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महेश जयंती:काेराेना काल में विधवा हुईं तीन जिलों की 250 माहेश्वरी बहनों काे हर माह रुपए 1000 की सहायता

भीलवाड़ाएक महीने पहले
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  • शहर के श्रीगाेपाल राठी ने पिता की स्मृति में 3 महीने पहले ट्रस्ट बनाकर शुरू किया सेवा कार्य
  • अात्मनिर्भर बनाने के लिए देंगे सिलाई प्रशिक्षण

आत्मिक संतुष्टि के लिए परमार्थ की सेवा सबसे सरल उपाय है। इसके लिए मन में इच्छा भी जरूरी है। इसी काे दृष्टिगत रखते हुए भीलवाड़ा के श्रीगाेपाल राठी परिवार ने काेराेना काल में विधवा हुई माहेश्वरी समाज की 3 जिलाें की करीब 250 बहनाें काे पिता की स्मृति में करीब 3 महीने पहले श्रीचंदनमल श्रीगाेपाल राठी चेरिटेबल ट्रस्ट का गठन कर एक-एक हजार रुपए सहायता स्वरूप उनके खाताें में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जा रहा है। यही नहीं ट्रस्ट जरूरतमंद बच्चाें काे निशुल्क शिक्षा दिलाने के साथ ही पुष्कर में अन्न क्षेत्र भी चलाया जा रहा है, जहां राेज सुबह-शाम 150 से 200 जरूरतमंदाें काे निशुल्क भाेजन कराया जा रहा है।

ट्रस्ट के मुखिया श्रीगाेपाल राठी बताते हैं कि कथा-प्रवचन में संताें द्वारा कमाई का कुछ हिस्सा परमार्थ की सेवा पर खर्च करने की दी गई सीख से प्रेरित हाेकर उन्हाेंने पिछले दिनाें अपने पिता चंदनमल राठी की स्मृति में ट्रस्ट का गठन कर सेवा कार्य शुरू किया। सेवा के तहत माहेश्वरी समाज की विधवा बहनाें काे प्रति माह एक-एक हजार रुपए देने का निर्णय करते हुए आवेदन मांगे गए।

पहले भीलवाड़ा जिले की बहनाें से आवेदन लिए, लेकिन उसके बाद अजमेर व चित्ताैड़ जिलाें से भी आवेदन मिलने लगे ताे भीलवाड़ा के साथ चित्ताैड़ व अजमेर जिले की बहनाें काे भी इसमें जाेड़कर आवेदन लिए तथा फरवरी में प्रथम बार 70 बहनाें के खाताें में एक-एक हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। धीरे-धीरे आवेदनाें की संख्या बढ़ती गई और इस महीने करीब 250 बहनाें के खाताें में राशि ट्रांसफर की गई।

आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब दिया जाएगा सिलाई प्रशिक्षण...ट्रस्ट द्वारा अब इन बहनाें काे आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई सहित अन्य विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्राप्त आवेदनाें में से बहनाें की शिक्षा आदि की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके पूरा हाेते ही सिलाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू कर दिया जाएगा। केंद्र में पुरुषाें व महिलाओं के साथ ही बच्चाें के कपड़े सिलना सिखाया जाएगा। साथ ही उनकी मार्केटिंग काे भी प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रस्ट द्वारा 13 बच्चाें काे छापरी स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल में निशुल्क शिक्षा दिलाई जा रही है।

प्राथमिकता माहेश्वरी बहनें, पर दूसरे समाज की जरुरतमंद बहनाें काे भी कर सकते हैं शामिल

राठी का कहना हैं कि सहायता राशि देने में प्राथमिकता माहेश्वरी बहनाें काे ही दी जा रही है, लेकिन दूसरे समाज की किसी बहन काे सहायता की जरूरत हैं ताे उसे भी इसमें शामिल किया जा सकता है। वर्तमान में भीलवाड़ा की करीब 200 व चित्ताैड़ व अजमेर जिले की 25-25 बहनाें काे हर महीने सहायता स्वरूप एक-एक हजार रुपए ऑनलाइन उनके खाताें में ट्रांसफर किए जा रहे है।

अब तक आवेदन करने वालाें में 38 से 80 साल तक की बहनें शामिल है। राशि हर महीने की 10 तारीख काे ट्रांसफर की जाती है। राठी सेवा कार्य में समाज के महावीर समदानी व सुशील मराेटिया का भी सहयाेग ले रहे है। जरूरतमंद बहनाें से आवेदन के साथ आधारकार्ड,बैंक खाते की फाेटाे काॅपी व फाेटाे ली जा रही है।

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