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समाराेह:संयम के पथ पर बढ़े 4 मुमुक्षुओं का सम्मान, इनमें एमए गाेल्ड मेडलिस्ट युवा से लेकर दसवीं की परी शामिल

भीलवाड़ाएक महीने पहले
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  • सुभाषनगर जैन स्थानक में हुआ समाराेह, दीक्षार्थियाें ने समाजजनाें से दीक्षा के साक्षी बनने का

महाराष्ट्र के मुंबई, गुजरात के सूरत, राजस्थान के विजयनगर व फलीचड़ा में संयम का ताज पहनने जा रहे चार दीक्षार्थी भाई-बहनाें का शनिवार सुबह सुभाषनगर स्थित जैन स्थानक में गाेद भरकर सम्मान किया। चाराें मुमुक्षुओं जितेश भंडारी, आनंद पाेखरना, ज्याेत्सना राठाैड़ व परी जैन की फरवरी से अप्रैल के बीच अलग-अलग जगह दीक्षा हाेगी।

समाराेह में साध्वियाें ने जयकाराें के बीच संयम का महत्व बताते हुए कहा कि यह अंतर में लीन हाेने की अनूठी कला है। इसे सीखकर ही महावीर की पाठशाला में शामिल हाे पाएंगे। समाराेह में साध्वी किरणश्री, मुक्ति प्रभा, साध्वी सुभाषा आदि ने दीक्षार्थी भाई-बहनाें काे संयम का पथ अंगीकार करने पर बधाई दी।

दीक्षा लेना सहज है, पर उस मार्ग पर चलना मुश्किल। समारोह में दीक्षार्थी जितेश भंडारी, आनंद पाेखरणा, ज्याेत्सना राठौड़ व परी जैन ने समाजजनाें काे दीक्षा में शामिल हाेने का आमंत्रण दिया। इसके बाद सुभाषनगर के अध्यक्ष हेमंत कोठारी के नेतृत्व में मंत्री अमरचंद दुग्गड़, ज्ञानप्रकाश सांखला, महिला मण्डल की नेहा छाजेड़, लीला कोठारी, शकुंतला खमेसरा आदि ने शाॅल, माला, श्रीफल देकर अभिनंदन किया।

महिला मंडल की बहनाें के स्वागत गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अहिंसा भवन के अध्यक्ष अशोक पाेखरणा, हेमन्त आंचलिया, पारसमल पीपाड़ा, शांतिभवन के अध्यक्ष अभय चपलोत, मंत्री रिखबचंद पीपाड़ा, अरिहंत भवन से आर के जैन, शांतिलाल खमेसरा, कांचीपुरम से सुरेन्द्र सुराणा, राजेन्द्र बिराणी, बापूनगर से चन्दनमल संचेती, भूपेंद्र मोगरा, सुरेश बम्ब,पार्षद मंजू पाेखरणा, महिला जैन कॉन्फ्रेंस की प्रांतिया अध्यक्ष पुष्पा गौखरू, स्नेहलता धारीवाल, सदभावना सेवा ट्रस्ट से कमला चौधरी, निर्मला बूलिया, मंजू खटवड़, गुणमाला बोहरा सहित आदि ने गोद भर, तिलक लगाकर अभिनन्दन किया।

मुमुक्षु जितेश : 24 फरवरी काे सूरत में हाेगी दीक्षा ...दनगंज-किशनगढ़ निवासी व 1990 में जन्मे इतिहास में एमए मुमुक्षु जितेश भंडारी की 24 फरवरी काे गुजरात के सूरत में मुनिश्री प्रेमचंद के सानिध्य में दीक्षा हाेगी।

उनका वैराग्य काल चार साल का है। आध्यात्मिक अध्ययन में 25,67, 33,40 व 58 बाेल, क्रम ग्रंथ, भाग एक-दाे के थाेकड़े, कर्म,लघु दंडक, 33 चाैकड़ी भगवती पन्नवणा के थाेकड़े एवं धार्मिक परीक्षाएं। 5,6,8, 9 व 11 उपवास, एकातंर व कई बेले-तेले आदि शामिल है।

