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स्वास्थ्य सुरक्षा:72 साल की महिला कोरोना पॉजीटिव थीं, बीपी व शुगर भी बढ़ा, आयुर्वेदिक उपचार ने दी राहत

मांडल6 दिन पहले
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  • पोस्ट कोविड बीमारियाें ने घेरा ताे तीन महीने तक बेड पर रहीं, ऐसे और भी मरीज ठीक हुए

काेराेना महामारी की चपेट में आए कई लाेगाें काे अन्य बीमारियाें का भी सामना करते हुए इलाज में लाखाें रुपए खर्च करने के बावजूद राहत नहीं मिली। इसके विपरीत शहर की आरसी व्यास काॅलाेनी की 72 साल की बुजुर्ग महिला ने पोस्ट कोविड परेशानियों के कारण तीन महीने तक बेड पर रहने के बाद आयुर्वेदिक उपचार के जरिये बीपी और शुगर जैसी बीमारियाें से भी जंग जीत ली।

आरसी व्यास काॅलाेनी निवासी प्रेमदेवी सुवालका काे मई में काेराेना हुआ था। ज्यादा उम्र के कारण काफी परेशानी आई। ऑक्सीजन लेवल गिरने के कारण सिलेंडर पर रहना पड़ा। कोरोना के दौरान ज्यादा स्टेरॉयड लेने से शरीर भी काला पड़ गया। ब्लड प्रेशर और शुगर भी बढ़ गया। महंगा इलाज करवाने के बावजूद राहत नहीं मिल रही थी। डॉक्टर्स ने जीने की उम्मीद बहुत कम बताई थी। इस बीच प्रेमदेवी सुवालका के परिजन इलाज के लिए माणिक्यनगर में आयुर्वेद चिकित्सक डाॅ. यशवर्धन बिड़ला से मिले। परिजनाें के अनुसार उन्हें विश्वास था कि आयुर्वेद के नियमित इलाज से निश्चित ही राहत मिलेगी। यही साेचकर उन्होंने जुलाई की शुरुआत में इलाज शुरू करवाया। देखते ही देखते प्रेमदेवी की स्थिति में काफी सुधार हुआ। करीब दो महीने के प्रयास से 72 वर्षीय प्रेमदेवी सुवालका के स्वास्थ्य में काफी हद तक सुधार नजर आया। अब प्रेमदेवी पूरी तरह स्वस्थ हाे चुकी हैं।

इन राेगाें का प्रभावी उपचार आयुर्वेद पद्धति में, एलाेपैथी में कम राहत
कोराेना महामारी के दाैरान मरीजाें काे काफी गंभीर रोगाें से जूझना पड़ा। एलाेपैथी के साथ-साथ इन राेगाें का प्रभावी उपचार आयुर्वेद पद्धति के जरिये भी संभव है। प्रेमदेवी इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। इसके लिए लाेगाें काे अपना झुकाव आयुर्वेद की तरफ करना चाहिए।
-डॉ. यशवर्धन बिड़ला, आयुर्वेदिक चिकित्सक

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