सियासत की साइकिल:सत्ता के साथ बेटियों की साइकिल का रंग भी बदला, भगवा की जगह इस बार काले रंग में, नौंवी के साथ दसवीं की छात्राओं काे

चित्तौडग़ढ़एक महीने पहलेलेखक: दीपचंद पाराशर
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  • काेराेना के कारण साइकिल वितरण नहीं हुआ, प्रदेश में पिछली सरकार भाजपा की थी तो साइकिल का रंग भगवा था, अब काला

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हाेते ही बेटियों की साइकिल का कलर भी बदल जाता हैं। कांग्रेस शासन में सरकारी स्कूलों की पात्र बेटियों को काले रंग की साइकिलें मिलेंगी। भाजपा राज में यह भगवा रंग की थी। प्रदेश स्तर पर टेंडर प्रक्रिया हाेने के बाद साइकिलें तैयार भी हाेने लगी हैं। उम्मीद है कि जल्द ही हमारे जिले में भी नई साइकिलें तैयार हो जाएगी। जल्द वितरण की उम्मीद हैं। गत साल कोरोना के कारण साइकिलें वितरण नहीं हुई थीं, इसलिए इस बार दसवीं की छात्राओं काे भी मिलेंगी।

सरकारी स्कूलों में कक्षा नाैंवी में अध्ययरत बालिकाओ काे सरकार द्वारा निशुल्क साइकिल वितरण की जाती हैं। प्रदेश में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन की तरह भाजपाराज में भगवा ताे कांग्रेस सरकार में काले रंग की साइकिलें बंटने की परंपरा भी हो गई है। काेराेना के कारण शैक्षणिक सत्र 2020-21 व 2021-22 की साइिकलाें का वितरण अब एक साथ होगा। प्रदेश के करीब 15 से अधिक जिलाें में साइकिलों का सामान करीब डेढ़ महीने पहले पहुंच भी गया था। चित्ताैड़ जिले से 2020-21 की 8347 व 2021-22 में नामांकित 8468 छात्राओं काे साइकिलें वितरण की डिमांड निदेशालय काे भेजी गई। अधिकारियाें के अनुसार जल्द ही साइकिलें तैयार होगी। इसी महीने या अगले माह तक वितरण होने की उम्मीद है।

पड़ताल: सत्र 2019-20 की बची 577 साइकिलें खराब हाेने की स्थिति, कहीं ताे कबाड़ में रख रखी है, भगवा रंग की साइकिलें भी, जिले के हर ब्लॉक में कुछ पुरानी साइकिलें पड़ी जंग खा रहीं

सत्र 2019-20 की बची 577 साइकिलें अभी स्कूलों में ही रखी हुई हैं। इसके दाे कारण है या ताे संबंधित स्कूल वितरण नहीं कर पाया या शेष रह गई। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सुध नहीं ली। बाद में काेराना लग गया और वितरण कार्यक्रम भी ब्रेक लग गए। शहर राजकीय बालिका उमावि में सत्र 2019-20 की 6 साइिकलें कबाड़ में रखी मिली। संभवतया यही हाल कुछ अन्य स्कूलों में भी हैं। नाेडल बड़ीसादड़ी में 74, बेगूं में 87, कपासन में 11, चित्तौडग़ढ़ में 122, निंबाहेड़ा में 73, भददेसर में 61, भूपालसागर में 18, रावतभाटा में 74, डूंगला में पांच, गंगरार नाेडल क्षेत्र के स्कूलों में 52 साइिकलें पुरानी पड़ी हैं। सूत्राें के अनुसार पिछले शासन की भगवा रंग की कुछ साइकिलें भी कुछ स्कूलों में पड़ी हैं। जिनके निस्तारण की गाेयपनीय तरीके से याेजना शीर्ष स्तर पर चल रही हैं।

जिले में सत्र 2020-21 की 8347 व 2021-22 की 8468 छात्राएं पात्र

विडंबना: हर बार आधा सत्र गुजरने के बाद साइकिल वितरण की परंपरा

सरकारी स्कूलाें में कक्षा नाैंवीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओ का आधा सत्र ताे घर से स्कूल तक पैदल या किराया राशि खर्च कर ही निकल जाता हैं। मोटी वजह शिक्षा विभाग एवं सरकार के स्तर पर टेंडर प्रक्रिया में ही ढीला रवैया होना होता है। इसी कारण हर साल आधा सत्र गुजरने के बाद ही छात्राओ काे निशुल्क साइिकलें वितरित की जाती हैं।

इस साल काले रंग की साइकिलें आएंगी। प्रदेश स्तर पर टेंडर हाे चुका हैं। उम्मीद है कि जल्द साइकिलें तैयार करने का सामान पहुंच जाएगा। जल्द सावितरण की कराने के प्रयास हैं। शांतिलाल सुथार, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी

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