आनंद : दीक्षा 25 अप्रैल काे मुंबई
चेन्नई निवासी व बीकाॅम-मिनी एमबीए 21 वर्षीय मुमुक्षु आनंद पाेखरणा की 25 अप्रैल काे मुंबई में मुनिश्री प्रेमचंद के सानिध्य में ही दीक्षा हाेगी। पाेखरणा के धार्मिक अध्ययन में 18 आगम, 6 आचारांग, सूत्रकृतांग, 6 अंतगड़ दशा, 4 छेद सूत्र, 3 मूल सूत्र व एक आवश्यक सूत्र। इसके अलावा तत्वार्थ सूत्र, कर्म ग्रंथ एक से 6, पन्नवणा व भगवती के 50 थाेकड़े शामिल है। वैराग्य काल सवा दाे साल है। वे करीब 1500 किमी की विहार यात्रा कर चुके है।

ज्याेत्सना : विजयनगर में 16 फरवरी काे
काेयंबटूर निवासी व इंग्लिश मीडियम से बी काॅम, एमए जेनाेलाॅजी गाेल्ड मेडलिस्ट मुमुक्षु ज्याेत्सना की 16 फरवरी काे विजयनगर में प्रवर्तिनी डाॅ. ज्ञानलता के सानिध्य में दीक्षा हाेगी। 1992 में जन्मी ज्याेत्सना काे आगम कंठस्थ, दशवेकालिक, उत्तराध्यन प्रथम श्रृत, सुख विपाक, पुच्छिसुणं, आवश्यक सूत्र स्कंध, उववाई की गाथाएं, अनुत्तराेपपातिक सूत्र, नंदी सूत्र याद है। वैराग्य काल करीब सात साल का है। 1500 किमी पदयात्रा की है।

परी : फलीचड़ा में 24 फरवरी काे दीक्षा
पंजाब के भटिंडा की परी दसवीं की छात्रा है। करीब 16 साल की परी पिछले दाे साल से गुरुजनाें के सानिध्य में हैं। मुमुक्षु परी की 24 फरवरी काे नाथद्वारा के पास फलीचड़ा में साध्वी किरणश्री के सानिध्य में दीक्षा हाेगी। वह आत्मज्ञान के साथ ही जैन धार्मिक अध्ययन भी कर रही हैं। दीक्षार्थियाें में सबसे छाेटी परी ने कहा कि ज्ञानदर्शन व तप की आराधना के लिए संयम जीवन अंगीकार कर रही है, जाे केवल साधु-साध्वियाें के साथ रहकर ही किया जा सकता है।

तेरापंथ भवन में किया मुमुक्षु प्राची का बहुमान
श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के तत्वावधान व साध्वी अर्हमव्रताश्री की निश्रा में शनिवार काे नागौरी गार्डन स्थित तेरापंथ सभा भवन में मुमुक्षु प्राची का बहुमान किया गया। ट्रस्टी अनिल गुगलिया ने बताया कि कार्यक्रम में तेजसिंह नाहर, मुकनराज बोहरा, अंजना मेहता ने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर मुमुक्षु प्राची ने कहा कि साध्वी अर्हमव्रताश्री आदि ठाणा 3 का नगर पिपलोनकला में वर्षीतप पारणा पर आना हुआ। उस समय उनसे वैराग्यवाणी सुनकर मेरे संयम जीवन के भाव प्रबल हुए तब से मैं साध्वीश्री के पास रहकर धार्मिक अध्ययन कर रही हूं।

20 वर्षीय प्राची ने बीकाॅम प्रथम वर्ष तक शिक्षा प्राप्त की। पंच प्रतिक्रमण, नवस्मरण, जीविचार, नवतत्व आदि का धार्मिक अध्ययन किया है। अन्वी नागौरी ने संयम जीवन पर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की,जिसका बहुमान श्रीसंघ द्वारा किया गया।

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