन की मदद से हटाया गया।

थानाधिकारी रामदेव सिंह ने बताया कि पारसोली से 2 किलोमीटर दूर राजगढ़ के समीप नेशनल हाईवे-27 पर हादसा हुआ। तेज रफ्तार ट्रेलर ने कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से कार पलटी खा कर खाई में जा गिरी। रामपुरा सुरेंद्र नगर, गुजरात निवासी पुरुषोत्तम रणछोड़ भाई चावड़ा (41), सुरेंद्र नगर गुजरात निवासी गीता देवी (49) पत्नी मनु भाई और सन्यासी ललिता बाई (36) पुत्री घनश्याम भाई कार में सवार थीं।

इलाज के दौरान एक महिला ने तोड़ा दम।
इलाज के दौरान एक महिला ने तोड़ा दम।

राहगीरों ने टोल कर्मियों को दी सूचना

राहगीरों ने 8 किलोमीटर दूर बस्सी टोल नाके पर जाकर हादसे की सूचना दी। टोलकर्मियों ने हाईवे की एंबुलेंस को मौके पर भेजा। एंबुलेंस चालक ललित कुमार पुरोहित ने रास्ता बंद होने की सूचना दी। इसके बाद क्रेन भेजी गई, तब जाकर यातायात बहाल हो सका। क्रेन से ट्रेलर को सड़क किनारे कर कार को खाई से बाहर निकाला गया। वहीं, पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से कार से सवार तीनों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने पुरुषोत्तम रणछोड़ भाई चावला को मृत घोषित कर दिया। यहां इलाज के दौरान गीता देवी ने भी दम तोड़ दिया।

ललिता बाई को उदयपुर रेफर किया गया है।
ललिता बाई को उदयपुर रेफर किया गया है।

ललिता देवी है स्वामीनारायण मंदिर की संन्यासी

दम तोड़ने से पहले गीता देवी ने बताया कि ललिता बाई गुजरात के स्वामीनारायण मंदिर की भिक्षु हैं। तीनों गुजरात से अयोध्या जा रहे थे। ट्रेलर कोटा से चित्तौड़गढ़ की ओर जा रहा था। इस दौरान यह हादसा हुआ। ललिता देवी की गंभीर हालत को देखकर डॉक्टर ने उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया। हॉस्पिटल पुलिस चौकी इंचार्ज विजयलक्ष्मी को पुरुषोत्तम भाई की पैंट की जेब से उनका पर्स मिला। उसमें आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस रखा हुआ था। साथ ही एक मोबाइल मिला, जिसके लास्ट कॉल डायल पर फोन कर पुलिस ने पुरुषोत्तम के परिजनों को मौके पर बुलाया है। परिजन गुजरात से निकल चुके हैं और उनके आने के बाद ही पोस्टमाॅर्टम किया जाएगा।

40 किमी वापस लौटकर आए साथी

सुरेंद्र नगर गुजरात में भगवान स्वामीनारायण का आश्रम है। यहां से 2 कार लेकर 7 लोग निकले थे। एक कार में पुरुषोत्तम, गीता देवी व संन्यासी ललिता और दूसरी कार में राजेन्द्र, सन्यासी कोकिला बेन, हीरा बेन और चंद्रेखा बेन सवार थे। ये सभी अयोध्या (उत्तर प्रदेश) के पास छपिया गांव में जा रहे थे। छपिया गांव में नारायण भगवान का जन्म भूमि है। चतुर्मास के दौरान वहां कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। दूसरी कार इनसे काफी आगे चल रही थी। जब एक्सीडेंट हुआ तब एक कार आरोली टोल तक पहुंच चुकी थी। तब इनके पास फोन आया कि उसके साथियों की कार का एक्सीडेंट हो चुका है। 40 किमी लौटकर घटनास्थल पर पहुंचे।

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