आज लगेगा गुलाब बाबा का मेला:हजारों लोग करेंगे बाबा के दर्शन, मंदिर में जलती है अखंड जोत

गुलाबपुरा14 दिन पहले
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गुलाबपुरा में सोमवार को गुलाब बाबा का भव्य मेले का आयोजन हो रहा है। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ेगी। गुलाब बाबा ने खारी नदी तट पर मेवाड़ की पवित्र भूमि पर धुनि जमाकर तपस्या में लीन हो गए थे। आगे चलकर गुलाब बाबा के नाम पर ही शहर का नामकरण गुलाबपुरा के नाम से हुआ था।

महंत मिश्रीनाथ महाराज ने बताया कि गुलाब बाबा का जन्म करीब 400 वर्षों पूर्व अजमेर के भिनाय कस्बे में सनाढ्य तिवारी परिवार में हुआ था। गुलाब बाबा 18 साल की उम्र में अपने साथी दिलीप के साथ घर से निकल गए थे। दोनों जी निमरावल बाबा निमेश्वर के वहां शिष्य बन गए। दोनों ने गुरु के पास गुरुद्वारे में महादेब मंदिर के पास धुनिया जलाकर 12 सालों तक अखंड तपस्या की। जिसके बाद गुलाब बाबा ने खारी नदी के तट पर मेवाड़ की पवित्र भूमि पर धूनी रमा ली। आज भी गुलाब बाबा के मंदिर में अखंड जोत के रूप में प्रज्वलित है।

गुलाबपुरा में गुलाब बाबा का मंदिर बना हुआ है। जंहा कस्बे का प्रत्येक परिवार अपने परिवार की खुशी व त्योंहारों में आशीर्वाद लेने व जोत के दर्शन को जाते है। प्रत्येक साल की तरह 19 सितंबर को गुलाब बाबा का भव्य मेले का आयोजन हो रहा है। मेले में आसमान छूती डॉलर, बड़े बड़े झूले व कई आकर्षक साज सामानों की दुकान व खाने पीने की दुकानों और हजारों लोग गुलाब बाबा के दर्शन कर मेले का आनन्द उठाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में गुलाब बाबा की धूनी पर काफी विकास कार्य हुए जिसमें मंदिर का जीर्णोद्धार, बड़ा तोरण द्वार, कम्युनिटी हॉल व फव्वारा भी लगाया गया। वही धूनी पर कलर पेवर ब्लॉक भी लगाए गए।

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