पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सावधान:खांसी-जुकाम के 5 हजार मरीज, राेज सिर्फ 400 जांच, मास्क भी अब गले पर आ गया

भीलवाड़ा10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोरोना देश के कई जिलों में लौट रहा है इसलिए यह वक्त लापरवाही नहीं सतर्क रहने का है

पिछले कुछ दिनों में देश के कई जिलों में कोरोना दोबारा लौटने लगा है। इसलिए यह वक्त लापरवाही नहीं सतर्कता का है। क्योंकि भीलवाड़ा में इस वक्त पांच हजार से ज्यादा खांसी, जुकाम के मरीज रोज आ रहे हैं। जबकि रोज जांच सिर्फ 350 से 400 तक ही हो रही है। इनमें रोज औसत पांच से 10 कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। हालांकि सुकून वाली बात ये है कि अभी वैक्सीनेशन भी हो रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में अभी करीब 5 हजार से अधिक सर्दी खांसी व जुकाम के मरीजों में औसत 700 मरीज अस्पताल तक आ रहे हैं। इनमें से करीब 400 की कोरोना सैंपल लेकर जांच की जा रही है। लाेग अभी भी इसलिए सर्दी खांसी व जुकाम हाेने पर अस्पताल नहीं जा रहे है क्याेंकि उन्हें काेराेना की जांच नहीं करवानी पड़े।

एमजी अस्पताल में औसत हर दिन 30 से 35 सर्दी जुकाम के मरीज आ रहे हैं। उन सब काे काेराेना की जांच करवाने के लिए कहा जाता है, जिसमें भी कई जांच करवाते भी नहीं हैं। जिले में रोज 1200 जांच एक दिन करने वाली क्षमता वाली लैब है।

अभी करीब चार हजार मास्क बिक रहे, पहले यह आंकड़ा 60 हजार के पार था
काेराेना मरीज कम मिलने के बाद से ही मास्क व सेनेटाइजर की बिक्री में कमी आई है। भीलवाड़ा डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव राकेश काबरा ने बताया कि काेराेना के लाॅकडाउन के बाद जब अनलाॅक हुआ तब हर दिन सर्जिकल मास्क जिले में 60 हजार के आस पास बिक जाते थे, लेकिन अब हर दिन 3 से 4 मास्क ही बिक रहे हैं।

जिले में पहले 12 से 15 हजार सेनेटाइजर हर दिन बिकते थे। अब केवल 400 से 500 से बिक रहे हैं। इसमें भी 100 एमएल की पैंकिग अधिक मांग रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में भी कई कर्मचारी और अधिकारी बिना मास्क नजर आ रहे हैं।

साेशल डिस्टेंसिंग के लिए लगाए गाेले भी मिट गए : काेराेना लाॅकडाउन के बाद अनलाॅक हाेने से पहले दुकानाें सहित जहां पर अधिक भीड़ रहती है वहां पर साेशल डिस्टेंसिंग की पालना के लिए गाेले बनाए थे। वाे गाेले 6 महीने तक ताे रहे, लेकिन अब वह नजर नहीं आते है। अस्पतालाें में भी लाेग इन दूरी बनाकर नहीं रखते हैं।

लापरवाही का नतीजा...महाराष्ट्र में कोरोना की रफ्तार फिर तेज हुई, रोजाना 6000 मरीजों की हो रही पहचान
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की रफ्तार फिर तेज हो रही है। फरवरी के पहले और दूसरे हफ्ते में यहां रोजाना ज्यादा से ज्यादा 2,000 मरीजों की पहचान हो रही थी, लेकिन अब यह आंकड़ा 6,000 के पार हो गया है। यहां कई शहरों में राज्य सरकार ने फिर से सख्ती शुरू कर दी है।
काेराेना काे हराने की तैयारी भी...केंद्र सरकार ने दिए टेस्टिंग बढ़ाने के आदेश, अभी औसतन 6 लाख की जांच
पूरे देश में हर दिन होने वाली टेस्टिंग में पिछले एक महीने में 5 लाख की गिरावट दर्ज की गई है। दिसंबर तक जहां, हर दिन 11 लाख के करीब लोगों की जांच होती थी, वहां अब औसतन 6 लाख लोगों का टेस्ट हो रहा है। राज्यों में कोरोना का केस बढ़ने का एक बड़ा कारण टेस्टिंग की संख्या कम करना भी है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर टेस्टिंग बढ़ाने का आदेश दिया है।

खतरा अभी टला नहीं है। काेराेना काे लेकर लाेगाें काे जागरूक रहने की जरूरत है। प्राेपर तरीके से मास्क लगाए साथ ही साेश्यल डिस्टेंसिग का भी पालन करना चाहिए। हाथाें काे भी साफ रखना है। वैक्सीन आने के साथ ही हमें सर्तक रहना है, जिससे काेराेना पास में भी नहीं आ पाए। मास्क व साेश्यल डिस्टेसिंग बहुत ही जरूरी है।
- डाॅ. संजीव मिश्रा, डायरेक्टर, एम्स जाेधपुर

जिस तरह से अलग-अलग जगहाें से मरीज बढ़ने की जानकारी आ रही हैं उससे हमें यह समझ हाेगा कि काेराेना का खतरा टला नहीं है। अभी बेहद सतर्क रहते हुए सभी नागरिकाें काे काेराेना गाइडलाइन की पालना सख्ती से करनी होगी। मास्क, दो गज की दूरी जैसे नियमों को अपनाकर हम संभावित खतरे से बच सकते हैं।
- डाॅ. अरुण गाैड़, पीएमओ, एमजी अस्पताल

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आर्थिक योजनाओं को फलीभूत करने का उचित समय है। पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमता अनुसार काम करें। भूमि संबंधी खरीद-फरोख्त का काम संपन्न हो सकता है। विद्यार्थियों की करियर संबंधी किसी समस्...

    और पढ़ें