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दुर्ग देखने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी:किले पर बढ़ी रौनक, ईद की छुट्टी पर दिखी ज्यादा भीड़, अन्य राज्यों से भी पहुंचे रहे टूरिस्ट

चित्तौड़गढ़11 दिन पहले
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दुर्ग पर पर्यटक पहुंचने लगे हैं। - Dainik Bhaskar
दुर्ग पर पर्यटक पहुंचने लगे हैं।

चित्तौड़गढ़ दुर्ग खुलने के बाद से ही पर्यटकों की आवाजाही बहुत कम रही थी, लेकिन अब धीरे-धीरे पर्यटकों के आने से दुर्ग की रौनक लौट रही है। कोरोना की दूसरी लहर जाने के बाद तीसरी लहर का खौफ इतना है कि लोग अपने घरों से निकल कर कहीं जाने की हिम्मत नहीं कर रहे थे।

कोरोना के कम होते केस को देखते हुए अब लोग भी आसपास घूमने आए हैं। वहीं, आज ईद की छुट्टी होने के कारण लोग भी ज्यादा दिखे। जिले में अभी भी मौसम की नाराजगी से पर्यटकों को थोड़ी गर्मी का सामना करना पड़ा। इस दौरान दूर पर विदेशी पर्यटकों की कमी देखने को मिली।

कोरोना के घटते केस और मानसून का मौसम होने के कारण पर्यटक अब पर्यटन स्थलों में जाने लगे हैं। दुर्ग पर हालांकि इतनी आवाजाही नहीं बढ़ी लेकिन छुट्टियों के दिनों लोगों का आना जाना बहुत बढ़ा है। लोगों इस दौरान मानसून की कमी अखरी होगी।

मास्क लगाने और गाइडलाइन के लिए पुलिस करती दिखी आग्रह

दुर्ग पर आवाजाही बढ़ते देख पुलिस ने अपना पहरा भी सख्त कर दिया है। गाड़ियों की चेकिंग और कोरोना गाइडलाइन पर भी नजर रखी जा रही थी। दुर्ग स्थित कालिका माता मंदिर के बाहर भी लगातार मास्क लगाने का आग्रह किया जा रहा था। पुलिस ने पाडनपोल से ही चेकिंग शुरू कर दी थी। किले के प्रथम दरवाजे को पार करने से पहले भी पुलिस ने गाड़ी चालकों को गाइडलाइन की पालना करने की हिदायत दी।

कालिका माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़।
कालिका माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़।

अब बेफिक्र होकर जा सकते है कीर्तिस्तंभ और विजयस्तम्भ

लॉकडाउन के बाद कोरोना का असर अब धीरे धीरे खत्म होता दिखाई दिया। लोग दूर दूर से दुर्ग पर घूमने के लिए आए। इस दौरान मध्यप्रदेश, गुजरात, पंजाब, दिल्ली से कई पर्यटक दुर्ग पहुंचे। पिछले 4-5 दिनों से लोगों के लिए बन्द पड़ा कीर्तिस्तंभ खोल दिया गया। वहीं, विजयस्तम्भ में भी तड़ित चालक का काम पूरा होने के बाद लोगों को वहां आने जाने दिया गया।

गाड़ियों की लंबी लाइन।
गाड़ियों की लंबी लाइन।

पर्यटक के आवाजाही से कारोबार को गति मिलने की उम्मीद

पर्यटकों के आवाजाही से दुर्ग प्रशासन के साथ यहां काम कर रहे परिवारों के चेहरे खिल गए। गाइड, फोटोग्राफर, ठेले वाले, ऑटो वाले, ड्रेस वाले, घोड़े वाले सब उत्साहित दिखे। सबको फिर से एक बार कारोबार अच्छा चलने की उम्मीद हैं।

बारिश के मौसम में यहां पीक टाइम होता है। पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। लेकिन दो सालों से यहां पर्यटकों की संख्या कम होने से सबको काफी परेशानियां हुई हैं। हालांकि अब वापस लाइफ पटरी पर आती दिख रही है।

नाश्ता सेंटर चटकारे लगाते पर्यटक
नाश्ता सेंटर चटकारे लगाते पर्यटक
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