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केमिकल से चमका रहे थे खराब धनिया:पॉलिश के बाद कीमत दोगुनी, 340 क्विंटल माल जब्त, व्यापारी बोला- MP में सख्ती के बाद राजस्थान को बनाया ठिकाना

चित्तौड़गढ़4 महीने पहले
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जिले के निम्बाहेड़ा क्षेत्र के चरलिया ब्राह्मण गांव में एक मकान के गोदाम में कोतवाली पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने छापा मारा। वहां मिलावटी रंगों से धनिये की पॉलिश की जा रही थी। शुक्रवार देर रात तक कार्रवाई जारी रही। पुलिस ने मौके से 943 कट्टे बरामद किए, जिसमें 340 क्विंटल 40 किलो धनिया था।

निंबाहेड़ा कोतवाली थानान्तर्गत कोटड़ीकलां ग्राम पंचायत के चरलिया ब्राह्मण स्थित एक मकान के गोदाम में नीमच का एक व्यापारी 62 वर्षीय राजेश कुमार पुत्र फतेह लाल अग्रवाल मशीन की सहायता से धनिये पर मिलावटी रंगों से पॉलिश कर उन्हें चमका कर ऊंचे कीमतों पर मार्केट में बेचने का काम करता है। राजेश अग्रवाल ने यहां मकान किराए पर ले रखा था। सूचना मिलने पर कोतवाली निंबाहेड़ा पुलिस ने छापा मारा और 943 से अधिक कट्टे धनिये के मिले।

सैंपल लेने के लिए फूड इंस्पेक्टर महेश सिहाग को भी बुलाया गया। एसपी दीपक भार्गव के आदेश पर भदेसर डिप्टी अदिति चौधरी के निर्देशन पर थानाधिकारी हरेंद्र सिंह सोढा के नेतृत्व में उप निरीक्षक गोवर्धन सिंह ने यह कार्रवाई की।पुलिस ने धनिया के सैंपल लेकर गोदाम को सील कर दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस पॉलिश से धनिये की कीमत दोगुने से भी अधिक हो जाती है। कार्रवाई के दौरान कोतवाली पुलिस का जाप्ता भी मौजूद था।

गोदाम में रखे हुए धनिये से भरे कट्टे।
गोदाम में रखे हुए धनिये से भरे कट्टे।

मकान मालिक की भूमिका की जांच

आरोपी राजेश ने बताया कि नीमच मध्य प्रदेश की प्रशासन व्यापारियों के खिलाफ काफी सख्त कार्रवाई कर रहे थे। इससे घबराकर वह मध्य प्रदेश-राजस्थान बॉर्डर के पास के गांव में एक किराए का मकान ले लिया और इस बात का भी ध्यान रखा कि वह घर एकांत जगह पर हो। पुलिस का कहना है कि यह घर बाबूलाल पुत्र शंकर लाल धाकड़ निवासी चरलिया ब्राह्मण का है। मकान मालिक भी इस मामले में शामिल है या नहीं, इस बात की जांच चल रही है।

सल्फर केमिकल का इस्तेमाल

पुलिस ने बताया कि पुराने खराब धनिया गोदाम में भर रखे थे। 340 क्विंटल 40 किलो धनिया रखा हुआ था। इसमें से केमिकल वाले 18 हजार 440 किलो धनिया थे, जबकि बिना केमिकल के 15 हजार 600 किलो थे। पुलिस ने यह भी बताया कि इन धनिये में सल्फर और अन्य केमिकल लगाकर मशीनों के सहायता से इन्हें नया रूप दिया जाता है। पॉलिश करने पर यह बिल्कुल नए धनिये जैसे लगता है। ग्राहकों को पता भी नहीं चलता है कि यह ओरिजिनल नहीं है, लेकिन ग्राहकों के इसको इस्तेमाल करने से जिंदगी भी खत्म हो सकती है।

एमपी, गुजरात तक भेजा जाता है माल

प्रारंभिक जांच में आरोपी राजेश ने बताया कि वह नीमच में काम करता था। 2 महीने पहले ही प्रशासन की सख्ती के बाद राजस्थान में आकर यह मिलावट का काम करने लगा। यहां से एमपी, गुजरात और अन्य कई राज्यों में इसकी सप्लाई करता है। हालांकि जांच अभी भी जारी है और यह भी पता किया जा रहा है कि माल कहां कहां भेजा जाता है? पुलिस ने भादसा की धारा 420, 269, 272, 273, 278, 483 में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।